टॉप रियल्टी कंपनियों ने राजनीतिक पार्टियों को दिया 630 करोड़ से भी ज्यादा का चंदा

टॉप 25 रियल एस्टेट कंपनियों ने राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये 630 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का चंदा दिया। चुनाव आयोग और स्टेट बैंक (SBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस चंदे में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रही। इन रियल्टी कंपनियों से बीजेपी को कुल 314 रुपये का चंदा मिला

अपडेटेड Mar 26, 2024 पर 9:15 PM
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम की सबसे बड़ी लाभार्थी भारतीय जनता पार्टी रही है।

टॉप 25 रियल एस्टेट कंपनियों ने राजनीतिक पार्टियों को इलेक्टोरल बॉन्ड के जरिये 630 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का चंदा दिया। चुनाव आयोग और स्टेट बैंक (SBI) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस चंदे में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की रही। इन रियल्टी कंपनियों से बीजेपी को कुल 314 रुपये का चंदा मिला। साथ ही, कांग्रेस को 98 करोड़ रुपये, शिव सेना को 87 करोड़, तृणमूल कांग्रेस को 41 करोड़ और भारत राष्ट्र समिति को 90 करोड़ रुपये मिले।

सबसे ज्यादा चंदा DLF ने दिया। DLF और इसकी सब्सिडियरी कंपनियों ने 2019 से 2023 के दौरान बीजेपी को कुल 180 करोड़ रुपये का चंदा दिया। प्रेस्टीज ग्रुप और इसकी सब्सिडियरी कंपनियों ने बीजेपी, कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति को चंदे के तौर पर 45 करोड़ रुपये दिए। चंदा देने वाली बाकी कंपनियों में के रहेजा कॉर्प प्राइवेट लिमिटेड भी शामिल है, जिसने बीजेपी, शिव सेना और भारत राष्ट्र समिति को संबंधित अवधि में 21 करोड़ रुपये का चंदा दिया।

माइंडस्पेस बिजनेस पार्क्स रियल एस्टेट इनवेस्टमेंट से जुड़ी कंपनी एनबी कंस्ट्रक्शंस एलएलपी ने अक्टूबर 2021 से जनवरी 2022 के दौरान कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति को 10 करोड़ रुपये से भी ज्यादा का चंदा दिया। लुलु इंडिया और इनॉर्बिट मॉल्स जैसी कमर्शियल रियल एस्टेट कंपनियों ने बीजेपी, कांग्रेस और भारत राष्ट्र समिति जैसी राजनीतिक पार्टियों को 22 करोड़ रुपये भी ज्यादा का चंदा दिया।


अब तक मिली जानकारी के मुताबिक, इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम की सबसे बड़ी लाभार्थी भारतीय जनता पार्टी रही है, जिसे पिछले 5 साल में इन बॉन्ड्स के जरिये 6,061 करोड़ रुपये मिले हैं। यह राजनीतिक पार्टियों द्वारा भुनाए गए कुल इलेक्टोरल बॉन्ड्स का तकरीबन 48 पर्सेंट है। इसके बाद दूसरे नंबर पर तृणमूल कांग्रेस है, जिसने इन बॉन्ड्स के जरिये 1,610 करोड़ रुपये हासिल किए। कांग्रेस पार्टी ने इलेक्टोरेल बॉन्ड्स के माध्यम से 1,422 करोड़ रुपये जुटाए हैं।

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