अपडेटर सर्विसेज ने अपने IPO (Updater Services IPO) के लिए प्राइस बैंड फिक्स कर दिया है। इसे 280-300 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। IPO का साइज 640 करोड़ रुपये है और यह 25 सितंबर 2023 को खुलने वाला है। निवेशकों के पास पैसा लगाने के लिए 27 सितंबर तक का मौका रहेगा। इस पब्लिक इश्यू के तहत 400 करोड़ रुपये के नए शेयर जारी किए जाएंगे। साथ ही तीन शेयरहोल्डर्स की ओर से 240 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल (OFS) रहेगा। OFS में 80 लाख शेयर बिक्री के लिए रखे जाएंगे। कंपनी की प्रमोटर Tangi Facility Solutions 40 लाख शेयरों की बिक्री करेगी। वहीं बाकी के 40 लाख शेयर India Business Excellence Funds II & IIA की ओर से बेचे जाएंगे। पहले OFS का साइज 1.33 करोड़ शेयरों का था लेकिन फिर इसे घटाकर पहले 1.09 करोड़ शेयर और बाद में 80 लाख शेयर कर दिया गया।
कंपनी में प्रमोटर्स की 80.58 प्रतिशत हिस्सेदारी है। IPO का 75 प्रतिशत हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स के लिए, 15 प्रतिशत हिस्सा हाई नेटवर्थ वाले इंडीविजुअल्स के लिए और शेष 10 प्रतिशत हिस्सा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व है। बोली लगाने के लिए लॉट साइज 50 शेयरों का है। एंकर निवेशक इस इश्यू में 22 सितंबर से बोली लगा सकेंगे।
अपडेटर सर्विसेज का दावा है कि वह भारत में इंटीग्रेटेड फैसिलिटी मैनेजमेंट मार्केट में दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। बिजनेस सपोर्ट सर्विसेज सेगमेंट में यह अपनी सब्सिडियरी कंपनी मैट्रिक्स के माध्यम से ऑडिट और एश्योरेंस सर्विसेज देती है। इसके अलावा, यह सब्सिडियरी कंपनियों डेनवे और एथेना के माध्यम से सेल्स इनेबलमेंट सर्विसेज देती है। कंपनी की एक अन्य सब्सिडियरी एवन, मेलरूम मैनेजमेंट सर्विसेज प्रदान करती है।
कंपनी सब्सक्रिप्शन के बाद सफल निवेशकों को 4 अक्टूबर तक शेयरों का अलॉटमेंट करेगी। 6 अक्टूबर तक सफल निवेशकों के डीमैट अकाउंट में शेयर क्रेडिट कर दिए जाएंगे। असफल निवेशकों के लिए रिफंड की प्रक्रिया 5 अक्टूबर को शुरू होगी। आईपीओ शेड्यूल के अनुसार, कंपनी के इक्विटी शेयर 9 अक्टूबर को BSE और NSE पर लिस्ट होंगे। IIFL सिक्योरिटीज, मोतीलाल ओसवाल इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स और SBI कैपिटल मार्केट्स इस इश्यू के मर्चेंट बैंकर हैं।
कहां होगा फंड का इस्तेमाल
कंपनी की पूरे भारत में मौजूदगी है। अपडेटर सर्विसेज IPO से मिलने वाले 133 करोड़ रुपये के फंड का इस्तेमाल कर्ज चुकाने के लिए करेगी। 115 करोड़ रुपये को वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए खर्च किया जाएगा। इसके अलावा, 80 करोड़ रुपये का इस्तेमाल इनऑर्गेनिक इनिशिएटिव के लिए होगा। शेष फंड का उपयोग सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। मार्च 2023 तक, कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड उधारी 176.54 करोड़ रुपये थी।