Turtlemint IPO : टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस के सोमवार,29 जून को शेयर बाजार में सुस्त शुरुआत करने की उम्मीद दिख रही है। ग्रे मार्केट का माहौल इसके इश्यू प्राइस से कम कीमत पर लिस्ट होने के संकेत दे रहा है। NSE और BSE पर लिस्टिंग से पहले कंपनी का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) इसके इश्यू प्राइश से कम हो गया है। इसका ताजा ग्रे मार्केट प्रीमियम ( GMP) आईपीओ के इश्यू प्राइस से ₹5 कम है । इसका मतलब है कि लिस्टिंग के समय इस शेयर की अनुमानित कीमत ₹147 के आसपास हो सकती है,जबकि IPO की कीमत ₹152 है।
अगर ये संकेत सही साबित होते हैं,तो जिन निवेशकों को शेयर अलॉट हुए हैं,उन्हें लिस्टिंग पर लगभग 3.3% का नुकसान हो सकता है। हालांकि,हमें यह ध्यान रखना चाहिए कि ग्रे मार्केट अनौपचारिक बाजार होता है और लिस्टिंग से पहले GMP ट्रेंड में काफी बदलाव आ सकता है। ये प्रीमियम सिर्फ संकेत देने वाले होते हैं। ऐसे में ये जरूरी नहीं कि ये स्टॉक की असल लिस्टिंग परफ़ॉर्मेंस दिखाएं।
इस आईपीओ में निवेशकों ने बहुत ज्यादा दिलचस्पी दिखाई थी। 19 जून से 23 जून तक खुले रहे इस आईपीओ के दौरान इसे कुल मिलाकर 1.20 गुना सब्सक्रिप्शन हुआ था।
इस आईपीओ के क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB)वाले हिस्से को सबसे अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। यह हिस्सा 1.59 गुना भरा था। वहीं, रिटेल निवेशकों का हिस्सा 1.07 गुना भरा था। जबकि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टरोम (NII)का हिस्सा सबसे कम 0.52 गुना ही भर पाया था।
IPO से पहले,टर्टलमिंट फिनटेक सॉल्यूशंस (Turtlemint Fintech Solutions) ने एंकर इन्वेस्टर्स से ₹397.2 करोड़ जुटाए थे। कंपनी ने प्रति शेयर ₹144-152 का प्राइस बैंड किया है। इस प्राइस बैंक के ऊपरी स्तर के आधार पर कंपनी की वैल्यूएशन ₹4,500 करोड़ से ज्यादा है।
इस IPO में फ्रेश इश्यू की हिस्सेदार ₹660.72 करोड़ है। साथ ही मौजूदा शेयरधारकों की ओर से 1.46 करोड़ शेयरों की बिक्री का प्रस्ताव (OFS) भी शामिल है, जिनकी कीमत लगभग ₹221.95 करोड़ है। फ्रेश इश्यू से मिलने वाली रकम का इस्तेमाल मुख्य रूप से कंपनी के क्लाउड और सर्वर इंफ्रास्ट्रक्चर को विस्तार देने,टेक्नोलॉजी और प्रोडक्ट डेवलपमेंट टीमों के कर्मचारियों से जुड़े खर्चों को पूरा करने और ब्रांडिंग व मार्केटिंग की कोशिशों को मजबूती देने के लिए किया जाएगा।
इसके अलावा कंपनी अपनी और अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी,TIB की लीज़ से जुड़ी देनदारियों को पूरा करने के लिए भी फंड के कुछ हिस्से का इस्तेमाल करेगी। इसके अलावा,वह वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए TIB में कैपिटल लगाने और भविष्य में अधिग्रहण के ज़रिए इनऑर्गेनिक विस्तार करने का भी इरादा रखती है।
धीरेन्द्र मह्यावंशी और आनंद प्रभुदेसाई ने 2015 में टर्टलमिंट (Turtlemint) की शुरुआत की थी। यह कंपनी एक डिजिटल इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन प्लेटफॉर्म चलाती है,जिसे इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स को खरीदने और मैनेज करने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए बनाया गया है। कंपनी ने 5 लाख से ज्यादा एडवाइज़र्स के नेटवर्क के ज़रिए लगभग 1.6 करोड़ इंश्योरेंस पॉलिसी की बिक्री में मदद की है।