प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की शुरुआत 2016 में हुई थी और इसका मकसद ग्रामीण इलाकों में खाना पकाने के पारंपरिक ईंधन मसलन लकड़ी आदि के बदले एलपीजी (LPG) जैसे स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इसके तीन साल बाद स्वतंत्रता दिवस पर जल जीवन मिशन की घोषणा की गई, जिसमें 2024 तक गांवों के घर-घर में पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने की बात है।
News18 के सर्वे के मुताबिक, पोल में शामिल 70 पर्सेंट प्रतिनिधियों का कहना था कि उन्हें मुफ्त या सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर और जल जीवन मिशन का फायदा मिला है। इस सर्वे में 1 लाख से भी ज्यादा वोटरों को शामिल किया गया। इस सर्वे में 21 प्रमुख राज्यों को शामिल किया गया, जहां देश की 95 पर्सेंट लोकसभा सीटें हैं। सर्वे के लिए फील्ड वर्क 12 फरवरी से 1 मार्च 2024 के बीच किया गया। हर लोकसभा क्षेत्र में 210 इंटरव्यू किए गए और 21 राज्यों में वोटरों का कुल सैंपल साइज 1,08,780 था।
तकरीबन हर धार्मिक समुदाय के लोगों ने इस बात से सहमति जताई कि उन्होंने मुफ्त या सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर का फायदा मिला है। जहां तक अलग-अलग समुदायों की बात है, तो अनुसूचित जनजाति ने कुकिंग गैस स्कीम का सबसे ज्यादा फायदा हासिल किया। इसके बाद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBCs) और अनुसूचित जाति (SCs) का नंबर रहा। एक और लोकप्रिय स्कीम- जल जीवन मिशन का हाल भी कुछ ऐसा ही रहा। सर्वे में शामिल 26 से 35 साल के लोगों में से 71 पर्सेंट ने इन दोनों स्कीम को सबसे ज्यादा मददगार बताया।
सर्वे में शामिल लोगों के मुताबिक, ऊपर बताई गई दो स्कीम्स के बाद प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) सबसे लोकप्रिय स्कीम रही। सर्वे में शामिल 68 पर्सेंट लोगों का कहना था कि उन्हें इस स्कीम से फायदा मिला। सर्वे में शामिल जिन स्कीम्स पर लोगों की राय ली गई, उसमें सबसे कम रेस्पॉन्स प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर देखा गया। सर्वे में 58 पर्सेंट लोगों ने इसे अपनी पसंदीदा स्कीम बताया। साथ ही, ग्रामीण इलाकों के बजाय शहरी इलाकों में लोगों ने इस स्कीम का विकल्प चुना।