पहली तिमाही के मजबूत जीडीपी आंकड़ों के बावजूद आज के कारोबार में Nifty लगातार 7 दिनों की बढ़त के बाद लाल निशान में बंद हुआ। अब तक की तेजी के बाद बाजार में आज मुनाफा वसूली देखने को मिली। बता दें कि पहली तिमाही में देश की रियल जीडीपी (GDP) में सालाना आधार पर 20.1 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
GDP में आए इस रिकॉर्ड तिमाही आधार की मुख्य वजह पिछले साल का लो बेस रहा। Q1FY21 में GDP में 24.4 फीसदी का संकुचन देखने को मिला। इस अवधि में कोरोना आउटब्रेक और उसके चलते लागू लॉकडाउन ने देश की इकोनॉमी को पटरी से उतार दिया। कल आए जीडीपी आंकड़े उम्मीद के अनुरूप ही रहे हैं। इसको लेकर एनलिस्ट और ब्रेकिंग हाउसों का नजरिया भी पॉजिटिव रहा है।
बाजार सेंटिमेंट पर किसनें दिखाया असर
अब सवाल ये है की जीडीपी आंकड़ों के उम्मीद के अनुरुप रहने और इस पर अब तक आई पॉजिटिव कमेंट्री के बावजूद आज बाजार क्यों टूटा? बाजार के आज की चाल पर नजर डालें तो Sensex और Nifty आज तेजी के साथ खुले और इन्होंने इंट्राडे ट्रेड में 57,918.71 और 17,225.75 का रिकॉर्ड हाई भी लगाया। हालांकि ये इन स्तरों पर टिकनें में कामयाब नहीं रहे और बाद में मुनाफा वसूली के शिकार हो गए। इसका मतलब है की मजबूत जीडीपी आंकड़े बाजार में जोश नहीं भर सके।
इसकी एक वजह ये हो सकती है कि बाजार पहले से ही मानकर चल रहा था कि Q1 GDP आंकड़े अच्छे रहे थे। Marwadi Shares and Finance के केवल भानुशाली (Keval Bhanushali) का कहना है कि बजार पहले से ही इस पॉजिटव खबर को पचा चुका था। ऐसे मैं अच्छी खबर के मौके पर बाजार में मुनाफा वसूली देखने के मिली। उन्होंने आगे कहा कि सरकार को फोकस विनिवेश पर बना हुआ है। उम्मीद है कि ये साल शेयर बाजार के लिए सबसे बेहतर सालों में से एक होगा।
Bexley Advisors के उत्कर्ष सिन्हा का कहना है कि लॉन्ग टर्म निवेशकों को इन जीडीपी आंकड़ों को पॉजिटिव नजरिए से देखना चाहिए। बाजार का दीर्घवधि नजरिया अच्छा बना हुआ है।