Lok Sabha Election 2024: पांचवें चरण में 12 फीसदी से भी कम हैं महिला उम्मीदवार, 29 महिलाओं के खिलाफ चल रहे केस

Lok Sabha Election 2024: निर्वाचन आयोग ने कहा कि लोकसभा चुनाव के आगामी पांचवें चरण में 8 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 49 सीटों पर कुल 695 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। यह आंकड़ा मौजूदा चुनाव के पांचवें चरण के लिए दाखिल किए गए 1,586 नामांकन पत्रों की जांच के बाद सामने आया

अपडेटेड May 14, 2024 पर 3:14 PM
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Lok Sabha Election 2024: पांचवें चरण के तहत 20 मई को मतदान होगा

Lok Sabha Election 2024: लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के कुल 695 उम्मीदवारों में महिलाओं की संख्या केवल 82 है जो कुल उम्मीदवारों के मुकाबले 12 फीसदी से भी कम है। इसी के साथ जारी आम चुनाव में महिलाओं का प्रतिनिधित्व निराशाजनक रूप से निम्नतम स्तर पर बरकरार है। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने विश्लेषण के आधार पर यह जानकारी दी है। ADR की रिपोर्ट से पता चला है कि लगभग 23 फीसदी उम्मीदवार ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। जबकि लगभग 18 प्रतिशत उम्मीदवारों के खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं।

ADR ने कहा कि 20 मई को पांचवें चरण में कुल 695 उम्मीदवारों में केवल 82 (11.79 फीसदी) महिलाएं हैं। चुनाव के पहले चरण में 135 (8 प्रतिशत) महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जबकि दूसरे चरण में यह आंकड़ा 100 (8 प्रतिशत) था। इसी तरह, चुनाव के तीसरे चरण में 123 (9 प्रतिशत) तो चौथे चरण में 170 (10 प्रतिशत) महिला उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा।

18% उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित


पीटीआई के मुताबिक, ADR की रिपोर्ट में कहा गया है कि पांचवें चरण में जांच के दायरे में आने वाले 695 उम्मीदवारों में से 18 प्रतिशत (122 उम्मीदवार) पर गंभीर आपराधिक मामले लंबित हैं, जिनमें हत्या, हत्या का प्रयास, महिलाओं के खिलाफ अपराध और नफरत फैलाने वाले भाषण शामिल हैं। तीन उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ दोष सिद्धि की घोषणा की है।

ADR और नेशनल इलेक्शन वॉच ने पांचवें चरण में चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की आपराधिक पृष्ठभूमि, वित्तीय स्थिति, शिक्षा और जेंडर पहचान जानने के लिए उनके द्वारा दायर किए गए हलफनामों का विश्लेषण किया।

किस पार्टी के कितने नेता हैं दागी?

ADR की रिपोर्ट में आपराधिक मामलों का पार्टी-वार ब्योरा भी दिया गया है। प्रमुख पार्टियों में AIMIM के चार में से दो (50 फीसदी), समाजवादी पार्टी (सपा) के 10 में से चार (40 फीसदी), कांग्रेस के 18 में से सात (39 फीसदी), शिवेसना के 6 में से दो (33 फीसदी), वरज के 40 में से 12 (30 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने खुद घोषित किया है कि उन पर गंभीर आपराधिक मामले हैं।

इसी तरह TMC के सात में से दो (29 प्रतिशत), राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के चार में से एक (25 प्रतिशत), शिवसेना (यूबीटी) के आठ में से एक (13 प्रतिशत) उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ गंभीर आपराधिक मामले घोषित किए हैं।

महिलाओं के खिलाफ भी चल रहे हैं केस

ADR की रिपोर्ट के मुताबिक, 29 उम्मीदवारों ने महिलाओं के खिलाफ अपराध से संबंधित मामले घोषित किए हैं। इन 29 उम्मीदवारों में से एक ने बलात्कार (भारतीय दंड संहिता की धारा 376) से संबंधित आरोप होने की घोषणा की है। जबकि 10 उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ नफरत फैलाने वाला भाषण देने से संबंधित मामले घोषित किए हैं।

33% उम्मीदवार करोड़पति

विश्लेषण के मुताबिक 33 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं। प्रति उम्मीदवार औसत संपत्ति 3.56 करोड़ रुपये पाई गई। सबसे अधिक संपत्ति वाले शीर्ष तीन उम्मीदवारों ने 110 करोड़ रुपये से लेकर 212 करोड़ रुपये तक की संपत्ति घोषित की है।

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ADR ने कहा कि उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यताएं चिंता पैदा करती हैं, क्योंकि 42 प्रतिशत उम्मीदवारों की योग्यता 5वीं और 12वीं कक्षा के बीच है। केवल 50 प्रतिशत उम्मीदवार ग्रेजुएट या इससे अधिक है। ADR ने कहा कि 26 उम्मीदवार डिप्लोमाधारक हैं। जबकि 20 उम्मीदवार केवल शिक्षित हैं और 5 उम्मीदवार अशिक्षित हैं।

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