अदाणी ग्रुप (Adani Group) ने 12 मार्च को बताया कि उसने 2.15 अरब डॉलर का लोन तय वक्त से पहले चुका दिया है। कंपनी के लोन चुकाने की डेडलाइन 31 मार्च 2023 थी। इसके अलावा प्रमोटर्स ने अंबुजा सीमेंट के अधिग्रहण के लिए गए 500 अरब डॉलर का ब्रिज लोन भी चुका दिया है। ब्रिज लोन का मतलब छोटे लोन से होता है जो किसी बड़े लोन को चुकाने के लिए लिया जाता है।
गौतम अदाणी के इस ग्रुप ने कहा, "प्रमोटर इक्विटी कॉन्ट्रीब्यूशन बढ़ाना चाहते हैं और यह कदम इसी दिशा में उठाया गया है। प्रमोटर्स ने अंबुजा और ACC सीमेंट्स के अधिग्रहण के लिए जो 6.6 अरब डॉलर का लोन लिया था उसमें से 2.6 अरब डॉलर चुका दिया है।"
कितने दिन में पूरा हुआ प्रीपेमेंट?
अदाणी ग्रुप ने बताया कि 'प्रीपेमेंट का काम 6 हफ्तों के भीतर ही पूरा हुआ है। इससे पता चलती है कि कंपनी के पास पर्याप्त नकदी है। और स्पॉन्सर लेवल पर भी फंड का इंतजाम हो रहा है।' अदाणी ग्रुप ने ऐसे समय में लोन चुकाने का ऐलान किया है जब फाइनेंशियल टाइम्स की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि अदाणी ग्रुप ने ग्लोबल लेंडर्स से निवेदन किया है कि वे अंबुजा सीमेंट में 4-5% हिस्सेदारी बेचकर 45 करोड़ जुटा लें ताकि कर्ज कम हो सके।
कितने में खरीदी थी अंबुजा सीमेंट की पूरी हिस्सेदारी
अदाणी ग्रुप ने 10.5 अरब डॉलर में अंबुजा सीमेंट और ACC सीमेंट में होल्सिम ग्रुप की पूरी हिस्सेदारी खरीदी थी। यह अदाणी ग्रुप की तरफ से किया गया अभी तक का सबसे बड़ा अधिग्रहण था। इसके साथ ही यह इंफ्रास्ट्रक्चर और मटीरियल सेगमेंट में भारत का सबसे बड़ा मर्जर एंड एक्विजिशन था। होल्सिम ने अंबुजा सीमेंट्स में अपनी 63.19 फीसदी हिस्सेदी और ACC में 54.53 फीसदी हिस्सेदारी बेची थी। ACC की कुल 54.53 फीसदी हिस्सेदारी में 50.5 फीसदी अंबुजा सीमेंट्स के जरिए थी।
हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद आई थी शेयरों में गिरावट
अदाणी ग्रुप का कारोबार पोर्ट से लेकर पावर बिजनेस तक फैला हुआ है। हालांकि 24 जनवरी को हिंडनबर्ग की रिपोर्ट आने के बाद कंपनी के शेयरों में जबरदस्त गिरावट बनी हुई है। हालांकि अमेरिकी इनवेस्टमेंट फर्म GQG ने अदाणी ग्रुप में हाल ही में 15,446 करोड़ रुपये का भारी भरकम निवेश किया है जिसके बाद से इसके शेयरों में एक बार फिर से उछाल देखने को मिला है। इसके बाद से ग्रुप की कुछ कंपनियों के शेयरों में लगातार अपर सर्किट लग रहा है। GQG पार्टनर्स के प्रेसिडेंट और सीईओ राजीव जैन ने 8 मार्च को कहा था कि वह अदाणी ग्रुप में और निवेश करेंगे।