Inheritance Tax on Wealth: सैम पित्रोदा के पुश्तैनी संपत्ति पर टैक्स लगाने के बयान ने मचाया बवाल, दौलत पर टैक्स लगाने का मसला ऐसे शुरू हुआ

पीएम नरेंद्र मोदी ने एक चुनावी भाषण में कहा था कि कांग्रेस आपकी संपत्ति छीन कर बांट देगी। इसके बाद सैम पित्रोदा ने विरासत में मिली संपत्तियों पर टैक्स लगाने की वकालत की थी। सैम ने कहा था, अमेरिका में कोई भी शख्स अपनी संपत्ति का सिर्फ 45 फीसदी हिस्सा ही अपने बच्चों को ट्रांसफर कर पाता है। जबकि उसकी संपत्ति का 55 फीसदी संपत्ति सरकार ले लेती है

अपडेटेड Apr 26, 2024 पर 2:41 PM
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Inheritance Tax: राहुल गांधी के करीबी सैम पित्रोदा ने पुश्तैनी संपत्ति पर टैक्स लगाने का विवादास्पद बयान दिया है

लोकसभा चुनावों के बीच कांग्रेस की सीनियर नेता सैम पित्रोदा ने बवाल खड़ा कर दिया है। दूसरे चरण के मतदान होने से ठीक दो दिन पहले 24 जनवरी को सैम पित्रोदा ने कहा था कि Inheritance Tax तो लगना ही चाहिए। अब ये पूरा मामला तब शुरू हुआ जब पीएम नरेंद्र मोदी ने अपने चुनावी भाषण में कांग्रेस पर कड़े आरोप लगाए। पीएम मोदी ने कहा था, "कांग्रेस भारतीयों की संपत्ति छीनकर बांट देगी।" इस बयान के बाद राहुल गांधी के बेहद करीबी माने जाने वाले सैम पित्रोदा ने वेल्थ पर टैक्स लगाने की बात कहकर और विवाद बढ़ा दिया है। हालांकि कांग्रेस ने खुद उनके इस बयान से दूरी बना ली है। इस बारे में कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट डाला। उन्होंने इसमें कहा कि पित्रोदा कई मसलों पर खुलकर अपनी राय रखते हैं। लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी राय रखने का अधिकार है। इसका मतलब यह नहीं है कि पित्रोदा की राय हमेशा कांग्रेस की राय होती है।

Inheritance Tax पर सैम पित्रोदा का विवादित बयान

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के चेयरमैन पित्रोदा ने कहा, "अगर किसी व्यक्ति के पास 10 करोड़ डॉलर की संपत्ति है। मौत होने पर वह अपने बच्चों को सिर्फ 45 फीसदी संपत्ति ट्रांसफर कर सकता है। 55 फीसदी संपत्ति सरकार ले लेती है। यह एक अच्छा कानून है। यह कहता है कि अपनी पीढ़ी में आपने संपत्ति बनाई और अब आप दुनिया से विदा ले रहे हैं तो आपको अपनी संपत्ति पब्लिक के लिए छोड़ देनी चाहिए। पूरी नहीं, सिर्फ आधा। मुझे यह आइडिया अच्छा लगता है।"


उन्होंने कहा कि इंडिया में यह कानून नहीं है। उन्होंने कहा, "अगर किसी के पास 10 अरब रुपये हैं और अगर उसकी मौत हो जाती है तो उसके बच्चों को 10 अरब रुपये मिलते हैं। और पब्लिक को कुछ नहीं मिलता है...इसलिए यह एक ऐसा मसला है जिस पर बहस और चर्चा होनी चाहिए। मैं नहीं जानता कि इसका अंजाम क्या होगा लेकिन हमारा मतलब संपत्ति के बंटवारे से है। हम नई पॉलिसी और नए प्रोग्राम की बात कर रहे हैं जो लोगों के हित में है और जो सिर्फ बहुत अमीर लोगों के हित में नहीं है।"

सैम पित्रोदा के निशाने पर पीएम मोदी-अमित शाह

पित्रोदा के बयान से संपत्ति के बंटवारे को लेकर चल रही बहस को नया ईंधन मिल गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने पित्रोदा के बयान पर कांग्रेस पर सीधा निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के खतरनाक इरादे एक बार फिर सामने आ गए हैं। पीएम ने LIC की मशहूर टैगलाइन का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कांग्रेस का सिद्धांत है, "कांग्रेस की लूट, जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी।"

Inheritance Tax क्या है?

अमेरिकी में इनहेरिटेंस टैक्स पर कोई संघीय कानून नहीं है। हालांकि कई राज्य दो तरह के टैक्स लगाते हैं- इनहेरिटेंस टैक्स और एस्टेट टैक्स। एस्टेट टैक्स मरने वाले व्यक्ति की एस्टेट की कुल वैल्यू पर लगाया जाता है। इनहेरिटेंस टैक्स ऐसे लोगों पर लगाया जाता है जिन्हें अपने पूर्वज से एसेट्स या सपंत्ति उत्तराधिकार में मिलती है।

Inheritance Tax का कैलकुलेशन कैसे होता है?

इनहेरिटेंस टैक्स सिर्फ विरासत में मिली संपत्ति के एक हिस्से पर लाग होता है। वह भी तब जब इस संपत्ति की वैल्यू एक सीमा से अधिक होती है। 10 लाख डॉलर की वैल्यू तक की संपत्ति को इस टैक्स से छूट हासिल है। इसके ऊपर की संपत्ति पर टैक्स के रेट्स 1 फीसदी से लेकर 18 फीसदी तक है। इनवेस्टोपीडिया की एक आर्टिकल के मुताबिक अमेरिका के छह राज्यों में अगर मरने वाले व्यक्ति की पत्नी जीवित है तो उसे इनहेरिटेंस टैक्स से छूट मिलती है।

क्या इंडिया में कभी इनहेरिटेंस टैक्स था?

इडिया में इनहेरिटेंस टैक्स को 1985 में खत्म कर दिया गया था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की सरकार ने इसे खत्म किया था। जब यह कानून लागू था तब किसी व्यक्ति की मौत पर उसके बच्चों या नाती-पोतों को ट्रांसफर होने वाली संपत्ति या प्रॉपर्टी पर यह टैक्स लगता था। एस्टेट ड्यूटी एक्ट, 1953 के तहत विरासत में मिली संपत्ति की वैल्यू की 85 फीसदी तक एस्टेट ड्यूटी लगती थी।

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