Rentomojo IPO को SEBI की मंजूरी, लेकिन NLCT में इस याचिका ने बनाई डगर कठिन

Rentomojo IPO: फर्नीचर और होम एप्लाएंसेज को रेंट पर देने वाली रेंटोमोजो को आईपीओ लाने के लिए बाजार नियामक SEBI से मंजूरी मिल गई है। इस आईपीओ के तहत नए शेयर जारी होंगे तो ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री होगी। हालांकि इस आईपीओ के रास्ते में अभी सबसे बड़ा रोड़ा इसके को-फाउंडर की एक याचिका है। डिटेल्स में पढ़ें

अपडेटेड Jul 07, 2026 पर 12:36 PM
Rentomojo IPO: रेंटोमोजो की आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी करने की योजना है। हालांकि ₹30 करोड़ के प्री-आईपीाओ प्लेसमेंट के बाद नए शेयरों का साइज हल्का हो सकता है।

Rentomojo IPO: ऑनलाइन फर्नीचर और होम एप्लाएंसेज रेंटल प्लेटफॉर्म रेंटोमोजो को बाजार नियामक सेबी (SEBI) से आईपीओ लाने की मंजूरी मिल गई है। इस इश्यू के तहत कंपनी नए शेयर जारी करेगी और साथ ही मौजूदा शेयरहोल्डर्स ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिए शेयर बेचकर कंपनी में अपनी हिस्सेदारी हल्की करेंगे। वैसे कंपनी प्री-आईपीओ प्लेसमेंट का रास्ता अपना सकती है और अगर ऐसा होता है तो नए शेयरों का इश्यू साइज उसी हिसाब से कम हो जाएगा। हालांकि इस आईपीओ को लेकर अभी पक्के तौर पर कुछ कह नहीं सकते हैं क्योंकि इसे लेकर मामला एनसीएलटी पहुंच गया।

क्या है अड़चन Rentomojo IPO के रास्ते में

रेंटोमोजो के पूर्व को-फाउंडर और COO अजय नैन ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की बेंगलुरु बेंच से आईपीओ की प्रक्रिया आगे बढ़ाने से रोकने की मांग की है। नैन ने आरोप लगाया है कि साल 2023 में उन्हें गुमराह करके उनकी 9.41% हिस्सेदारी बिकवाई गई थी और उन्होंने अपनी हिस्सेदारी वापस पाने की मांग की है। आईपीओ के ड्राफ्ट के मुताबिक कंपनी ने कैविएट दायर की है ताकि उनकी बात सुने बिना कोई आदेश जारी न हो। मामले की सुनवाई अभी होनी बाकी है।


Rentomojo IPO: खास बातें

रेंटोमोजो की आईपीओ के तहत ₹150 करोड़ के नए शेयर जारी करने की योजना है। हालांकि ₹30 करोड़ के प्री-आईपीाओ प्लेसमेंट के बाद नए शेयरों का साइज हल्का हो सकता है। इसके अलावा कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स 2.84 करोड़ इक्विटी शेयरों तक की बिक्री करने वाले हैं। ऑफर फॉर सेल के तहत बाकी शेयरहोल्डर्स के साथ-साथ प्रमोटर भी शेयर बेचेंगे। आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों के इस्तेमाल की बात करें तो ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कर्ज हल्का करने के साथ-साथ वेयरहाउसेज के लाइसेंस फीस और लीज रेंटल के पेमेंट में करेगी। कंपनी आईपीओ के पैसों का आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में भी इस्तेमाल करेगी।

कंपनी के बारे में

आईपीओ ड्राफ्ट के मुताबिक फर्नीचर और घर के सामानों को लेकर रेंटोमोजो देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन रेंटल और सब्सक्रिप्शन प्लेटफॉर्म चलाती है। FY25 में सब्सक्रिप्शन से होने वाली कमाई के आधार पर ऑर्गेनाइज्ड फर्नीचर और वॉटर प्योरफायर को छोड़ बाकी एप्लाएंसेज के रेंटल मार्केट में इसकी हिस्सेदारी 42%–47% आंकी गई। सितंबर 2025 तक देश के 22 शहरों में कंपनी के 2,27,511 एक्टिव सब्सक्राइबर थे। इसके 21 वेयरहाउस और 67 एक्सपीरियंस स्टोर हैं। सितंबर 2025 तक के आंकड़ों के मुताबिक इसके ओमनीचैनल प्लेटफॉर्म पर 7,28,773 लाइव प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो था। कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में कंपनी ₹176.6 करोड़ का ऑपरेशनल रेवेन्यू और ₹61.4 करोड़ का शुद्ध मुनाफा हासिल किया। वित्त वर्ष 2025 में कंपनी को ₹266 करोड़ का रेवेन्यू और ₹43.1 करोड़ का शुद्ध मुनाफा मिला।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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