Uniparts India IPO: इंजीनियर्ड सिस्टम्स और सॉल्यूशंस बनाने वाली यूनिपार्ट्स इंडिया का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) बुधवार 30 नवंबर को खुलेगा। यह नवंबर महीने में लॉन्च होने वाला 10वां IPO है। कंपनी अपने आईपीओ से कुल करीब 835.6 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। निवेशकों के पास कंपनी के IPO में 2 दिसंबर तक निवेश करने का मौका रहेगा। एंकर निवेशकों के लिए यह IPO 29 नवंबर को एक दिन के लिए खुलेगा। Uniparts India ने अपने IPO के लिए 548-577 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है।
पूरी तरफ ऑफर-फॉर-सेल है IPO
Uniparts India का आईपीओ पूरी तरह से ऑफर-फॉर-सेल (OFS) है। इसका मतलब है कि कंपनी अपने IPO के तहत कोई भी नए शेयर नहीं जारी कर रही है। बल्कि IPO में शामिल सभी 1.44 करोड़ शेयरों को इसके प्रमोटरों और मौजूदा शेयरधारकों की तरफ से बिक्री के लिए रखा गया है।
आईपीओ खुलने से पहले ग्रे मार्केट में यूनिपार्ट्स इंडिया के शेयर ट्रेड करने लगे हैं। बाजार जानकारों के मुताबिक, Uniparts India के शेयर मंगलवार 29 नवंबर को करीब 65 रुपये के ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) पर कारोबार कर रहे थे। हालांकि स्टॉक मार्केट के जानकारों का कहना है कि किसी भी आईपीओ के बारे में एक ठोस राय बनाने के लिए निवेशकों को ग्रे मार्केट प्रीमियम को नहीं देखना चाहिए। असलियत में कंपनी की वित्तीय सेहत ही उसकी सही तस्वीर बताती है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
ब्रोकरेज फर्म केआर चोकसी (KR Choksey) ने यूनिपार्ट्स इंडिया के IPO को सब्सक्राइब करने की सलाह दी हैं। ब्रोकरेज ने कहा, "इंडस्ट्री के ग्रोथ की संभावनाएं, यूनिपार्ट्स के अलग-अलग प्रोडक्ट, फोकस वाले मार्केट में कंपनी का विस्तार और वैल्यू एडिशन पर अधिक ध्यान जैसे पहलुओं को देखते हुए हमने यूनिपार्ट्स इंडिया लिमिटेड के IPO को सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।"
7 दिसंबर को होगा शेयरों का अलॉटमेंट
यूनिपार्ट्स इंडिया अपने शेयरों को 7 दिसंबर को अलॉट करेगी। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उनके खाते में 8 दिसंबर तक पैसे वापस आ जाएंगे। वहीं अलॉटमेंट में सफल निवेशकों के डीमैट खाते में 9 दिसंबर तक शेयर क्रेडिट होंगे। कंपनी 12 दिसंबर को अपने शेयरों को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट कर सकती है।
यूनिपार्ट्स इंडिया, इंनीनियर्ड सिस्टम्स और सॉल्यूशंस बनाने वाली एक ग्लोबल कंपनी है, जिसकी 25 से अधिक देशों में उपस्थिति है। यह एग्रीकल्चर, कंस्ट्रक्शन, फॉरेस्ट्री और माइनिंग (CFM) में ऑफ-हाइवे बाजार के लिए सिस्टम और कंपोनेंट्स के सबसे बड़ी सप्लायर्स में से एक होने का दावा करती है। कंपनी प्रोडक्ट को बनाने से लेकर उसकी सप्लाई तक सभी काम देखती है और इसकी उपस्थिति वैल्यू चेन के सभी हिस्से में हैं।
डिस्क्लेमरः यहां दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह, निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।