वेदांता ग्रुप की कंपनी स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन (Sterlite Power Transmission) ने अपना इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने की योजना टाल दिया है। कंपनी का मानना है कि बाजार की परस्थितियां अभी IPO के अनुकूल नहीं है। स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन ने शुक्रवार 30 सितंबर को यह जानकारी दी।
बता दें कि स्टरलाइट ने पिछले साल अगस्त में इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) के पास ड्राफ्ट पेपर जमा कराए थे। कंपनी अपने आईपीओ से 1,250 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारी में थी। कंपनी इन पैसों का इस्तेमाल अपने ट्रांसमिशन बिजनेस को बढ़ाने, उधारी को कम करने और दूसरे कॉरपोरेट उद्देश्यों में करने वाली थी।
स्टरलाइट ने दिसंबर में अपने IPO के ड्राफ्ट पेपर में बदलाव किया था, जो अगले 12 महीने के लिए वैध था। यानी कि स्टरलाइट के पास आईपीओ लाने के दिसंबर तक का समय था। हालांकि अब उसने सेबी को भेजे एक नए लेटर में कहा कि वह अपने ड्राफ्ट पेपर को वापस ले रही है।
स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन ने IPO के लिए एक्सिस कैपिटल, ICICI सिक्योरिटीज और JM फाइनेंशियल को लीड मैनेजर के तौर पर नियुक्त किया था। स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन, प्राइवेट सेक्टर की एक प्रमुख पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपर और सॉल्यूशंस मुहैया कराने वाली कंपनी। कंपनी की भारत और ब्राजील दोनों देशों में उपस्थित है।
कंपनी अपने दो बिजनेस यूनिटों की सहायता से इंटीग्रेटेड पावर ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर ओर सॉल्यूशन सेवाएं उपलब्ध करवाती है। कंपनी की ग्लोबल इंफ्रा बिजनेस यूनिट पावर ट्रांसमिशन असेट्स की डिजाइनिंग, कंस्ट्रक्शन और ऑपरेशन के कारोबार में हैं। ड्राफ्ट पेपर के मुताबिक, स्टरलाइट पावर ट्रांसमिशन का नेट प्रॉफिट 7.7 फीसदी घटकर 870.12 करोड़ रुपये रहा था।
कुछ मीडिया रिपोर्ट में पहले दावा किया गया था कि Sterlite Power एक अरब डॉलर का फंड जुटाने के लिए पेंशन फंड और सॉवरेन वेल्थ फंड के साथ बातचीत कर रही है। वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अग्रवाल ने कहा कि कंपनी के ग्रोथ के लिए फंड जुटाने के लिए हमारे सामने कई तरीके हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा निवेश ट्रस्ट (इनविट) के माध्यम से संपत्ति का मुद्रीकरण शामिल है।