2021-2022 में कोविड की वजह से मेरी टैक्सेबल इनकम 680 रुपये हुई: राजीव चंद्रशेखर

नामांकन पत्र या गलत हलफनामा जमा या कोई जानकारी छिपाने से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन 125 ए के तहत कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं हलफनामे के अनुसार 2022-23 के इनकम टैक्स रिटर्न में चंद्रशेखर की टोटल इनकम 5,59,200 रुपये दिखाई गई है

अपडेटेड Apr 12, 2024 पर 2:55 PM
तिरुअनंतपुरम सीट पर चंद्रशेखर लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवार है।

Taxable Income: तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट से बीजेपी के उम्मीदवार राजीव चंद्रशेखर आजकल अपने हलफनामे के कारण खूब सुर्खियों में है। दरअसल, राजीव चंद्रशेखर ने अपने हलफनामे में फाइनेंशियल ईयर 2021-2022 में टैक्सेबल इनकम 680 रुपये दिखाई है। इसका कारण उन्होंने कोविड-19 के दौरान हुए नुकसान को बताया है। जबकि उनकी इस टैक्सेबल इनकम और हलफनामे पर कांग्रेस ने आपत्ति जताई है।

इनकम हुई प्रभावित

चंद्रशेखर ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी इनकम सिर्फ एक सांसद/मंत्री के रूप में उनकी सैलरी, भत्तों और सेविंग/इंवेस्टमेंट के इंटरेस्ट/डिविडेंड से आती है और कोविड-19 के दौरान पार्टनरशिप में नुकसान से उनकी टैक्सेबल इनकम प्रभावित हुई है।


वैरिफाई करने के निर्देश

ये बयान सोशल मीडिया पर राजीव चंद्रशेखर ने तब दिया जब इलेक्शन कमिशन ने सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेस (CBDT) को चंद्रशेखर के जरिए दिए गए हलफनामे के विवरण को वैरिफाई करने का निर्देश दिया। कांग्रेस ने इलेक्शन कमिशन में शिकायत दर्ज की थी कि चंद्रशेखर की असल संपत्ति और उनके चुनावी हलफनामे में घोषित संपत्ति के बीच बहुत अंतर है।

कानूनी परिणाम

आपको बता दें, नामांकन पत्र या गलत हलफनामा जमा या कोई जानकारी छिपाने से जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 के सेक्शन 125 ए के तहत कानूनी परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं। हलफनामे के अनुसार 2022-23 के इनकम टैक्स रिटर्न में चंद्रशेखर की टोटल इनकम 5,59,200 रुपये दिखाई गई है, जबकि फाइनेंशियल ईयर 2021-22 के लिए यह 680 रुपये थी।

छवि खराब करने का आरोप

चंद्रशेखर ने सफाई देते हुए ये भी कहा कि 18 साल के सार्वजनिक जीवन में कभी कोई गलत काम नहीं किया है और उन्होंने कांग्रेस राजनीतिक रणनीति के तहत उनकी छवि को खराब करने का आरोप भी लगाया है। इतना ही नहीं, राजीव चंद्रशेखर ने शशि थरूर पर तंज कसते हुए सोशल मीडिया पर लिखा कि वे प्रोग्रेस, डेवलपमेंट, जॉब और स्किल्स से वोटर्स का ध्यान भटकाने के लिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं, जबकि ऐसा करने से वोटर्स भटकने वाले नहीं हैं।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।