Sona Machinery IPO : आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट में पॉजिटिव संकेत, हो सकता है तगड़ा मुनाफा

Sona Machinery IPO : IPO से होने वाली कमाई में से 55 प्रतिशत हिस्सा गाजियाबाद में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए पूंजीगत खर्च के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। 4 प्रतिशत हिस्से का इस्तेमाल मशीनरी खरीदने के उद्देश्य से लिए गए कर्ज को चुकाने में और बाकी बचे पैसे का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के​ लिए किया जाएगा

अपडेटेड Mar 03, 2024 पर 3:05 PM
Sona Machinery IPO : सोना मशीनरी का आईपीओ 5 मार्च से खुलने वाला है।

Sona Machinery IPO : सोना मशीनरी का आईपीओ 5 मार्च से खुलने वाला है। आईपीओ खुलने से पहले इस आईपीओ को लेकर ग्रे मार्केट से पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। निवेशकों के पास इसमें 7 मार्च तक निवेश का मौका रहेगा। कंपनी का इरादा आईपीओ के जरिए 52 करोड़ रुपये जुटाने का है। यह आईपीओ पूरी तरह से 36.24 करोड़ का फ्रेश इश्यू है और इसमें OFS के जरिए कोई बिक्री नहीं होगी। इसका मतलब है कि आईपीओ का पूरा पैसा कंपनी को मिलेगा।

Sona Machinery IPO का ग्रे मार्केट अपडेट

ग्रे मार्केट में इस आईपीओ को लेकर अच्छे संकेत मिल रहे हैं। आईपीओ खुलने से पहले आज 3 फरवरी को यह इश्यू 70 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। इस हिसाब से शेयरों की लिस्टिंग 213 रुपये के भाव पर हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो निवेशकों को 49 फीसदी का तगड़ा मुनाफा होगा।


Sona Machinery IPO से जुड़ी डिटेल

Sona Machinery IPO में बोली लगाने के लिए मिनिमम लॉट साइज 1000 शेयरों का रखा गया है। कंपनी के प्रमोटर वासु नरेन और श्वेता बैसला हैं। वर्तमान में प्रमोटर्स की कंपनी में हिस्सेदारी 100 प्रतिशत है, जो आईपीओ के बाद घटकर 73.59 प्रतिशत रह जाएगी। IPO का 50 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 35 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए और 15 प्रतिशत हिस्सा नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व है।

Sona Machinery IPO कहां करेगी फंड का इस्तेमाल

IPO से होने वाली कमाई में से 55 प्रतिशत हिस्सा गाजियाबाद में नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए पूंजीगत खर्च के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। 4 प्रतिशत हिस्से का इस्तेमाल मशीनरी खरीदने के उद्देश्य से लिए गए कर्ज को चुकाने में और बाकी बचे पैसे का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के​ लिए किया जाएगा। गाजियाबाद में प्लांट लगाने के लिए कंपनी लगभग 29 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

क्या करती है Sona Machinery

Sona Machinery की शुरुआत साल 2019 में हुई थी। यह खेतीबाड़ी से जुड़ी मशीनरी बनाती है, जिनमें चावल, दाल, गेहूं, मसाला और Barnyard Millet की प्रोसेसिंग के लिए मशीनरी शामिल हैं। कंपनी कंपनी अनाज प्री-क्लीनर मशीनें, रोटरी ड्रम क्लीनर, वाइब्रो क्लासिफायर, स्टोन सेपरेटर मशीनें, पैडी डी-हस्कर, हस्क एस्पिरेटर, राइस थिक/थिन ग्रेडर, राइस व्हाइटनर, सिल्की पॉलिशर, मल्टी ग्रेडर, लेंथ ग्रेडर, बेल्ट कनवेयर, बकेट एलिवेटर भी बनाती है। इसके प्रोडक्ट निर्यात भी होते हैं।

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