Adani Ports Q2 Results: अदाणी पोर्ट के नतीजों ने दिखाया दम! मुनाफा ₹3,682 करोड़ पहुंचा, मार्केट से तेज है शेयर की चाल

Adani Ports Q2 Results: अदाणी पोर्ट्स का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में 18% बढ़कर 3,682 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 24% बढ़कर 11,340 करोड़ रुपये और EBITDA 23% बढ़कर 6,807 करोड़ रुपये पहुंचा। कंपनी ने FY27 के रेवेन्यू और EBITDA गाइडेंस को 1,000-1,000 करोड़ रुपये बढ़ाया है

अपडेटेड Oct 28, 2026 पर 1:44 PM
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अदाणी पोर्ट्स का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दूसरी तिमाही में 18% बढ़कर 3,682 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू 24% बढ़कर 11,340 करोड़ रुपये और EBITDA 23% बढ़कर 6,807 करोड़ रुपये पहुंचा। कंपनी ने FY27 के रेवेन्यू और EBITDA गाइडेंस को 1,000-1,000 करोड़ रुपये बढ़ाया है।

Adani Ports Q2 Results: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) ने बुधवार को FY27 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए, जिनमें हर मोर्चे पर बढ़त दिखी। कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 18% बढ़कर 3,682 करोड़ रुपये पहुंच गया। रेवेन्यू में 24% की छलांग आई। मजबूत पहली छमाही से उत्साहित कंपनी ने पूरे FY27 के लिए अपने रेवेन्यू और EBITDA गाइडेंस को भी ऊपर कर दिया है।

मुनाफा 18% और रेवेन्यू 24% बढ़ा

पिछले साल की इसी तिमाही में अदाणी पोर्ट्स ने 3,120 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस बार यह आंकड़ा 3,682 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यानी एक साल में कंपनी के मुनाफे में 562 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ।


कंपनी का कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के 9,167 करोड़ रुपये से 24% बढ़कर 11,340 करोड़ रुपये रहा। यह बढ़त किसी एक कारोबार के दम पर नहीं आई। घरेलू पोर्ट्स, इंटरनेशनल पोर्ट्स, लॉजिस्टिक्स और मरीन, चारों कारोबारों ने इसमें हाथ बंटाया।

ऑपरेटिंग मुनाफा भी इसी रफ्तार से बढ़ा। कंपनी का EBITDA 23% बढ़कर 6,807 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो एक साल पहले 5,550 करोड़ रुपये था। इन आंकड़ों के हिसाब से कंपनी का EBITDA मार्जिन इस तिमाही में 60.03% रहा, जबकि पिछले साल की इसी तिमाही में यह 60.54% था। यानी कंपनी अपनी हर 100 रुपये की कमाई में से करीब 60 रुपये ऑपरेटिंग मुनाफे के तौर पर बचा रही है।

FY27 का गाइडेंस बढ़ा, कैपेक्स भी ज्यादा

पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन ने कंपनी का भरोसा बढ़ा दिया है। APSEZ ने FY27 के लिए अपने रेवेन्यू और EBITDA, दोनों के गाइडेंस में 1,000-1,000 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की है।

अब कंपनी को FY27 में 44,000 से 46,000 करोड़ रुपये के रेवेन्यू की उम्मीद है। EBITDA के लिए यह अनुमान 26,000 से 27,000 करोड़ रुपये का है। यानी पहले का रेवेन्यू गाइडेंस 43,000 से 45,000 करोड़ रुपये और EBITDA गाइडेंस 25,000 से 26,000 करोड़ रुपये का बनता था।

कंपनी खर्च करने के मामले में भी पीछे नहीं हट रही। APSEZ ने अपने कैपिटल एक्सपेंडिचर यानी कैपेक्स के गाइडेंस को 3,000 करोड़ रुपये बढ़ाकर 15,000 से 17,000 करोड़ रुपये कर दिया है। कंपनी अपने एंबिशन 2031 लक्ष्यों की तरफ कदम बढ़ा रही है और ज्यादा कैपेक्स उसी सफर का हिस्सा है।

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घरेलू पोर्ट्स अब भी कमाई की रीढ़

