Haryana Political Crisis: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पूर्व सहयोगी जननायक जनता पार्टी (JJP) के नेता दुष्यंत चौटाला ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को पत्र लिखकर कहा है कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के पास अब बहुमत नहीं है जिसके मद्देनजर तत्काल फ्लोर टेस्ट कराया जाना चाहिए। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुडा ने कहा कि वे कांग्रेस को समर्थन देने के दुष्यंत चौटाला के बयान का स्वागत करते हैं। कांग्रेस नेताओं के नेतृत्व में शुक्रवार (10 मई) को एक प्रतिनिधिमंडल के राज्यपाल से मिलने की संभावना है।
इस बीच, जैसे ही JJP के दुष्यंत चौटाला ने नायब सिंह सैनी सरकार पर फ्लोर टेस्ट के लिए दबाव डाला, सूत्रों ने बताया कि पानीपत में हरियाणा के मंत्री महिपाल ढांडा के आवास पर जननायक जनता पार्टी के तीन विधायकों और पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर के बीच गुपचुप बैठक हुई है। हालांकि, इस मीटिंग के बारे में अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले मनोहर लाल ने हाल ही में संकेत दिए थे कि JJP के कई विधायक बीजेपी के संपर्क में है।
टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI) की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि महिपाल ढांडा ने ऐसी किसी भी बैठक से इनकार किया है। हालांकि, रिपोर्ट में कहा गया है कि सूत्रों ने कहा कि JJP की तिकड़ी देवेंदर बबली (टोहाना), रामनिवास सुरजाखेड़ा (नरवाना) और जोगी राम सिहाग (बरवाला) अकेले नहीं थे जो बीजेपी के लिए संभावित मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने के लिए जगह बना रहे थे। अखबार की रिपोर्ट में कहा गया है कि जेजेपी ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर पिछले दिन इन तीन विधायकों को कारण बताओ जारी किया था।
- हरियाणा में कांग्रेस और जननायक जनता पार्टी ने भारतीय जनता पार्टी सरकार के राज्य विधानसभा में अल्पमत में आने के बाद उसे सत्ता से बेदखल करने के अपने प्रयास तेज करते हुए राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय से संपर्क किया है।
- कांग्रेस की हरियाणा इकाई ने गुरुवार को राज्यपाल कार्यालय को एक पत्र भेजकर उनसे मिलने और राज्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति पर एक ज्ञापन सौंपने के लिए शुक्रवार का समय मांगा।
- JJP नेता दुष्यंत चौटाला ने बुधवार को राज्यपाल को पत्र लिखकर कहा था कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार के पास अब बहुमत नहीं है जिसके मद्देनजर तत्काल शक्ति परीक्षण कराया जाना चाहिए।
- तीन निर्दलीय विधायकों ने मंगलवार को BJP सरकार से समर्थन वापस ले लिया और घोषणा की कि वे कांग्रेस का समर्थन करेंगे। सरकार के पास 90 सदस्यीय राज्य विधानसभा में बहुमत से दो विधायक कम है। सरकार को दो अन्य निर्दलीय विधायकों का समर्थन प्राप्त है।
- हरियाणा की विधानसभा में वर्तमान में 88 विधायक हैं। दो सीट-करनाल और रानिया खाली हैं। BJP के 40, कांग्रेस के 30 और JJP के 10 विधायक हैं। इंडियन नेशनल लोकदल और हरियाणा लोकहित पार्टी के 1-1 सदस्य हैं। छह निर्दलीय सदस्य हैं।
- कांग्रेस ने पत्र में कहा है कि पार्टी के विधायक दल के उप नेता आफताब अहमद और मुख्य सचेतक बी बी बत्रा एवं पार्टी के अन्य नेताओं के नेतृत्व में कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल 10 मई को राज्यपाल से मिलना चाहता है।
- हालांकि, मुख्यमंत्री सैनी ने कहा है कि उनकी सरकार संकट में नहीं है। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि अल्पमत वाली सरकार को नैतिक आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए। हरियाणा में इस साल अक्टूबर में विधानसभा चुनाव होने हैं।