कोल इंडिया (सीआईएल) की सब्सिडियरी भारत कोकिंग कोल (बीसीसीएल) 9 जनवरी को आईपीओ पेश करेगी। इससे पहले ग्रे मार्केट में शेयरों के प्रीमियम में उछाल दिखा है। 5 जनवरी को इस शेयर का जीएमपी करीब 70 फीसदी उछल गया। कंपनी ने 1,071 करोड़ रुपये के इश्यू के लिए शेयर का प्राइस बैंड तय कर दिया है।
अनरेगुलेटेड मार्केट में जीएमपी 70% तक पहुंचा
ग्रे मार्केट की एक्टिविटीज को ट्रैक करने वाले प्लेटफॉर्म्स के मुताबिक, Bharat Coking Coal के शेयरों का जीएमपी अनरेगुलेटेड मार्केट में 70 फीसदी तक पहुंच गया है। इनवेस्टरगेन ने इस शेयर का जीएमपी 16 रुपये बताया है। इसका मतलब है कि इस आईपीओ में निवेश से 69.57 फीसदी लिस्टिंग गेंस की उम्मीद की जा सकती है। आईपीओ वॉच ने भी जीएमपी 70 फीसदी पहुंच जाने की जानकारी दी है।
कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये तय किया
बीसीसीएल ने आईपीओ के लिए शेयर का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये तय किया है। प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर कंपनी की वैल्यूएशन 10,700 रुपये से ज्यादा है। 9 जनवरी को ओपन होने वाला यह आईपीओ साल 2026 का पहला बड़ा आईपीओ होगा। इस आईपीओ में 13 जनवरी तक निवेश किया जा सकता है। एंकर इनवेस्टर्स के लिए यह इश्यू 8 जनवरी को ओपन हो जाएगा।
यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल होगा
कंपनी के रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस के मुताबिक, यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) होगा। कोल इंडिया इस इश्यू के जरिए कंपनी के अपने 46.57 करोड़ शेयर बेचेगी। शेयरों के प्राइस बैंड के अपर लेवल पर इसकी वैल्यू 1,071 करोड़ रुपये होगी। बीसीसीएल की लिस्टिंग कोल सेक्टर में सरकार के विनिवेश के प्लान का हिस्सा है। बीसीसीएल के शेयर 16 जनवरी को स्टॉक मार्केट में लिस्ट होंगे।
रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 15 फीसदी शेयर रिजर्व
कंपनी ने बताया है कि इश्यू का करीब आधा हिस्सा क्वालिफायड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए रिजर्व रखा गया है। 35 फीसदी नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। 15 फीसदी रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। पिछले साल सेंट्रल माइन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट (CMPDIL) ने आईपीओ के लिए सेबी के पास ड्राफ्ट पेपर्स फाइल किया था।
कंपनी के पास 34 ऑपरेशनल माइंस का नेटवर्क
बीसीसीएल FY25 में देश में कोयले का सबसे ज्यादा उत्पादन करने वाली कंपनी थी। इस साल 30 सितंबर को खत्म छह महीने के पीरियड में कंपनी ने 1.57 करोड़ टन कोयले का उत्पादन किया। एक साल पहले की समान अवधि में इसने 1.90 करोड़ टन उत्पादन किया था। कंपनी के 34 ऑपरेशनल माइंस का नेटवर्क है। इनमें 4 अंडरग्राउंड माइंस शामिल हैं।