अदाणी पोर्ट्स की कमाई में सबसे बड़ा योगदान अब भी देश के अंदर मौजूद पोर्ट्स का है। इस तिमाही में घरेलू पोर्ट्स का रेवेन्यू सालाना आधार पर 13% बढ़कर 7,177 करोड़ रुपये रहा। इस कारोबार का EBITDA 11% बढ़कर 5,201 करोड़ रुपये पहुंचा। EBITDA मार्जिन 72.5% रहा, जो कंपनी के सभी कारोबारों में सबसे ज्यादा है। इन पोर्ट्स पर कार्गो वॉल्यूम 118 मिलियन मीट्रिक टन (MMT) रहा।

तिमाही के दौरान कंपनी ने घरेलू मोर्चे पर दो बड़े कदम भी उठाए। APSEZ को पारादीप पोर्ट पर दो ड्राई बल्क बर्थ के लिए 30 साल का कंसेशन मिला है। इससे कंपनी की मैकेनाइज्ड क्षमता में 18 MMT का इजाफा होगा। इसके अलावा कंपनी ने विशाखापत्तनम पोर्ट पर EXIM ऑपरेशंस भी शुरू कर दिए हैं।

इंटरनेशनल पोर्ट्स ने दिखाई सबसे तेज रफ्तार

अगर ग्रोथ की रफ्तार की बात करें तो इस तिमाही का असली हीरो इंटरनेशनल पोर्ट्स का कारोबार रहा। इसका रेवेन्यू 71% उछलकर 1,839 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA में तो 236% की जबरदस्त छलांग आई और यह 878 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। यानी एक साल में इस कारोबार का EBITDA 3.4 गुना हो गया। इसका मार्जिन 47.7% के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा।

वॉल्यूम के मोर्चे पर भी तस्वीर बदली है। इंटरनेशनल पोर्ट्स पर वॉल्यूम एक साल पहले के 10 MMT से बढ़कर 24 MMT पर पहुंच गया, यानी दोगुने से भी ज्यादा। इस बढ़त के पीछे कोलंबो वेस्ट इंटरनेशनल टर्मिनल और तंजानिया के ऑपरेशंस का रफ्तार पकड़ना रहा। इसके साथ ऑस्ट्रेलिया के NQXT से भी योगदान मिला।

कंपनी ने इस दौरान अपने कोलंबो टर्मिनल के फेज II का उद्घाटन भी किया। इससे टर्मिनल की क्षमता 1.6 मिलियन TEU से दोगुनी होकर 3.2 मिलियन TEU हो गई है।

लॉजिस्टिक्स और मरीन कारोबार भी बढ़े

पोर्ट्स के अलावा कंपनी के बाकी कारोबारों ने भी अच्छा प्रदर्शन किया। लॉजिस्टिक्स कारोबार का रेवेन्यू 21% बढ़ा। इस बढ़त को कंपनी के इंटीग्रेटेड शोर-टू-डोर नेटवर्क के विस्तार से सहारा मिला। यानी सामान को पोर्ट से उठाकर सीधे उसकी मंजिल तक पहुंचाने वाला नेटवर्क अब और बड़ा हो रहा है।

मरीन कारोबार ने तो और तेज रफ्तार पकड़ी। इसका रेवेन्यू 57% उछल गया। इसके पीछे दुनिया भर में कंपनी के बेड़े का विस्तार और सबसी सर्विसेज में कंपनी की एंट्री रही।

13,327 करोड़ का ऑपरेटिंग कैश फ्लो, कैश बैलेंस 12,502 करोड़

कंपनी की बैलेंस शीट भी मजबूत दिख रही है। FY27 की पहली छमाही में APSEZ ने 13,327 करोड़ रुपये का ऑपरेटिंग कैश फ्लो कमाया। इसी कमाई से कंपनी ने 10,521 करोड़ रुपये का निवेश किया। यानी निवेश के लिए कंपनी को अपनी जेब से बाहर देखने की जरूरत नहीं पड़ी।

कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेश्यो 1.8 गुना पर रहा। वहीं कंपनी के पास 12,502 करोड़ रुपये का कैश बैलेंस है।

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शेयर में तेजी, निफ्टी से कहीं आगे

नतीजों के दिन अदाणी पोर्ट्स के शेयर में भी तेजी दिखी। बुधवार दोपहर के कारोबार में शेयर 1.33% की बढ़त के साथ 1,778 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। 2026 में यह शेयर बाजार के मुकाबले कहीं बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। इस साल अब तक शेयर 20.1% चढ़ चुका है, जबकि इसी दौरान निफ्टी 50 में 12.9% की गिरावट आई है। यानी जहां बाजार का बड़ा हिस्सा घाटे में है, वहीं अदाणी पोर्ट्स के निवेशक मुनाफे में बैठे हैं।

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