JNK इंडिया लिमिटेड का 649.47 करोड़ का IPO 23 अप्रैल को खुला। ज्यादातर ब्रोकरेज फर्म इस ऑफर को सब्सक्राइब करने के पक्ष में हैं, क्योंकि इस कंपनी की स्थिति बाकी समकक्ष कंपनियों के मुकाबले मजबूत है। साथ ही, इसके पास बड़ा ऑर्डर भी है। कंपनी के शेयरों का प्राइस बैंड 395-415 रुपये है। इस IPO के तहत 300 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का फ्रेश इश्यू जारी किया जाएगा, जबकि ऑफर फॉर सेल (OFS) के तहत 349.47 करोड़ रुपये के शेयर जारी किए जाएंगे।
JNK इंडिया की स्थापना 2010 में हुई थी और यह प्रोसेस-फायर्ड, रिफॉर्मर्स आदि की डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग, सप्लाई और इंस्टॉलेशन के काम से जुड़ी है। कंपनी ने आंध्र प्रदेश, असम, बिहार, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में परियोजनाओं पर काम किया है।
क्या आपको इस IPO को सब्सक्राइब करना चाहिए?
इस बारे में हम आपको यहां एक्सपर्ट्स की राय पेश कर रहे हैं:
ब्रोकरेज फर्म निर्मल बांग JNK को लेकर पॉजिटिव है और इसने कंपनी के इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के नोट में कहा गया है, 'JNK की ग्रोथ और रिटर्न रेशियो बाकी कंपनियों के मुकाबले बेहतर रहा है, जबकि इसकी वैल्यूएशन अपने रेंज में निचले स्तर पर है।' JNK इंडिया इस IPO से हासिल रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और सामान्य मकसद के लिए करेगी।
एक और ब्रोकरेज फर्म इनक्रेड इक्विटीज (InCred Equities) ने भी इस इश्यू को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। फर्म का कहना है कि पेट्रोकेमिकल क्षमताओं में ग्लोबल स्तर पर बढ़ोतरी से प्रोसेस फायर्ड हीटर्स की मांग को बढ़ावा मिल रहा है। इसका फायदा JNK को मिल सकता है। इसके मुताबिक, कंपनी के पास 850 करोड़ रुपये का ऑर्डर बुक है।
रिलायंस सिक्योरिटीज (Reliance Securities) ने भी मजबूत ऑर्डर का हवाला देते हुए कंपनी के शेयरों को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि कंपनी ने कई इंडस्ट्रीज के लिए अपना प्रोडक्ट तैयार किया है। अरिहंत कैपिटल (Arihant Capital) ने इस इश्यू को लॉन्ग टर्म के लिए सब्सक्राइब करने की सलाह दी है। ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक, 'JNK इंडिया हीटिंग इक्विपमेंट सेक्टर में निवेश का बेहतर विकल्प है।'
कंपनी के रेवेन्यू में लगातार बढ़ोतरी हो रही है और वित्त वर्ष 2021-23 के दौरान इसमें 72 पर्सेंट सीएजीआर (CAGR) की दर से बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023 में कंपनी का रेवेन्यू 407.32 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 296.40 करोड़ रुपये था। रेवेन्यू में बढ़ोतरी में ऑयल एंड गैस सेगमेंट का अहम योगदान रहा।