पोर्ट्स से लेकर बिजली तक के क्षेत्र में कारोबार करने वाली अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने बताया कि वह वित्त वर्ष 2025 में करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये (15.6 अरब डॉलर) के कैपिटल एक्सपेंडिचर की योजना बना रही है। अदाणी ग्रुप के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO), जुगेशिंदर सिंह ने 25 जून को अहमदाबाद में मीडिया से बात करते को यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ग्रुप इस वित्त वर्ष में 2 से 2.5 अरब डॉलर की इक्विटी पूंजी जुटाने की तैयारी में है। एनडीटीवी प्रॉफिट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जुगेशिंदर सिंह ने यह भी कहा कि अदाणी एंटरप्राइजेज वित्त वर्ष 28 में अपने एयरपोर्ट बिजनेस को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराएगी।
जुगेशिंदर सिंह ने बताया कि अदाणी ग्रीन एनर्जी इस वित्त वर्ष में 34,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इससे मौजूदा वित्त वर्ष में उसकी क्षमता 6-7 गीगावाट बढ़ेगी। इसके अलावा, सिंह ने यह भी कहा कि सभी पूंजी के निवेश के बाद मार्जिन फिलहाल 30 प्रतिशत पर है।
CFO ने यह भी अदाणी ग्रुप का कैश प्रति शेयर ग्रोथ फिलहाल 43.2 प्रतिशत है, जो देश में सबसे अधिक है। रिपोर्ट में सिंह के हवाले से कहा गया कि समूह हर एक डॉलर की ग्रोथ योजना के लिए जरूरी नकदी का 70 प्रतिशत आंतरिक रूप से जुटाता है।
इस बीच, जुगेशिंदर सिंह ने उन खबरों का खंडन किया कि जिसमें कहा गया था कि अदाणी ग्रुप, पेटीएम में हिस्सेदारी लेने की योजना बना रहा है। हालांकि उन्होंने साथ में यह भी कहा कि वे फिनटेक सेक्टर में "किसी भी अवसर का मूल्यांकन" करेंगे।
जुगेशिंदर सिंह का बयान अदाणी ग्रुप के मालिक गौतम अदाणी के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका ग्रुप भारत में तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चरर सेक्टर में मौजूदा मौकों का लाभ उठाने के लिए "अच्छी स्थिति" में है।
अदाणी ग्रुप का कारोबार बंदरगाह से लेकर पावर यूटिलिटी, ट्रांसमिशन और कोयला तक में फैला है। गौतम अदाणी ने कहा कि उनका ग्रुप इंफ्रास्ट्रक्चर खर्च पर दांव लगा रहा है और इसके आने वाले सालों में 20 से 25 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है।
जनवरी 2023 में अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म, हिंडनबर्ग ने अदाणी ग्रुप पर टैक्स हेवन देशों का अनुचित उपयोग करने और स्टॉक में हेरफेर करने का आरोप लगाया था। इसके बाद अदाणी ग्रुप के शेयरों की वैल्यू 150 अरब डॉलर तक घट गई थी। हालांकि बाद में भारत के सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अदाणी ग्रुप को क्लीन चिट दे दिया और कहा कि इसमें जांच की कोई जरूरत नहीं है। तब से अदाणी ग्रुप के शेयरों में तेजी से रिकवरी हुई है।