Venus Pipes IPO: स्टेनलेस पाइप और ट्यूब बनाने वाली कंपनी वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स का इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) दूसरे दिन दोपहर 2 बजे तक 3.58 गुना सब्सक्राइब हो चुका है। कंपनी का आईपीओ साइज 35.51 लाख शेयरों का है, जिसके बदले में उसे अभी तक 1.27 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां मिल चुकी हैं।
वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स ने आईपीओ खुलने से एक दिन पहले ही एंकर निवेशकों से 49.62 करोड़ जुटा लिए थे। इसके उसका आईपीओ साइज 50.74 लाख शेयरों से घटकर 35.51 लाख शेयरों का हो गया है। कंपनी ने अपने आईपीओ के लिए 310 से 326 रुपये का प्राइस बैंड रखा है और एकंर निवेशकों ने ऊपरी प्राइस बैंड पर इश्यू सब्सक्राइब किया है।
रिटेल निवेशकों ने अपने लिए आरक्षित शेयरों का 6.34 गुना अधिक बोली लगाई है। वहीं नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) ने अपने लिए आरक्षित शेयरों का 1.82 गुना सब्सक्राइब किया है। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) का हिस्सा अभी तक 36% ही भरा है।
Venus Pipes IPO GMP Today
बाजार जानकारों के मुताबिक, वीनस पाइप्स के शेयर बुधवार को ग्रे मार्केट में करीब 360 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे, जो इसके ऊपरी प्राइस बैंड से 34 रुपये या करीब 5 फीसदी अधिक है। वीनस पाइप्स के शेयरों का अलॉटमेंट 19 मई को फाइनल हो सकता है और लिस्टिंग 24 मई को हो सकती है। शेयर BSE और NSE दोनों स्टॉक एक्सचेंजों पर लिस्ट होंगे।
आईपीओ के लिए लॉट में बोली लगाई जा सकती है। एक लॉट में कंपनी के 46 शेयर होंगे। प्राइस बैंड के अपर प्राइस के हिसाब से निवेशकों को कम से कम 14,996 रुपये लगाने होंगे। आईपीओ से मिली रकम का इस्तेमाल कंपनी अपने क्षमता विस्तार, पाइप मैन्युफैक्चरिंग के सेक्टर में अधिग्रहण, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने और दूसरे सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए करेगी।
गुजरात मुख्यालय वाली वीनस पाइप्स एंड ट्यूब्स, स्टेनलेस स्टील पाइप और ट्यूब बनाती और इनका एक्सपोर्ट भी करती है। यह कंपनी वीनस ब्रांड नाम से केमिकल, इंजीनियरिंग, खाद, फार्मा, पॉवर, फूड प्रोसेसिंग, पेपर और तेल व गैस सेक्टर को अपने प्रोडक्ट्स की सप्लाई करती है। कंपनी के प्रोडक्ट्स भारत समेत ब्राजील, ब्रिटेन और इजराइल समेत 18 देशों को सप्लाई होते हैं।
कंपनी के मुनाफे में लगातार विस्तार हो रहा है।वित्त वर्ष 2022 के शुरुआती नौ महीने (अप्रैल-दिसंबर 2021) में कंपनी की आमदनी 276 करोड़ रुपये और मुनाफा 23 करोड़ रहा है। वहीं वित्त वर्ष 2021 में कंपनी की आमदनी 309 करोड़ रुपये रही थी, जिससे उसे 23.6 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
एंटीक स्टॉक ब्रोकिंग ने एक नोट में कहा, "वीनस ने वित्त वर्ष 2019-21 के दौरान अपनी क्षमता में बढ़ोतरी की, जिससे इसका रेवेन्यू इस दौरान 60% CAGR की दर से बढ़ा है। मजबूत एसेट यूटिलाइजेशन और बेहतर मुनाफे के साथ रिटर्न अनुपात में जोरदार सुधार हुआ है। वीनस पाइप्स बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए अपनी क्षमता को दोगुना करने, प्रोडक्ट पोर्टफोलियो को बढ़ाने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन के जरिए ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने की कोशिश कर रही है। इसके लिए कंपनी आईपीओ के जरिए जरूरी फंडिंग जुटाने की योजना बना रही है।"