रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स ने अपने आईपीओ के लिए 17 बैंकों को नियुक्त किया है। ये बैंक कंपनी के आईपीओ का प्रबंधन करेंगे। कंपनी आईपीओ से कोई नया फंड जुटाने नहीं जा रही है। मामले से जुड़े चार सूत्रों ने यह जानकारी दी। रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज ग्रुप की कंपनी है। यह टेलीकॉम सेवाएं ऑफर करती है।
यह आईपीओ सिर्फ ऑफर फॉर सेल होगा
सूत्रों ने बताया कि यह आईपीओ 'ऑफर फॉर सेल' (OFS) होगा। इसका मतलब है कि रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म्स के मौजूदा शेयरहोल्डर्स इस आईपीओ के जरिए अपने शेयर बेंचेंगे। कंपनी इनवेस्टर्स को नए शेयर इश्यू नहीं करेगी। इससे आईपीओ के जरिए कंपनी के पास कोई फंड नहीं आएगा। रिलायंस ने इस बारे में रायटर्स के सवालों के जवाब नहीं दिए।
कई बड़े निवेशकों का रिलायंस जियो में निवेश
जियो ने पिछले छह सालों में कई नई सेवाएं शुरू की हैं। इसने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में भी एंट्री की है। कंपनी ने दुनिया के कई बड़े निवेशकों से फंड जुटाए हैं। इनमें KKR, General Atlantic, Silver Lake और Abu Dhabi Investment Authority जैसे इनवेस्टर्स शामिल हैं।
4 अरब डॉलर से ज्यादा का हो सकता है आईपीओ
बैंकों की नियुक्ति से रिलायंस जियो प्लेटफॉर्म की पेरेंट कंपनी रिलायंस जियो ने आईपीओ की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ा दिया है। रिलायंस जियो के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं। रिलायंस जियो का आईपीओ 4 अरब डॉलर से ज्यादा का हो सकता है। यह देश का सबसे बड़ा आईपीओ हो सकता है।
इस महीने सेबी के पास एप्रूवल के लिए अप्लाई करने का प्लान
जियो ने जिन 17 एडवाइजर्स को नियुक्त किया है, उनमें अमेरिकी बैंक सिटीग्रुप, गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, बैंक ऑफ अमेरिका और जेपी मॉर्गन, भारतीय इनवेस्टमेंट बैंक एक्सिस कैपिटल, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, आईआईएफएल और कोटक महिंद्रा कैपिटल शामिल हैं। दो सूत्रों ने यह जानकारी दी। उसने बताया कि रिलायंस जियो इस महीने आईपीओ के लिए एप्रूवल मांग सकती है।
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