Share Market Rally: वैश्विक मार्केट की रौनक के बीच घरेलू स्टॉक मार्केट में भी आज खरीदारी का माहौल दिखा। एफएमसीजी और मेटल स्टॉक्स के दम पर सेंसेक्स 400 प्वाइंट्स से अधिक उछल पड़ा और निफ्टी चढ़कर 23450 के पार पहुंच गया। ब्रोडर लेवल पर भी मार्केट में अच्छी रौनक दिखी और निफ्टी मिडकैप 100 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 आधे-आधे फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए। अब घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो आज 23 सितंबर को सेंसेक्स (Sensex) 299.17 प्वाइंट्स यानी 0.40% की बढ़त के साथ 74,828.25 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 117.80 प्वाइंट्स यानी 0.50% की तेजी के साथ 23,446.80 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 444.66 प्वाइंट्स उछलकर 74,973.74 और निफ्टी 50 भी 137.90 प्वाइंट्स चढ़कर 23,466.90 तक पहुंच गया।
Share Market Rally: ये है वजह
वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत
घरेलू मार्केट को आज वैश्विक बाजारों से मजबूत संकेत पर सपोर्ट मिला। टेक शेयरों के दम पर एशियाई मार्केट में लगातार छठे दिन रौनक रही तो अमेरिकी मार्केट में नैस्डैक मंगलवार को एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर बंद हुआ। इससे घरेलू मार्केट को भी सपोर्ट मिला।
सऊदी अरब ने एक अहम पाइपलाइन से सप्लाई फिर से शुरू की तो कच्चा तेल नरम पड़ा और ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड टूटकर प्रति बैरल $100 के नीचे आ गया। इससे मार्केट को सपोर्ट मिला है।
FMCG-Metal Stocks से मजबूत सपोर्ट
सेक्टरवाइज मार्केट को आज आईटी सेक्टर ने नीचे खींचने की काफी कोशिश की लेकिन मेटल, एफएमसीजी, पीएसयू बैंक, रियल्टी सेक्टर से शानदार सपोर्ट मिला। इसमें से निफ्टी मेटल करीब ढाई फीसदी तो एफएमसीजी, सरकारी बैंक और रियल्टी के निफ्टी इंडेक्स 1-1% से अधिक की बढ़त के साथ बंद हुए।
आईटी सेक्टर की बात करें तो इस पर यह दबाव सीएलएसए और गोल्डमैन सैक्स की रिपोर्ट से बना है, जिसमें जिक्र है कि डिमांड में सुस्ती से मीडियम-टर्म में आईटी कंपनियों की कमाई के आउटलुक पर असर पड़ सकता है। सीएलएसए का कहना है कि जियो-पॉलिटिक्स, ऊंची ब्याज दरों और महंगाई के चलते मैक्रो फंडामेंटल्स की कमजोरी से आईटी कंपनियों की कमाई फिसल सकती है।
मार्केट की घबराहट को मापने वाले वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया विक्स में गिरावट से मार्केट को सपोर्ट मिला है। आज यह 5.56% की फिसलन के साथ 10.39 पर बंद हुआ है। इसके अधिक होने का मतलब शॉर्ट टर्म में वोलैटिलिटी बढ़ने की आशंका और कम होने का मतलब शॉर्ट टर्म में उठा-पटक कम होने की संभावना है।
डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।