Upcoming IPO: पैसे कर लें तैयार! कल से खुल रहा है टेक-मैन्युफैक्चरिंग कंपनी का मेगा इश्यू, दांव लगाने से पहले जानें पूरी डिटेल

Upcoming IPO: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की दिग्गज कंपनी Zetwerk का ₹5,012 करोड़ का आईपीओ 15 अक्टूबर से खुलने जा रहा है। ग्रे मार्केट में यह इश्यू 15% के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहा है। ₹143–151 के प्राइस बैंड वाले इस आईपीओ में निवेशक 19 अक्टूबर तक बोली लगा सकते हैं। क्या आपको इस टेक-मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के आईपीओ में पैसा लगाना चाहिए? जानिए पूरी डिटेल्स

अपडेटेड Oct 14, 2026 पर 2:59 PM
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निवेशकों को 99 शेयरों के लिए कम से कम ₹14,949 का निवेश करना होगा

Zetwerk IPO: मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की प्रमुख टेक कंपनी जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस का आईपीओ कल यानी 15 अक्टूबर से आम निवेशकों के लिए खुलने जा रहा है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए बाजार से ₹5,012.33 करोड़ जुटाने की तैयारी में है। आईपीओ खुलने से ठीक एक दिन पहले इसके शेयरों की ग्रे मार्केट में अच्छी मांग देखी जा रही है।

ग्रे मार्केट ट्रैकिंग प्लेटफॉर्म InvestorGain के मुताबिक, 14 अक्टूबर की सुबह जेटवर्क का आईपीओ करीब 15 फीसदी के GMP पर ट्रेड कर रहा था।

प्राइस बैंड, लॉट साइज और जरूरी तारीखें

  • प्राइस बैंड: ₹143 से ₹151 प्रति शेयर
  • ओपनिंग और क्लोजिंग डेट: यह आईपीओ 15 अक्टूबर को खुलेगा और 19 अक्टूबर 2026 को बंद होगा।
  • लॉट साइज-न्यूनतम निवेश: निवेशकों को 99 शेयरों के लिए कम से कम ₹14,949 का निवेश करना होगा
  • कर्मचारियों के लिए छूट: रिजर्व हिस्से में भाग लेने वाले पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर ₹14 का डिस्काउंट मिलेगा।
  • अलॉटमेंट डेट: शेयरों का अलॉटमेंट 21 अक्टूबर
  • लिस्टिंग डेट: 23 अक्टूबर


फ्रेश इश्यू और OFS की डिटेल: कहां होगा जुटाई रकम का इस्तेमाल?

₹5,012.33 करोड़ का यह बुक-बिल्ट इश्यू दो हिस्सों में बंटा हुआ है। ₹2,830 करोड़ मूल्य के नए शेयर जारी किए जाएंगे। प्रमोटर्स और मौजूदा निवेशक लगभग ₹2,182 करोड़ मूल्य के 14.45 करोड़ शेयर बेचेंगे।

कंपनी फ्रेश इश्यू से मिलने वाली ₹2,830 करोड़ की रकम में से ₹2,160 करोड़ का इस्तेमाल अपने और अपनी कुछ सब्सिडियरी कंपनियों के कर्ज को चुकाने में करेगी। बाकी बची रकम का इस्तेमाल अधिग्रहणों के जरिए इनऑर्गेनिक ग्रोथ के मौकों को भुनाने और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।

कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत?

वित्तीय मोर्चे पर जेटवर्क फिलहाल एक घाटे में चल रही कंपनी है, लेकिन इसके रेवेन्यू में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी गई है। अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹732.9 करोड़ रह गया, जो पिछले साल की इसी तिमाही में ₹1,368.4 करोड़ था। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू साल-दर-साल 55.4% बढ़कर ₹4,117.9 करोड़ पर पहुंच गया जो Q1FY26 में ₹2,649.4 करोड़ था।

31 मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष में कंपनी का शुद्ध घाटा बढ़कर ₹1,606.1 करोड़ हो गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष में ₹370.7 करोड़ था। हालांकि, इस दौरान ऑपरेशनल रेवेन्यू 40.4% की भारी बढ़त के साथ ₹15,913.3 करोड़ (FY25 में ₹11,331.9 करोड़) पर पहुंच गया।

क्या करती है जेटवर्क?

साल 2017 में शुरू हुई जेटवर्क मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस एक टेक्नोलॉजी-बेस्ड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफॉर्म चलाती है। यह इंडस्ट्रियल और कंज्यूमर बिजनेस को कस्टमाइज्ड व बड़े पैमाने पर प्रोडक्शन के लिए मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर्स से जोड़ती है।

कंपनी इलेक्ट्रॉनिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी, एयरोस्पेस एंड डिफेंस, ऑयल एंड गैस, एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन जैसे कई अहम सेक्टर्स को अपनी सेवाएं देती है। दुनिया भर के 25 से अधिक देशों में सक्रिय जेटवर्क के पास 10,000 से अधिक सप्लायर्स और फॉर्च्यून 500 कंपनियों समेत 1,100 से अधिक कस्टमर्स का नेटवर्क है। कंपनी के भारत, अमेरिका और मैक्सिको में 20 से अधिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स भी हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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