मजबूत डॉलर और दरें बढ़ने से गोल्ड पर बढ़ेगा दबाव, स्मॉलकैप के मुकाबले लार्जकैप में दिख रही ज्यादा वैल्यू - राकेश अरोड़ा

अभी त्यौहार की वजह से गोल्ड में बाइंग चालू है और मैरिजेस सीजन भी है । उसके बाद भी अगर गोल्ड नहीं चल पा रहा है तो इसका मतलब कि इसमें काफी वीकनेस है। थोड़ा सा लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड ने बहुत ही फिनोमिनल रिटर्न दिया है। अब इसमें एक नॉर्मल मीन रिवर्जन चल रहा है। ऐसा लगता है कि अभी गोल्ड में 4000-3600 डॉलर के आसपास बॉटम बनना चाहिए

अपडेटेड Oct 29, 2026 पर 3:39 PM
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राकेश अरोड़ा की राय है कि भारतीय कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ अच्छी है। गिरावट में खरीदारी रणनीति रखनी चाहिए। ग्लोबल मैक्रो सुधरने पर बाजार में तेजी संभव है

29 अक्टूबर को दोपहर के कारोबार में भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। फिलहाल सेंसेक्स 549.66 अंक या 0.75 प्रतिशत की तेजी के साथ 73,795.69 पर और निफ्टी 141.55 अंक या 0.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,840.40 पर कारोबार कर रहा है। ऑटो सेक्टर को छोड़कर,बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। FMCG, मीडिया और PSU बैंक में 1-1% की तेजी दिख रही है। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.2% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.6% ऊपर कारोबार कर रहा है।

सोने पर अभी और दबाव मुमकिन

ऐसे में मार्केट आउटलुक पर चर्चा करते हुए GoIndiaStocks.com के फाउंडर राकेश अरोड़ा ने कहा कि जब रैली चल रही होती है तो ऊपर का जो 15% का मूव होता है उसमें कोई रिएक्शन नहीं आता। इसी तरह बॉटम का जो 15% मूव होता है उसमें भी कोई ज्यादा रिएक्शन नहीं आता है,क्योंकि मार्केट इसको पहले से एंटीसिपेट कर लेता है कि हम पीक के नजदीक पहुंच चुके हैं। गोल्ड का अभी यही हाल है। पिछले कई महीनों से चाइना से काफी जबरदस्त मांग आ रही है। इंडिया में भी हम गोल्ड के एक बिजी सीजन में पहुंच चुके हैं ।


अभी त्यौहार की वजह से गोल्ड में बाइंग चालू है और मैरिज सीजन भी है । उसके बाद भी अगर गोल्ड नहीं चल पा रहा है तो इसका मतलब कि इसमें काफी वीकनेस है। थोड़ा सा लंबे नजरिए से देखें तो गोल्ड ने बहुत ही फिनोमिनल रिटर्न दिया है। अब इसमें एक नॉर्मल मीन रिवर्जन चल रहा है। ऐसा लगता है कि अभी गोल्ड में 4000-3600 डॉलर के आसपास बॉटम बनना चाहिए। डॉलर मजबूत हो रहा है और आगे इंटरेस्ट रेट भी बढ़ सकता है। ऐसे में आगे गोल्ड पर थोड़ा दबाव दिख सकता है।

लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से बाजार बहुत ही अच्छी स्थिति में 

ओवरऑल मार्केट पर अपनी राय साझा करते हुए राकेश अरोड़ा ने कहा कि इस समय ग्लोबल मैक्रो स्थितियां हमारे अनुकूल नहीं हैं। यह कहना मुश्किल है कि ब्रेंट क्रूड कहां जाएगा, क्योंकि मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता बनी हुई है। जब तक अमेरिका में मिड टर्म इलेक्शन के नतीजे नहीं आ जाते तब तक कुछ कहा नहीं जा सकता। दूसरी ओर अच्छी बात ये है कि कंपनियों के नतीजे अच्छे आ रहे हैं। अभी तक 423 कंपनियों के नतीजे आ चुके हैं। इनकी अर्निंग ग्रोथ 28 फीसदी के आसपास रही है। जब इनकी अच्छी अर्निंग ग्रोथ आती है और मार्केट ने पिछले दो साल से कुछ किया नहीं है तो ऐसे में बाजार के नीचे गिरने की संभावना बहुत कम हो जाती है।

राकेश अरोड़ा ने आगे कहा कि लॉन्ग टर्म निवेश के नजरिए से इस समय बाजार बहुत ही अच्छी स्थिति में दिख रहा है। किसी में गिरावट में अच्छे क्वालिटी शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना चाहिए। ग्लोबल मैक्रोज में जैसे ही स्थिरता आएगी और क्रूड के नरम पड़ने के संकेत मिलेंगे वैसे ही हमारे बाजार तेजी से रफ्तार पकड़ सकते हैं।

राकेश अरोड़ा के पसंदीदा सेक्टर

बाजार के अपने पसंदीदा पॉकेट्स पर बात करते हुए राकेश अरोड़ा ने कहा कि इस समय स्माल कैप के मुकाबले लार्ज कैप में काफी वैल्यू दिख रही है। लार्ज कैप में 35% तो फाइनेंशियल शेयर ही हैं। फाइनेंशियल्स में अच्छी ग्रोथ भी चल रही है। इनकी 19-20 फीसदी की क्रेडिट ग्रोथ चल रही है। साथ ही FCNR डिपॉजिट लेकर इन्होंने अपना डिपॉजिट बेस भी बढ़ा लिया है। फाइनेंशियल शेयरों के भाव भी बहुत अच्छे हो गए हैं। ऐसे में फाइनेंशियल शेयर निवेश के लिए काफी अच्छे लग रहे हैं।

इसके अलावा इंडस्ट्रियल और फेरस मेटल्स में भी निवेश के मौके दिख रहे हैं। इनमें भी थोड़ी पोजीशन बनाई जा सकती है क्योंकि वहां पर अच्छा करेक्शन आ चुका है और ये ग्लोबल के बजाय डोमेस्टिक इकोनॉमी से ज्यादा लिंक्ड है। ऐसे यहां पर एक अच्छा मूव बन सकता है क्योंकि इनकी प्रॉफिटेबिलिटी बरकरार है और आगे एक दो क्वार्टर की विजिबिलिटी भी काफी स्ट्रांग दिख रही है।

इसके अलावा फार्मा सेक्टर थोड़ा मिक्स्ड है, लेकिन यहाँ पर भी निवेश की अपॉर्चुनिटीज हैं। आईटी में भी टेक्टिकल पोजीशन बनाने के चांस बन रहे हैं। इस सेक्टर में जो कंपनियां एआई से ज्यादा जुड़ी हुई है उनमें पोजीशन बनाएंगे तो बेहतर रहेगा।

टेलीकॉम सेक्टर पर बात करते हुए राकेश अरोड़ा ने कहा कि इस सेक्टर की Vodafone Idea जैसी पीछे रहने वाली कंपनियों के भी सब्सक्राइबर बेस बढ़ने लगे हैं। देश में डिजिटाइजेशन, एआई और डेटा खपत का ट्रेंड आगे और बढ़ने वाला है। इस सेक्टर में बहुत ही अच्छा है। टेलीकॉम शेयरों में बने रहें।

 

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