Adani Power : कमजोर तिमाही नतीजों के बाद आज अडानी ग्रुप की कंपनी Adani Power के शेयरों में 5 फीसदी का लोअर सर्किट लगा है। आज 9 फरवरी को यह स्टॉक 5 फीसदी टूटकर 172.80 रुपये प्रति शेयर के भाव पर बंद हुआ है। FY23 की दिसंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 96 फीसदी की गिरावट आई है और यह घटकर 8.77 करोड़ रुपये पर आ गया है। इसके अलावा, अडानी ग्रुप के शेयरों में उतार-चढ़ाव को देखते हुए MSCI ने शेयरों के फ्री फ्लोट स्टेटस की समीक्षा करने का ऐलान किया है। बता दें कि अमेरिकी रिसर्च फर्म हिंडनबर्ग की रिपोर्ट जारी होने के बाद से ग्रुप के शेयरों में गिरावट देखी जा रही है।
कैसे रहे कंपनी के तिमाही नतीजे
वित्त वर्ष 2022-23 की दिसंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 96 फीसदी की बड़ी गिरावट आई है और यह 8.77 करोड़ रुपये पर आ गया है। एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी को 218.49 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। कंपनी का मुनाफा अधिक खर्च के चलते घटा है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का ऑपरेशन से रेवेन्यू 44.8 फीसदी बढ़कर 7764.4 करोड़ रुपये हो गया है। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 5360.9 करोड़ रुपये था।
कंपनी ने कहा कि बिक्री में वृद्धि मुख्य रूप से हायर रेगुलेटरी इनकम, ऑपरेटिंग कैपिसिटी में वृद्धि और लंबी अवधि के बिजली खरीद एग्रीमेंट के तहत बेहतर टैरिफ रियलाइजेशन के कारण हुई है। अडानी पावर का अधिकांश राजस्व बिजली उत्पादन और संबंधित गतिविधियों से आता है। इस बीच, दिसंबर तिमाही में EBITDA पिछले साल के 2,003 करोड़ रुपये की तुलना में मामूली रूप से कम होकर 1,996 करोड़ रुपये रहा।
एमएससीआई (Morgan Stanley Capital International) ने गुरुवार, 9 फरवरी को कहा कि अडानी ग्रुप की सिक्योरिटीज के कुछ इनवेस्टर्स को अब फ्री फ्लोट (free float) के रूप में नामित नहीं किया जाना चाहिए। अब इस स्टेटस का रिव्यू किया जा रहा है। गुरुवार को ही इससे जुड़े बदलावों का ऐलान किया जाएगा। एमएससीआई ने अपने ऐलान में कहा कि एमएससीआई ग्लोबल इनवेस्टेबिल मार्केट इंडेक्स (GIMI) के लिए अडानी ग्रुप से जुड़ी कुछ खास सिक्योरिटीज की इलिजिबिलिटी और फ्री फ्लोट तय किए जाने को लेकर बाजार के प्रतिभागियों से कई तरह के फीडबैक मिले हैं।