Electoral Bond: ‘लॉटरी किंग’ की कंपनी फ्यूचर गेमिंग ने चुनावी बॉन्ड के जरिए तृणमूल कांग्रेस को दिया सबसे ज्यादा चंदा
Electoral Bond: राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा दानकर्ता फ्यूचर गेमिंग था, जिसने 1,368 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे। सिक्किम, उन कुछ राज्यों में से एक, जहां लॉटरी आज भी वैलिड है। सिक्किम के दोनों राजनीतिक दलों को फ्यूचर गेमिंग से 10 करोड़ रुपए से कुछ कम का चंदा मिला है। जानें और किस कंपनी ने किस पार्टी को दिया कितना चंदा
MoneyControl News
अपडेटेड Mar 22, 2024 पर 6:15 AM
Electoral Bond: फ्यूचर गेमिंग ने तृणमूल कांग्रेस को दिया सबसे ज्यादा चंदा
Electoral Bond: इलेक्टोरल बॉन्ड की सबसे बड़ी खरीददार कंपनी फ्यूचर गेमिंग (Future Gaming) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) को कम से कम 540 करोड़ रुपए का चंदा दिया है। इस तरह से TMC फ्यूचर गेमिंग से सबसे ज्यादा चंदा हासिल करने वाली पार्टी बन गई है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की तरफ से चुनाव आयोग को बृहस्पतिवार को सौंपे गई डिटेल से यह जानकारी मिली है। ‘लॉटरी किंग’ सैंटियागो मार्टिन के स्वामित्व वाली कंपनी ने DMK, YSR कांग्रेस, BJP और कांग्रेस को भी बॉन्ड के जरिये चंदा दिया है।
सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा और सिक्किम डेमोक्रेटिक फ्रंट को भी चुनावी बॉन्ड के सबसे बड़ी खरीदार कंपनी से चंदा मिला है। चुनावी बॉन्ड की इस योजना को केंद्र की भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली सरकार ने मार्च 2018 में शुरू किया था, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने पिछले महीने रद्द कर दिया था।
इस योजना के अस्तित्व में आने के बाद से कई जानी-मानी कंपनियों ने चुनावी बॉन्ड खरीदे थे। वहीं, राजनीतिक दलों के लिए सबसे बड़ा दानकर्ता फ्यूचर गेमिंग था, जिसने 1,368 करोड़ रुपए के चुनावी बॉन्ड खरीदे थे।
TMC के अलावा इन पार्टियों के भी दिया चंदा
फ्यूचर गेमिंग ने तृणमूल कांग्रेस के अलावा तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को 509 करोड़ रुपए, आंध्र प्रदेश की युवजन श्रमिक रायतु (YSR) कांग्रेस पार्टी को करीब 160 करोड़ रुपए, बीजेपी को 100 करोड़ रुपए और कांग्रेस को इलेक्टोरल बॉन्ड (Electoral Bond) के जरिए 50 करोड़ रुपए का चंदा दिया।
सिक्किम, उन कुछ राज्यों में से एक, जहां लॉटरी आज भी वैलिड है। सिक्किम के दोनों राजनीतिक दलों को फ्यूचर गेमिंग से 10 करोड़ रुपए से कुछ कम का चंदा मिला है।
इन कंपनियों ने दिया सबसे ज्यादा चंदा
चुनावी बॉन्ड की दूसरी सबसे बड़ी खरीददार हैदराबाद की मेघा इंजीनियरिंग कंपनी को माना जाता है, जिसने BJP, भारत राष्ट्र समिति (BRS) और DMK समेत अलग-अलग राजनीतिक दलों को 966 करोड़ रुपए का चंदा दिया है।
चुनावी बॉन्ड का इस्तेमाल करने वाले राजनीतिक दलों के तीसरे सबसे बड़े दानदाता क्विक सप्लाई ने 2021-22 और 2023-24 के बीच 410 करोड़ रुपए के बॉन्ड खरीदे और इसके जरिए BJP को 395 करोड़ रुपए और शिवसेना को 25 करोड़ रुपए का चंदा दिया।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड एक बेहद कम लोकप्रिय कंपनी है, जिसका रजिस्टर्ड एड्रेस नवी मुंबई के धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी (DAKC) में है और इसका संबंध रिलायंस इंडस्ट्रीज से है। इसने BJP और शिवसेना के अलावा किसी दूसरे राजनीतिक दल को कोई चंदा नहीं दिया।
BJP को इन कंपनियों से मिला सबसे ज्यादा चंदा
चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक BJP वेदांता, भारती एयरटेल, मुथूट, बजाज ऑटो, जिंदल ग्रुप और TVS मोटर जैसे बड़े कॉर्पोरेट समूहों से सबसे ज्यादा चंदा हासिल करने वाली पार्टी है।
वेदांता ग्रुप ने BJP, कांग्रेस, बीजू जनता दल (BJD) और तृणमूल कांग्रेस को चंदा दिया, जबकि भारती एयरटेल ने BJP, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), शिरोमणि अकाली दल (SAD), कांग्रेस और जनता दल यूनाइटेडट (JDU) को चंदा दिया।
मुथुट ने BJP, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (महाराष्ट्र प्रदेश) को, बजाज ग्रुप ने BJP और आम आदमी पार्टी (AAP) को, अपोलो टायर्स ने कांग्रेस को और केवेंटर्स ने बीजेपी और कांग्रेस को चंदा दिया।
उद्योगपति लक्ष्मी निवास मित्तल ने बीजेपी और बायोकॉन प्रमुख किरण मजूमदार शॉ ने BJP, तृणमूल कांग्रेस और कांग्रेस को चंदा दिया।
रुंगटा संस प्राइवेट लिमिटेड ने कांग्रेस, BJP, तृणमूल कांग्रेस, सिक्किम क्रांतिकारी मोर्चा को चंदा दिया।
पीरामल कैपिटल और सन फार्मा जैसी दवा निर्माता कंपनियों ने BJP को , टोरेंट फार्मास्यूटिकल लिमिटेड ने BJP, AAP और कांग्रेस को , नाटको फार्मा ने BJP, तेलुगु देशम पार्टी , तृणमूल कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति को चंदा दिया।