केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के खिलाफ विपक्ष का EVM से छेड़छाड़ का आरोप लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता राहुल गांधी की हार को छिपाने के लिए जमीन तैयार करने का एक बहाना है। नेटवर्क18 ग्रुप के चीफ एडिटर राहुल जोशी के साथ एक खास बातचीत में, गोयल ने बताया कि कैसे गांधी परिवार ने कहा कि बीजेपी और प्रधानमंत्री ED, CBI और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के बिना चुनाव नहीं जीत पाएंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्षी I.N.D.I.A. गुट जानता है कि वे चुनाव हार जाएंगे और राहुल और गांधी-नेहरू परिवार को बचाने के लिए एक "मूर्खतापूर्ण कहानी" बना रहे हैं।
उन्होंने कहा, "यह एक बहुत ही मूर्खतापूर्ण नैरेटिव है। वो पहले से ही जानते हैं कि वो हारने वाले हैं, इसलिए अब वो यह छिपाने के लिए एक कहानी के लिए आधार तैयार कर रहे हैं कि यह राहुल गांधी की हार है। इसलिए वे ईवीएम को दोष देंगे। तब वे शरद पवार या यहां तक कि उद्धव ठाकरे को भी दोषी ठहरा सकते हैं। उन्हें सिर्फ राहुल गांधी और गांधी-नेहरू परिवार को बचाना है।''
कर्नाटक और तेलंगाना से इस्तीफा दे कांग्रेस सरकार
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री, जो मुंबई उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में अपना पहला लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Elections 2024) लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर इसमें कोई गड़बड़ी हुई है, तो कर्नाटक और तेलंगाना में कांग्रेस की सरकारों को यह कहते हुए तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए कि EVM से विधानसभा चुनाव के नतीजे गलत हैं।
उन्होंने कहा, “कर्नाटक और तेलंगाना में, उन्होंने चुनाव जीता; इसलिए उन्हें तुरंत यह कहते हुए इस्तीफा दे देना चाहिए कि ईवीएम के नतीजे गलत हैं। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए और कहना चाहिए कि वे सरकार नहीं बनाएंगे और वे चुनाव के लिए बैलेट बॉक्स ही वापस चाहते हैं।"
सुप्रीम कोर्ट को भी "इमोशनल ब्लैकमेल" करता है विपक्ष
पीयूष गोयल (Piyush Goyal) कहा कि जब कोई निर्णय उनके पक्ष में नहीं आता था, तो विपक्ष भारत की शीर्ष अदालत की आलोचना करता था। जब फैसला उनके पक्ष में होता था, तो उसकी सराहना करके सुप्रीम कोर्ट को "इमोशनल ब्लैकमेल" करता था।
उन्होंने कहा, "वे सुप्रीम कोर्ट को भी इमोशनल ब्लैकमेल करते हैं कि अगर फैसला उनके पक्ष में आता है, तो 'लोकतंत्र बच जाता है, सत्यमेव जयते', सुप्रीम कोर्ट की सराहना की जाती है। लेकिन, अगर फैसला रामलला के मंदिर निर्माण के पक्ष में आता है, तो वे सुप्रीम कोर्ट की आलोचना करते हैं।"
26 अप्रैल को, एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, SC ने EVM-VVPAT के 100 प्रतिशत क्रॉस-वैरिफिकेश की मांग करने वाली याचिकाओं को खारिज कर दिया और चुनाव के दौरान बैलेट पेपर के इस्तेमाल की वापसी को खारिज कर दिया।
12 लाख EVM से एक साथ कैसे हो सकती है छेड़छाड़?
इस मुद्दे को "मूर्खतापूर्ण" और विपक्ष की सोच को "भयानक" बताते हुए, गोयल ने आगे कहा कि पूरे भारत में 12 लाख से ज्यादा EVM के साथ छेड़छाड़ करना असंभव होगा, क्योंकि वे आपस में जुड़े हुए भी नहीं हैं।
उन्होंने कहा, “देश भर में इस्तेमाल की जाने वाली लाखों EVM नेट पर भी आपस में कनेक्ट नहीं हैं। मेरा मतलब है कि उनकी सोच बहुत भयावह है। मैं तो इसे अवमानना से भी नीचे कहूंगा। क्या आप कल्पना कर सकते हैं कि देशभर में 12 लाख से ज्यादा ईवीएम इस्तेमाल में हैं और वे आपस में कनेक्ट भी नहीं हैं। इसलिए, अगर कोई गड़बड़ी करनी है, तो आपको 12 लाख EVM से छेड़छाड़ करनी होगी। और अगर ऐसा होता है, तो किसी भी चुनाव में किसी भी विपक्षी दल के जीतने या सरकार बनाने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है।”