शापूरजी पलोंजी ग्रुप की कंपनी ने 5 इनवेस्टमेंट बैंकरों को किया नियुक्त, ₹8,000 करोड़ तक का IPO लाने की योजना

शापूरजी पलोंजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji Group) के निवेश वाली दिग्गज कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग कंपनी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Afcons Infrastructure) अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इसके लिए कम से कम 5 इनेवस्टमेंट बैंकरों को नियुक्त किया है

अपडेटेड Jun 27, 2023 पर 5:15 PM
Afcons Infrastructure अपने IPO के जरिए 5,000 से 8,000 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी कर रही है

शापूरजी पलोंजी ग्रुप (Shapoorji Pallonji Group) के निवेश वाली दिग्गज कंस्ट्रक्शन और इंजीनियरिंग कंपनी एफकॉन्स इंफ्रास्ट्रक्चर (Afcons Infrastructure) अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इसके लिए कम से कम 5 इनेवस्टमेंट बैंकरों को नियुक्त किया है। मामले से वाकिफ सूत्रों ने मनीकंट्रोल को बताया कि कंपनी अपने IPO के जरिए 5,000 से 8,000 करोड़ रुपये के बीच जुटाने की तैयारी कर रही है। शापूरजी पलोनजी ग्रुप की शेयर बाजार में लिस्ट होने वाली आखिरी कंपनी स्टर्लिंग और विल्सन थी, जिसका आईपीओ अगस्त 2019 में हुआ था।

एक सूत्र ने मनीकंट्रोल को बताया, "एफकॉन्स के सौदे के लिए ICICI सिक्योरिटीज, DAM कैपिटल, नोमुरा, जेफरीज और SBI कैपिटल जैसे कई घरेलू और विदेशी बैंकों का इस्तेमाल किया है।"

उपरोक्त व्यक्तियों में से एक ने मनीकंट्रोल को बताया, "हां, एफकॉन्स ने सौदे के लिए आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, डीएएम कैपिटल, नोमुरा, जेफरीज और एसबीआई कैपिटल जैसे कई घरेलू और विदेशी बैंकों को हायर किया है।" दो अन्य व्यक्तियों ने भी इन नामों की पुष्टि की और कहा कि अभी और इनवेस्टमेंट बैंकरों के साथ चर्चा चल रही है, जिन्हें आवश्यकता पड़ने पर बाद के चरण में जोड़ा जा सकता है।


ऊपर जिन दो व्यक्तियों का जिक्र किया गया है, उनमें से एक ने विस्तार से बताया, "आईपीओ का एक बड़ा हिस्सा ऑफर-फॉर-सेल (OFS) का होगा, जिसके जरिए प्रमोटर SP ग्रुप के हिस्सेदारी बेचने की संभावना है। इसका अलाव फ्रेश शेयरों के भी एक छोटे हिस्से पर विचार किया जा रहा है। SP ग्रुप इन पैसों का इस्तेमाल अपने ऊपर लदे कर्ज को कम करने में करेगा।"

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एक चौथे व्यक्ति ने मनीकंट्रोल को बताया कि प्रोजेक्ट के आकार, पैमाना और जटिलता के मामले में, लर्सन एंड टुब्रो (L&T) के बाद एफकॉन्स निवेशकों के लिए एक अच्छा दांव हो सकता है।

इस व्यक्ति ने कहा, "वे अपने प्रोजेक्ट में अच्छे हैं और उन्होंने चुनौतीपूर्ण इलाकों में कई प्रोजेक्ट डिलिवर पूरे किए हैं। अगर लिस्टिंग की योजना में बाधा आती है या बाजार की स्थितियों के कारण आगे नहीं बढ़ पाते हैं, तो वे बिक्री पर वापस आ सकते हैं।" सभी सूत्रों ने नाम न छापने की शर्त पर मनीकंट्रोल से बात की।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SP ग्रुप की होल्डिंग कंपनी शापूरजी पलोनजी एंड कंपनी (SPCPL) पर करीब 20,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। इस कंपनी के पास टाटा संस में भी 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है।

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