Utkarsh Small Finance Bank का आज से खुला IPO, क्या रिटेल निवेशकों को लगाना चाहिए पैसा?

Utkarsh Small Finance Bank IPO: उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस स्मॉल बैंक का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज यानी बुधवार 12 जुलाई से बोली के लिए खुल गया है। कंपनी अपने अपने IPO से करीब 500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है। रिटेल निवेशकों को क्या इस IPO में पैसा लगाना चाहिए?

अपडेटेड Jul 12, 2023 पर 3:29 PM
Utkarsh Small Finance Bank IPO: ऊपरी प्राइस बैंड पर बैंक का वैल्यूएशन करीब 2,740 करोड़ आता है

Utkarsh Small Finance Bank IPO: उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस स्मॉल बैंक का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आज यानी बुधवार 12 जुलाई से बोली के लिए खुल गया है। कंपनी अपने अपने IPO से करीब 500 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में है और इस पैसे का इस्तेमाल बैंक की टियर 1 कैपिटल को बढ़ाने और इसकी भविष्य की फंडिंग जरूरतों को पूरा करने में किया जाएगा। उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक एक तरह से माइक्रोफाइनेंस लेंडिंग के कारोबार में है और मुख्य रूप से ज्वाइंट लायबिलिटी ग्रुप (JLG) लोन बांटता है। हालांकि पिछले कुछ सालों से इसके लोन बुक में JLG लोन का हिस्सा धीरे-धीरे घट रहा है। वित्त वर्ष 2017 में यह कुल लोनबुक का 95 फीसदी था, जो वित्त वर्ष 2023 के अंत में 66 फीसदी पर आ गया।

इसकी प्रमोटर कंपनी का नाम उत्कर्ष कोरइनवेस्ट लिमिटेड है, जिसके पास बैंक की फिलहाल 84 फीसदी हिस्सेदारी है।

जब बाजार में पहले से तमाम प्राइवेट बैंकों के शेयर मौजूद हैं, ऐसे में निवेशकों को इस IPO के बारे में क्यों सोचना चाहिए?


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सबसे पहले, आईपीओ का वैल्यूएशन काफी आकर्षक है। उत्कर्ष का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2025 के अनुमानित बुक वैल्यू का मात्र 0.8 गुना किया जा रहा है। हेल्दी रिटर्न रेशियो को देखते हुए भी यह आकर्षक है। इसके अलावा, देश में कम क्रेडिट पहुंच के कारण उत्कर्ष के पास ग्रोथ की काफी संभावनाएं हैं। उत्कर्ष ने अपना कारोबार जनवरी 2017 में शुरू किया था। इसके बाद से इसने यूपी और बिहार के ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों (लोन बुक का 56 प्रतिशत) में क्रेडिट की कम-पहुंच (इस इलाके में SFB की कम संख्या है) का लाभ उठाते हुए अपनी लोन बुक में भारी ग्रोथ देखी है।

बैंक का लक्ष्य निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों को लोन देने वाला प्रमुख पार्टनर बने रहना है।

मजबूत लोन ग्रोथ

उत्कर्ष का ग्रॉस लोन पोर्टफोलियो वित्त वर्ष 2023 के अंत में 31 प्रतिशत (FY19-FY23) के सीएजीआर से बढ़कर 13,957 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

हालांकि, असुरक्षित माइक्रोफाइनेंस लोन और एक खास इलाके में लोन की अधिक हिस्सेदारी इसके लोन बुक को स्वाभाविक रूप से जोखिम भरा बना देती है। वित्त वर्ष 2023 के अंत तक कुल लोन बुक में यूपी और बिहार की हिस्सेदारी लगभग 57 प्रतिशत थी।

हालांकि बैंक ने पिछले छह सालों में दूसरे तरह के लोन में उतरकर अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रहा है। जैसे- संपत्ति के बदले लोन, किफायती हाउस लोन, और वाहन लोन, आदि। इसने FY23 में गोल्ड लोन भी पेश किया।

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बैंक के डिपॉजिट में सुधार हो रहा है

एडवांसेज की तुलना में बैंक का डिपॉजिट जमा अधिक तेजी से बढ़ रही है। FY23 में सालाना आधार पर इसके डिपॉजिट में 36 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

