क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई है। यह बात एक रेगुलेटरी फाइलिंग से पता चली है।इसका IPO 2026 में आने वाला है। अब जेप्टो का नाम Zepto Private Limited से बदलकर Zepto Limited हो जाएगा। कंपनी के शेयरहोल्डर्स ने एक स्पेशल रिजॉल्यूशन को मंजूरी दे दी है। जेप्टो ने अपने IPO के लिए गोल्डमैन सैक्स, मॉर्गन स्टेनली, जेएम फाइनेंशियल जैसे इनवेस्ट बैंकों को मर्चेंट बैंकर के तौर पर चुना है। कंपनी अपने IPO के तहत लगभग 4,500 करोड़ रुपये जुटा सकती है।
Zepto पिछले कुछ महीनों से पब्लिक होने की तैयारी कर रही है। कंपनी द्वारा बैंकर चुनने के तुरंत बाद, उसने अपना बेस भी सिंगापुर से वापस भारत में शिफ्ट कर लिया। पहले जेप्टो 2025 में लिस्ट होने की सोच रही थी। लेकिन फिर उसने प्लान को कुछ महीने आगे बढ़ा दिया। इसके बजाय 7 अरब डॉलर की वैल्यूएशन पर 45 करोड़ डॉलर जुटाए। कंपनी जल्द ही कैपिटल मार्केट रेगुलेटर SEBI के पास IPO के लिए ड्राफ्ट पेपर जमा करेगी।
कॉम्पिटीटर स्विगी नवंबर 2024 में हुई थी लिस्ट
जेप्टो का मुकाबला मुख्य रूप से स्विगी के इंस्टामार्ट और एटरनल के ब्लिंकइट से है। क्विक कॉमर्स सेक्टर में कॉम्पिटिशन तेज हो गया है। स्विगी नवंबर 2024 में शेयर बाजारों में लिस्ट हुई थी। इसका 11,327.43 करोड़ रुपये का IPO 3.59 गुना भरा था। अब स्विगी QIP के जरिए 10,000 करोड़ रुपये जुटा रही है। एटरनल (जोमैटो) जुलाई 2021 में शेयर बाजार में लिस्ट हुई थी। इसका 9,375 करोड़ रुपये का IPO 38.25 गुना सब्सक्राइब हुआ था। एटरनल भी QIP के जरिए 8,000 करोड़ रुपये जुटा चुकी है। लगातार फंड जुटाने से पता चलता है कि इस सेक्टर में कैश की खपत कितनी ज्यादा है।
Zepto की वैल्यूएशन फिलहाल लगभग 7 अरब डॉलर है। जेप्टो की शुरुआत 2021 में हुई थी। कंपनी ने अब तक 1.8 अरब डॉलर की फंडिंग जुटाई है। सितंबर 2025 के आखिर तक Zepto के देशभर में 900 से ज्यादा डार्क स्टोर थे।