Adani Ports Shares: अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन (APSEZ) के शेयरों में आज 21 अप्रैल को 4 फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। यह इस शेयर में 7 अप्रैल के बाद की सबसे तेज इंट्राडे गिरावट है। कंपनी के शेयरों में यह गिरावट इस खबर के बाद आई कि यह ऑस्ट्रेलिया में एक कोल टर्मिनल का अधिग्रहण करने जा रही है। कंपनी ने पिछले सप्ताह बताया कि वह करीब 2.54 अरब डॉलर (करीब 21,600 करोड़) के एक एंटरप्राइज वैल्यू पर एक ऑस्ट्रेलियाई डीप-वाटर कोल एक्सपोर्ट टर्मिनल को खरीदेगी। इससे कंपनी को अपनी ग्लोबल उपस्थिति को बढ़ाने में मदद मिलेगी।
हालांकि ब्रोकरेज फर्म नुवामा वेल्थ मैनेजमेंट का कहना है कि इस सौदे से कंपनी के अर्निंग प्रति शेयर (EPS) में गिरावट आ सकती है। इसके अलावा, डील में कुछ नॉन-कोर एसेट्स और लायबिलिटीज भी शामिल हैं, उसका भी कंपनी अधिग्रहण करेगी। सुबह 10.25 बजे के करीब, अदाणी पोर्ट्स के शेयर 2.72 फीसदी की गिरावट के साथ 1,225 रुपये के भाव पर कारोबार कर रहे थे।
अदाणी पोर्ट्स ने गुरुवार 17 अप्रैल को बताया था कि वह 2.4 अरब डॉलर के एक नॉन-कैश डील में एक ऑस्ट्रेलियाई कोल टर्मिनल का अधिग्रहण करने जा रही है। अदाणी पोर्ट्स इस सौदे के तहत कारमाइकल रेल एंड पोर्ट सिंगापुर होल्डिंग से एबॉट प्वाइंट पोर्ट होल्डिंग्स का अधिग्रहण करेगी, जिसके पास नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल का स्वामित्व है। यह अधिग्रहण ऑल-शेयर डील होगा, जिसके तहत अदाणी पोर्ट्स करीब 14.38 करोड़ शेयर कारमाइकल रेल एंड पोर्ट सिंगापुर होल्डिंग को जारी करेगी।
नॉर्थ क्वींसलैंड एक्सपोर्ट टर्मिनल (NQXT) ऑस्ट्रेलिया के ईस्ट कोस्ट पर स्थित है। यह एक डीप-वॉटर कोल एक्सपोर्ट टर्मिनल है जिसकी सालाना क्षमता 50 मिलियन टन है। अदाणी पोर्ट्स अडानी पोर्ट्स ने इसे पहली बार 2011 में 2 अरब डॉलर में खरीदा था, लेकिन 2013 में इसे अदाणी परिवार को बेच दिया था ताकि कंपनी भारत में अपने कोर ऑपरेशंस पर ध्यान केंद्रित कर सके।
अडानी पोर्ट्स के CEO अश्विनी गुप्ता ने डील को रणनीतिक कदम बताया और कहा कि यह टर्मिनल मजबूत ग्रोथ पोटेंशियल रखता है। साथ ही, भविष्य में यह ग्रीन हाइड्रोजन एक्सपोर्ट के लिए भी एक अहम केंद्र बन सकता है।
मोतीलाल ओसवाल ने दिया ₹1,560 का टारगेट प्राइस
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने कंपनी के शेयरों पर अपनी 'Buy' रेटिंग बरकरार रखी है और शेयर का टारगेट प्राइस ₹1,560 बताया है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी का फोकस कॉन्ट्रैक्टेड कैपेसिटी बढ़ाने और ऑपरेशनल सिनर्जी लाने पर है, जिससे EBITDA में मजबूती आने की उम्मीद है।
ब्रोकरेज का अनुमान है कि FY24 से FY27 के बीच कंपनी का कार्गो वॉल्यूम 10% CAGR की दर से बढ़ेगा, जिससे रेवेन्यू, EBITDA और PAT में क्रमशः 14%, 16% और 21% CAGR की ग्रोथ हो सकती है।
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