वित्त वर्ष 2023 में कम लागत वाले 'करेंट अकाउंट सेविंग अकाउंट (CASA) डिपॉजिट की हिस्सेदारी में गिरावट आई। हालांकि पूरी इंडस्ट्री में ऐसा ही ट्रेंड देखा गया था। दूसरी ओर से वित्त वर्। 2023 में CASA डिपॉजिट और रिटेल टर्म डिपॉजिट की कुल जमा में हिस्सेदारी बढ़कर 61.6 प्रतिशत (वित्त वर्ष 2021 में 57.5 प्रतिशत) हो गई है। इससे फंडिंग लागत कम करने में मदद मिली (वित्त वर्ष 2021 में 8.3 प्रतिशत से वित्त वर्ष 2023 में 7 प्रतिशत)।

चूंकि बैंक CASA रेशियो इंडस्ट्री के औसत से कम है। ऐसे में यह डिपॉजिट बढ़ाने के लिए बड़े बैंकों की तुलना में अधिक सेविंग रेट ऑफर कर रहा है।

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एसेट क्वालिटी सामान्य हो रही है

उत्कर्ष का ग्रॉस-नॉन परफॉर्मिंग एसेट्स (Gross NPA) वित्त वर्ष 2023 में घटकर 3.23 प्रतिशत हो गया, जो वित्त वर्ष 2022 में 6.1 प्रतिशत था। बैंक को स्लिपेज में गिरावट, राइट-ऑफ और बेहतर कलेक्शन के चलते इस कम करने में मदद मिली। एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ वित्त वर्ष 2023 में इसकी क्रेडिट लागत भी कम हुई है, जिससे बैंक की मुनाफे में सुधार करने में मदद मिली।

इसके कुल लोन बुक में माइक्रो-फाइनेंस लोन का हिस्सा वित्त वर्ष 2023 में घटकर 66 प्रतिशत हो गया है, जो वित्त वर्ष 2021 में करीब 82 प्रतिशत था। हालांकि इसके बावजूद माइक्रोफाइनेंस की उच्च हिस्सेदारी को देखते हुए इसके एसेट क्वालिटी अभी भी कमजोर बनी हुई है।

बैंक छोटे उधारकर्ताओं को असुरक्षित लोन देता है, जिनके पास आय में किसी तरह के झटके को सहन करने की क्षमता होती सीमित है। ऐसे में लोन को लेकर जोखिम बना रहता है।

शानदार मुनाफा

उत्कर्ष के मुनाफे को मजबूत नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) से मापा जा सकता है, जो कि माइक्रो-लेंडिंग बुक पर अधिक रेट के कारण पिछले कई सालों में 8.2-9.6 प्रतिशत की सीमा में बनी हुई है।

वित्त वर्ष 2023 में बैंक को RoA (रिटर्न ऑन एसेट) बढ़कर 2.4 प्रतिशत होने, बेहतर मार्जिन और कम क्रेडिट लागत से अपना मुनाफा बढ़ाने में मद मिली। हालांकि बैंक का कास्ट-टू इनकम रेशियो उच्च स्तर पर बना है क्योंकि यह अपने कारोबार को बढ़ाने के लिए निवेश कर रहा है। लोन बुक में ग्रोथ के साथ इसके कारोबारी एफिशिएंशी में भी सुधार होगी।

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आकर्षक वैल्यूएशन

25 रुपये के ऊपरी प्राइस बैंड पर बैंक का वैल्यूएशन करीब 2,740 करोड़ रुपये आता है। अगले 2 सालों में कमाई में 17 प्रतिशत की अनुमानित CAGR ग्रोथ के साथ, उत्कर्ष का वैल्यूएशन वित्त वर्ष 2025 के अनुमानित बुक वैल्यू का मात्र 0.8 गुना किया जा रहा है।

ऐसे में इसका मूल्यांकन आकर्षक है। खासकर यह देखते हुए कि वित्त वर्ष 2023 में RoA 2 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। दूसरे स्मॉल फाइनेंस बैंक के शेयरों की तुलना में उत्कर्ष की वैल्यू कम है, जो बताता है कि आईपीओ के बाद इसमें तेजी की गुंजाइश है।

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दिलचस्प बात यह है कि बैंक ने संस्थागत निवेशकों से वित्त वर्ष 2022 में 150 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2021 में 240 करोड़ रुपये की इक्विटी पूंजी क्रमशः 32 रुपये और 27 रुपये प्रति शेयर के भाव पर जुटाई थी।

ऐसे में IPO की प्राइसिंग को देखते हुए यह कहा जा सकता है रिटेल निवेशकों के लिए यहां कुछ वैल्यू छोड़ा गया है। वे लिस्टिंग गेन के लिए इस आईपीओ को सब्सक्राइब कर सकते हैं।

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