यूएस फेड की तरफ से 2023 से दरों में बढ़ोतरी के संकेत मिलने के बाद दूसरे एशियाई बाजारों के साथ ही भारतीय बाजारों में आज गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी आज लगातार दूसरे दिन लाल निशान में बंद हुए हैं।
Geojit Financial Services के विनोद नायर का कहना है कि यूएस फेड के बयान के बाद आज भारतीय बाजारों ने अपने एशियाई पीयर्स की तरह ही व्यवहार किया। यूएस फेड ने दरों में बढ़ोतरी करने की तिथि को आगे लेकर 2023 कर लिया है। लेकिन यह बाजार के लिए मुख्य मुद्दा नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि इकोऩॉमी के तेजी से सामान्य स्थिति की तरफ लौटने और ज़ब मार्केट में मजबूती से बॉन्ड खरीद योजना में कटौती हो सकती है। और इससे बॉन्ड यील्ड घट सकती है। जिससे इक्विटी एसेट की प्राइसिंग पर असर देखने को मिल सकता है।
कल क्या हो बाजार में रणनीति
मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal Financial Services) के चंदन तापड़िया का कहना है कि निफ्टी ने अपने ओपनिंग जोन से ऊपर क्लोज होते हुए डेली स्केल पर एक बुलिश कैंडल बनाया लेकिन कारोबार के अंत में करीब 75 अंकों की गिरावट के साथ बंद हुआ है। निफ्टी को 15800-15900 की तरफ जाने के लिए 15700 के ऊपर टिके रहना होगा। निफ्टी के लिए नीचे की तरफ 15,600 - 15,550 की जोन में सपोर्ट दिख रहा है।
कैपिटल वाया (CapitalVia Global Research) के आशीष बिश्वास का कहना है कि ग्लोबल ट्रेंड को फॉलो करते हुए आज भारतीय बाजारों में भी मुनाफा वसूली देखने को मिली। बाजार को 15750 के ऊपर लगातार रजिस्टेंस का सामना करना पड़ रहा है और आज इसमें 15,620 पर डिप आता दिखा है। अगर निफ्टी 15,650 के नीचे फिसलता है तो फिर इसमें हमें 15,470-15,500 तक की गिरावट देखने को मिल सकती है। RSI और MACD जैसे मोमेंटम इंडीकेटर भी बाजार में एक स्मॉल करेक्शन की ओर इशारा कर रहे हैं।
सुमीत बगाड़िया का कहना है कि 15,550 पर इमिडिएट सपोर्ट नजर आ रहा है। वहीं 15,900 इसके लिए रजिस्टेंस का काम करेगा।
Sharekhan के गौरव रत्नपारखी का कहना है कि निफ्टी के लिए 15,600 और 15,560 के जोन में सपोर्ट नजर आ रहा है। अगर यह इसके ऊपर टिके रहने में कामयाब रहता है तो हमें तेजी का अगला दौर देखने को मिलेगा और अगर नीचे की तरफ यह लेबल टूट जाता है तो फिर निफ्टी हमें 15,400 की तरफ जाता दिख सकता है।
Kotak Securities के श्रीकांत चौहान का कहना है कि अगर निफ्टी और सेंसेक्स 15,550 और 51,700 के नीचे नहीं फिसलते हैं तो फिर 18 जून को हमको इनमें नया लेबल देखने को मिल सकता है। तत्कालीन आधार पर निफ्टी के लिए 15,770 और सेंसेक्स के लिए 52,500 और फिर उसके बाद 15,850 और 52,700 रजिस्टेंस नजर आ रहे हैं।
वहीं अगर निफ्टी 15,550 और सेंसेक्स 51,700 के नीचे फिसलता है तो हमें इनमें नीचे की तरफ पहले 15,400 और 51,300 का स्तर देखने को मिल सकता है और उसके बाद गिरवाट और भी बढ़ सकती है।