पैसे कर लें तैयार, प्राइमरी मार्केट में एक और बड़ा दांव! JSW ग्रुप की कंपनी का ₹3,054 करोड़ का मेगा IPO जल्द
Upcoming IPO: जेएसडब्ल्यू ग्रुप की टेक-इनेबल्ड B2B प्लेटफॉर्म कंपनी 'JSW One Platforms Ltd' ने ₹3,054 करोड़ का IPO लाने के लिए SEBI के पास DRHP जमा किया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का रेवेन्यू 45% बढ़कर ₹5,743.39 करोड़ रहा है। जानिए कंपनी का बिजनेस मॉडल, फंड का इस्तेमाल और सभी जरूरी फाइनेंशियल डिटेल्स
1,300 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे
JSW One Platforms IPO: पिछले दिनों प्राइमरी मार्केट में कई आईपीओ देखने को मिले। किसी ने निराश किया तो कइयों ने निवेशकों को पैसे कमवाएं। अब जल्द ही एक और जबरदस्त आईपीओ दस्तक देने वाला है। मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर के लिए काम करने वाली B2B टेक्नोलॉजी कंपनी 'JSW One Platforms Ltd' ने ₹3,054 करोड़ रुपये का आईपीओ लाने के लिए सेबी के पास DRHP दाखिल कर दिया है।
जेएसडब्ल्यू ग्रुप की यह टेक कंपनी अपने इस इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के जरिए बाजार से नई पूंजी जुटाने और मौजूदा प्रमोटर्स को आंशिक हिस्सेदारी बेचने का मौका दे रही है।
IPO में फ्रेश इश्यू और OFS दोनों शामिल
कंपनी द्वारा गुरुवार देर रात दाखिल किए गए DRHP के मुताबिक, 3,054 करोड़ रुपये के इस कुल इश्यू का ढांचा दो भागों में बंटा हुआ है:
फ्रेश इश्यू: 1,300 करोड़ रुपये तक के नए इक्विटी शेयर जारी किए जाएंगे।
ऑफर फॉर सेल (OFS): 1,754.01 करोड़ रुपये के शेयर्स मौजूदा शेयरधारकों द्वारा बेचे जाएंगे।
OFS में हिस्सेदारी बेचने वाले प्रमोटर्स: इसमें जेएसडब्ल्यू स्टील, जेएसडब्ल्यू सीमेंट और मित्सुई एंड कंपनी शामिल हैं।
नए पैसों का कहां होगा इस्तेमाल?
कंपनी ने फ्रेश इश्यू से मिलने वाली 1,300 करोड़ रुपये की शुद्ध आय के इस्तेमाल की योजना तय कर ली है:
ब्रांडिंग व मार्केटिंग: ₹125 करोड़ JSW One Distribution Ltd में मार्केटिंग और ब्रांड-बिल्डिंग गतिविधियों के लिए निवेश किए जाएंगे।
कैपिटल बेस मजबूत करना: ₹500 करोड़ JSW One Finance Ltd में उसकी पूंजीगत जरूरतों को पूरा करने के लिए लगाए जाएंगे।
टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट: ₹350 करोड़ तक का इस्तेमाल टेक्नोलॉजी और डिजिटल प्लेटफॉर्म को अपग्रेड करने में होगा।
अन्य काम: बची हुई रकम का उपयोग सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
बिजनेस मॉडल और नेटवर्क
JSW One Platforms एक इंटीग्रेटेड डिजिटल B2B प्लेटफॉर्म चलाती है। यह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सामग्री बेचने वाले विक्रेताओं से जोड़ती है। बिजनेस पैरामीटर आंकड़े (30 जून 2026 तक):
रजिस्टर्ड ग्राहक- 95,611
रजिस्टर्ड सेलर्स- 1,713
ब्रांड्स की संख्या- 165
सर्विस पिनकोड- 6,963 नेटवर्क एरिया
लॉजिस्टिक्स पार्टनर- 81 पार्टनर्स
इसके अलावा कंपनी का काम 12 कॉन्ट्रैक्ट सर्विस सेंटर्स और 9 कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर्स के जरिए संचालित होता है।
कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?
वित्तीय वर्ष 2026 में कंपनी ने अपनी टॉपलाइन (रजिस्टर रेवेन्यू) में शानदार ग्रोथ दर्ज की है। FY26 में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 44.93% बढ़कर ₹5,743.39 करोड़ रहा, जो FY25 में ₹3,962.81 करोड़ था। साथ ही वित्त वर्ष 2026 में GMV उछलकर ₹18,596.91 करोड़ पहुंच गया (FY25 में यह ₹12,564.84 करोड़ था)।
चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (Q1FY27) में कंपनी का रेवेन्यू ₹1,642.45 करोड़ रहा, जबकि इस दौरान कंपनी को ₹14.21 करोड़ का शुद्ध लाभ (PAT) हुआ। इस तिमाही में GMV ₹5,949.73 करोड़ दर्ज किया गया।
कितना बड़ा है मार्केट अपॉर्चुनिटी?
1Lattice इंडस्ट्री रिपोर्ट के मुताबिक, भारत का कुल B2B व्यापार लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का है। वित्त वर्ष 2026 में मैन्युफैक्चरिंग प्रोडक्ट्स का एड्रेसबल मार्केट लगभग ₹8.84 लाख करोड़ और कंस्ट्रक्शन प्रोडक्ट्स का बाजार करीब ₹11.30 लाख करोड़ आंका गया था।
फिलहाल भारत के मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर में डिजिटल बी2बी कॉमर्स की पहुंच सिर्फ 3% के आसपास है। यानी आने वाले समय में डिजिटाइजेशन की अपार संभावनाएं मौजूद हैं, जिसका सीधा फायदा इस कंपनी को मिल सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।