Protean eGov Technologies IPO: 10 पॉइंट में जानें प्राइस बैंड, जरूरी डेट, साइज, रिजर्व हिस्से समेत सभी जरूरी डिटेल्स
Protean eGov Technologies को पहले NSDL ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से जाना जाता था। कंपनी, सरकार के साथ कोलैबोरेशन में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएट करती है और सिटीजन सेंट्रिक ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस डेवलप करती है। Protean eGov Technologies को वित्त वर्ष 2022-23 में 107.04 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था
Protean eGov Technologies के शेयर 17 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
सिटीजन-सेंट्रिक ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस डेवलपर Protean eGov Technologies अपना IPO लेकर आ रही है। यह अगले सप्ताह से खुलने जा रहा है। आज यानी 3 नवंबर को यह इश्यू एंकर निवेशकों की बोली के लिए खुला है। Protean eGov Technologies को पहले NSDL ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम से जाना जाता था। कंपनी, सरकार के साथ कोलैबोरेशन में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्रिएट करती है और सिटीजन सेंट्रिक ई-गवर्नेंस सॉल्यूशंस डेवलप करती है। यह भारत सरकार के 7 मंत्रालयों में 19 प्रोजेक्ट डेवलप और इंप्लीमेंट कर चुकी है। Protean eGov Technologies, टैक्स इनफॉरमेशन नेटवर्क, PAN प्रोसेसिंग, NPS और अटल पेंशन योजना के मैनेजमेंट जैसी ई-गवर्नेंस सर्विसेज के प्रोविजन में मार्केट लीडर बनी हुई है।
आइए 10 पॉइंट के जरिए जानते हैं Protean eGov Technologies के पब्लिक इश्यू से जुड़ी सभी जरूरी डिटेल्स...
ओपनिंग और क्लोजिंग डेट
IPO 6 नवंबर को खुलने जा रहा है। निवशकों के पास 8 नवंबर तक बोली लगाने का मौका रहेगा।
प्राइस बैंड
IPO के लिए प्राइस बैंड 752-792 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है।
IPO साइज
Protean eGov Technologies ऊपरी प्राइस बैंड पर 61.91 लाख इक्विटी शेयरों के IPO से 490.3 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। इस इश्यू में केवल ऑफर-फॉर-सेल (OFS) रहेगा, जिसके तहत 360 वन स्पेशल अपॉर्च्युनिटीज फंड, एनएसई इन्वेस्टमेंट्स, HDFC बैंक, एक्सिस बैंक, डॉयचे बैंक एजी और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया सहित कई निवेशक शेयरों को बिक्री के लिए रखेंगे। इसलिए इश्यू के माध्यम से जुटाया गया सारा पैसा, शेयर बिक्री करने वाले शेयरधारकों के पास जाएगा।
रिजर्व हिस्से की डिटेल
इस ऑफर में कंपनी के कर्मचारियों के लिए 1.5 लाख इक्विटी शेयरों को रिजर्व रखा गया है। उन्हें ये शेयर फाइनल ऑफर प्राइस से 75 रुपये प्रति शेयर के डिस्काउंट पर मिलेंगे। कर्मचारियों के लिए रिजर्व हिस्से को निकालने के बाद बचा हिस्सा नेट इश्यू या नेट ऑफर है। नेट इश्यू का आधा हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए और 15 प्रतिशत हाई नेट वर्थ वाले लोगों के लिए रिजर्व किया गया है। शेष 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए अलग रखा गया है। निवेशक 18 इक्विटी शेयरों के लॉट में बोली लगा सकते हैं।
शेयरों का अलॉटमेंट
IPO क्लोज होने के बाद 13 नवंबर तक IPO शेयरों के अलॉटमेंट को अंतिम रूप दिया जा सकता है। इक्विटी शेयर 16 नवंबर तक पात्र निवेशकों के डीमैट खातों में जमा किए जाएंगे।
IPO शेड्यूल के अनुसार, Protean eGov Technologies के शेयर 17 नवंबर को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं।
मर्चेंट बैंकर्स की डिटेल
ICICI सिक्योरिटीज, इक्विरस कैपिटल, IIFL सिक्योरिटीज और नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया) इस इश्यू के लिए मर्चेंट बैंकर हैं।
वित्तीय स्थिति
Protean eGov Technologies को वित्त वर्ष 2022-23 में 107.04 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट हुआ था। इस दौरान ऑपरेशंस से रेवेन्यू बढ़कर 742.2 करोड़ रुपये हो गया। वित्त वर्ष 2021-22 में मुनाफा 143.9 करोड़ रुपये और ऑपरेशंस से रेवेन्यू 690.9 करोड़ रुपये रहा था। जून FY24 तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि के 21.3 करोड़ रुपये की तुलना में बढ़कर 32.2 करोड़ रुपये हो गया। जून तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 156.75 करोड़ रुपये से बढ़कर 220.4 करोड़ रुपये हो गया।
ग्रे मार्केट प्रीमियम
ग्रे मार्केट में Protean eGov Technologies के शेयर 14 प्रतिशत के प्रीमियम पर उपलब्ध हैं। ग्रे मार्केट एक अनाधिकृत प्लेटफॉर्म है, जहां IPO शेयरों को उनकी शेयर बाजार में लिस्टिंग से पहले खरीदा और बेचा जा सकता है।
a) Protean काफी हद तक सरकारी संस्थाओं और एजेंसियों के प्रोजेक्ट्स पर निर्भर है।
b) यदि कंपनी टेक्नोलॉजी और उद्योगों में तेजी से बदलाव के साथ तालमेल बनाए रखने के लिए नई सेवाओं का अनुमान लगाने और उन्हें विकसित करने, मौजूदा सेवाओं को बढ़ाने में विफल रहती है तो व्यवसाय को नुकसान होगा।
c) क्लाइंट कॉन्ट्रैक्ट्स को आम तौर पर बिना किसी कारण के समाप्त किया जा सकता है, जो इसके रेवेन्यु और प्रॉफिटेबिलिटी पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकता है।
d) कंपनी के खिलाफ 179.3 करोड़ रुपये के मुकदमे लंबित हैं।
e) इसका बिक्री साइकिल लंबा है और इसके नियंत्रण से बाहर कई कारकों पर निर्भर करता है।
f) गोपनीय जानकारी और संवेदनशील डेटा के अनजाने में डिस्क्लोजर के कारण होने वाले नुकसान के लिए कंपनी अपने ग्राहकों या रेगुलेटर्स के प्रति उत्तरदायी हो सकती है।
g) यदि कंपनी अपनी बौद्धिक संपदा और मालिकाना जानकारी की रक्षा करने में असमर्थ रहती है, तो व्यवसाय, वित्तीय स्थिति, कैश फ्लो और संचालन के परिणामों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।