शेयर बाजार के रफ्तार पकड़ने के बाद ही साथ ही कई IPO ग्रे मार्केट में शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। यह प्राइमरी मार्केट में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ने का संकेत है। IPO के मामले में 'ग्रे मार्केट प्रीमियम' यानी GMP शब्द का इस्तेमाल किया जाता है। GMP वह अनुमानित कीमत है, जिस पर किसी स्टॉक के लिस्ट होने की संभावना होती है।
इंडिया शेल्टर फाइनेंस (India Shelter Finance) अपने IPO के जरिये 1,200 करोड़ रुपये जुटा रही है और उसे 2.34 गुना सब्सक्रिप्शन मिला है। कंपनी के 469-493 रुपये के इश्यू प्राइस पर ग्रे मार्केट प्रीमियम 170 रुपये तक बढ़ गया है। इसी तरह, DOMS इंडस्ट्रीज में 750-790 रुपये के शेयर प्राइस पर ग्रे मार्केट प्रीमियम बढ़कर 500 रुपये तक पहुंच गया है।
IPO के जरिये 1,460 करोड़ रुपये जुटा रही कंपनी आइनॉक्स इंडिया (Inox India) का ग्रे मार्केट प्रीमियम 445 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया। कंपनी के IPO का प्राइस बैंड 627-660 करोड़ रुपये है। सूरज एस्टेट डिवेलपर्स (Suraj Estate Developers) का ग्रे मार्केट प्रीमियम 340-360 करोड़ रुपये के प्राइस बैंड में 55 रुपये था। इसके अलावा, मुथूट माइक्रोफाइनेंस के IPO का ग्रे मार्केट प्रीमियम 105 रुपये प्रति शेयर है। इस IPO का प्राइस बैंड 277-299 करोड़ रुपये है। एक और कंपनी मोतीसंस ज्वैलर्स (Motisons Jewellers) का ग्रे मार्केट प्रीमियम 100 रुपये है, जबकि इसका इश्यू प्राइस 52-55 रुपये है।
HDFC सिक्योरिटीज में रिटेल रिसर्च के हेड दीपक जसानी (Deepak Jasani) ने बताया, ' इन IPO के ग्रे मार्केट प्रीमियम ज्यादा रहने पर सब्सक्रिप्शन बेहतर और लिस्टिंग प्राइस ज्यादा रहने की संभावना होती है।' इस साल अब तक कुल 54 IPO शेयर बाजार में आ चुके हैं, जिनसे तकरीबन 49,000 करोड़ रुपये जुटाए गए हैं। यह पिछले दो साल में सबसे ज्यादा है। लिस्ट हुई ऐसी 48 फर्मों में 8 की मार्केट में एंट्री डिस्काउंट पर हुई।
लिस्टिंग में ज्यादा फायदा हासिल करने वाली कंपनियों में टाटा टेक्नोलॉजीज (Tata Technologies), आइडियाफोर्ज टेक्नोलॉजी (Ideaforge Technology) और उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक (Utkarsh Small Finance Bank) शामिल हैं। इनमें से कुल 9 IPO को लिस्टिंग पर 50% का फायदा मिला, जबकि 15 कंपनियों के शेयरों में 15-20 पर्सेंट की बढ़ोतरी देखने को मिली। इसके अलावा, 16 कंपनियों को लिस्टिंग के वक्त 1-20 पर्सेंट का लाभ मिला।