रेनबो चिल्ड्रेंस मेडिकेयर (Rainbow Children's Medicare) का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) अपने आखिरी दिन तक 12.43 गुना सब्सक्राइब हुआ है। कंपनी को उसके 2.05 करोड़ शेयरों वाले IPO के बदले 25.49 करोड़ शेयरों के लिए बोली मिली। कंपनी का IPO 27 अप्रैल को खुला था और इसके लिए बोली लगाने की आखिरी तारीख 29 अप्रैल थी। आखिरी दिन सब्सक्रिप्शन में आई तेज उछाल के बाद अब निवेशकों की निगाह पर अब IPO की लिस्टिंग पर टिकी है, जो 5 मई को होने की उम्मीद है।
IPO को लेकर कैसा निवेशकों का रुख?
रेनबो चिल्ड्रेंस मेडिकेयर (Rainbow Children's Medicare) के IPO को लेकर रिटेल निवेशकों ने खास उत्साह नहीं दिखाया और उन्होंने अपने कोटे के शेयरों के लिए 1.38 गुना अधिक बोली लगाई। वहीं कर्मचारियों के लिए आरक्षित शेयरों का सिर्फ 31 फीसदी हिस्सा भरा। कंपनी को सबसे अधिक बोली क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) से मिली जिन्होंने अपने हिस्से के शेयरों के लिए 38.9 गुना अधिक बोली लगाई है। इसके अलावा नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने अपने हिस्से में 3.73 गुना अधिक बोली लगाई। कंपनी अपने IPO से 1,595 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है।
अनलिस्टेड मार्केट पर नजर रखने वाले जानकारों के मुताबिक, रेनबो चिल्ड्रेंस मेडिकेयर के शेयर का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) आज 7 रुपये बढ़कर 33 रुपये पर पहुंच गया है। शुक्रवार को इसका ग्रे मार्केट प्रीमियम 26 रुपये था। जानकारों ने बताया, ऐसा लगता है कि आखिरी दिन कंपनी के सब्सक्रिप्शन में आए उछाल से इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में मजबूती आई है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इसका GMP कैसा रहेगा, यह काफी हद बाजार के सेंटीमेंट से तय होगा। अगर शेयर बाजार में अगले हफ्ते तेजी आती है तो इसके ग्रे मार्केट प्रीमियम यानी GMP में भी उछाल देखने को मिल सकती है।
बाजार जानकारों का कहना है कि GMP एक अनौपचारिक डेटा है, जो IPO की लिस्टिंग को लेकर एक संकेत देता है। उदाहरण के लिए रेनबो चिल्ड्रेंस मेडिकेयर के आईपीओ का जीएमपी अभी 33 रुपये है। इसका मतलब है कि ग्रे मार्केट इस आईपीओ को इसके इश्यू प्राइस 33 रुपये अधिक यानी 575 रुपये पर लिस्ट होने की उम्मीद कर रहा है, जो इसके 542 रुपये के इश्यू प्राइस से करीब 6 फीसदी अधिक है। रेनबो चिल्ड्रेंस मेडिकेयर ने आईपीओ के लिए 516 से 542 रुपये का प्राइस बैंड रखा है।
हालांकि जानकारों का यह भी कहना है कि यह पूरी तरह अनौपचारिक डेटा है और लिस्टिंग को लेकर कोई सटीक संकेतक भी नहीं है। जीएमपी का कंपनी की वित्तीय स्थिति से भी कोई लेना-देना नहीं होता है। ऐसे में जानकार यह चेतावनी देते हैं किसी को भी कंपनी के फंडामेंटल को ध्यान में रखकर ही IPO में निवेश करना चाहिए क्योंकि ग्रे मार्केट प्रीमियम कभी भी बदल सकता है।
रेनबो चिल्ड्रेंस मेडिकेयर लिमिटेड, बच्चों के अस्पताल की मल्टी-स्पेशियालिटी चेन है। 20 दिसंबर 2021 तक के आंकड़ों के मुताबिक, Rainbow Children's Medicare के पास देश के छह शहरों में 14 अस्पतालों और तीन क्लीनिक हैं। इन अस्पतालों की कुल बेड कैपिसिटी 1,500 की है। कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी, जेपी मॉर्गन इंडिया और IIFL सिक्योरिटीज इस IPO के बुक रनिंग लीड मैनेजर हैं।