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Adani Group के तीन शेयर ASM फ्रेमवर्क के तहत डाले गए, जानिए क्या है इसका मतलब

Adani stocks under ASM framework : NSE ने अडानी ग्रुप के तीन शेयरों अडानी एंटरप्राइजेस, अडानी पोर्ट्स और अम्बुजा सीमेंट्स को एडीशनल सर्विलांस मीजर (ASM) फ्रेमवर्क के तहत डाल दिया है। इसका मतलब यह है कि इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अब 100% अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत होगी और इससे शॉर्ट सेलिंग पर अंकुश लगेगा। इस कदम का मकसद अडानी ग्रुप के शेयरों में उतार-चढ़ाव को कम करना है

Curated By: Moneycontrol Newsअपडेटेड Feb 03, 2023 पर 11:10 AM
Adani Group के तीन शेयर ASM फ्रेमवर्क के तहत डाले गए, जानिए क्या है इसका मतलब
Adani Group : मार्केट रेगुलेटर सेबी और शेयर बाजारों ने रिस्क में कमी और भारी उतार-चढ़ाव वाले स्टॉक्स की निगरानी के लिए वर्ष 2018 में एएसएम की व्यवस्था पेश की थी

Adani stocks under ASM framework : नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अडानी ग्रुप के तीन शेयरों अडानी एंटरप्राइजेस, अडानी पोर्ट्स और अम्बुजा सीमेंट्स को एडीशनल सर्विलांस मीजर (ASM) फ्रेमवर्क के तहत डाल दिया है। यह बदलाव शुक्रवार, 3 फरवरी 2023 को लागू हो गया है। इसका मतलब यह है कि इंट्राडे ट्रेडिंग के लिए अब 100% अपफ्रंट मार्जिन की जरूरत होगी और इससे शॉर्ट सेलिंग पर अंकुश लगेगा। इस कदम का मकसद अडानी ग्रुप के शेयरों में उतार-चढ़ाव को कम करना है। साथ ही अब इन शेयरों पर निगरानी भी बढ़ जाएगी। जानिए अतिरिक्त सर्विलांस के इस कदम का क्या है मतलब...

इनवेस्टर्स के लिए है एक तरह की वार्निंग

मार्केट रेगुलेटर सेबी और शेयर बाजारों ने रिस्क में कमी और भारी उतार-चढ़ाव वाले स्टॉक्स की निगरानी के लिए वर्ष 2018 में एएसएम की व्यवस्था पेश की थी। बाजार में ईमानदारी बढ़ाने और इनवेस्टर्स के हितों की रक्षा के लिए यह पहल की गई थी। एएसएम के तहत स्टॉक्स को डालने को एक्सचेंजेस की कीमतों में असामान्य उतार-चढ़ाव के प्रति इनवेस्टर्स को वार्निंग भी माना जाता है।

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