Aditya Birla Capital Q2: आदित्य बिड़ला कैपिटल लिमिटेड (ABCL) आज 30 अक्टूबर को वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 42 फीसदी बढ़ गया है। कंपनी ने इस अवधि में 1,001 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी के मुनाफे में इस मजबूत बढ़त की वजह इसके लेंडिंग और इंश्योरेंस पोर्टफोलियो में मजबूत वृद्धि है। नतीजों के बीच कंपनी के शेयरों में 5.23 फीसदी की तेजी देखी गई और यह स्टॉक BSE पर 215.30 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 56,091 करोड़ रुपये है।
ABCL का रेवेन्यू 36% बढ़ा
आदित्य बिड़ला कैपिटल ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि सितंबर तिमाही में इसका रेवेन्यू पिछले साल की तुलना में 36 फीसदी बढ़कर 12007 करोड़ रुपये हो गया। सितंबर तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड लेंडिंग पोर्टफोलियो सालाना आधार पर 27 फीसदी बढ़कर 1.38 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें इसका NBFC और हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट भी शामिल है।
फर्म की NBFC आर्म में एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) बढ़कर 1.14 लाख करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की तुलना में 23 फीसदी की वृद्धि है। हाउसिंग फाइनेंस AUM 51 फीसदी बढ़कर 23,236 करोड़ रुपये हो गया।
एसेट मैनेजमेंट में ABCL के म्यूचुअल फंड तिमाही एवरेज AUM में सालाना आधार पर 23 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 3.83 लाख करोड़ रुपये हो गया। इंश्योरेंस सेगमेंट में लाइफ इंश्योरेंस इंडिविजुअल फर्स्ट-ईयर प्रीमियम में वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में सालाना आधार पर 33 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 1578 करोड़ रुपये हो गया। इसी अवधि में हेल्थ इंश्योरेंस ग्रॉस रिटन प्रीमियम में 39 फीसदी की वृद्धि हुई और यह 2171 करोड़ रुपये हो गया।
ABCL का कुल AUM 5.01 लाख करोड़ रुपये
ABCL का कुल AUM, जिसमें एसेट मैनेजमेंट, लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस का कंट्रीब्यूशन शामिल है, तिमाही के अंत तक 5.01 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 24 फीसदी अधिक है। तिमाही आधार पर आदित्य बिड़ला कैपिटल का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 32 फीसदी बढ़ा, जिसमें हाल ही में आदित्य बिड़ला इंश्योरेंस ब्रोकर्स लिमिटेड में ABCL की पूरी 50 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री से लाभ हुआ, जिसने 167 करोड़ रुपये का योगदान दिया।
वित्त वर्ष 2025 की दूसरी तिमाही में ABCL के NBFC बिजनेस ने डिसबर्समेंट में 17 फीसदी की एनुअल ग्रोथ हासिल की और यह 19322 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एयूएम 23 फीसदी बढ़कर 1.14 लाख करोड़ रुपये हो गया, जिसमें रिटेल, एसएमई और एचएनआई लोन पोर्टफोलियो का 65 फीसदी हिस्सा था। क्रेडिट कॉस्ट में तिमाही आधार पर 18 आधार अंकों की गिरावट आई और ग्रॉस स्टेज 2 और 3 रेश्यो में सुधार होकर 4.24 फीसदी हो गया।
हाउसिंग फाइनेंस और लाइफ इंश्योरेंस का अपडेट
हाउसिंग फाइनेंस डिवीजन में डिसबर्समेंट 113 फीसदी बढ़कर 4,010 करोड़ रुपये हो गया, जिससे AUM 51 फीसदी बढ़कर 23,236 करोड़ रुपये हो गया। एसेट मैनेजमेंट में तिमाही औसत AUM सालाना आधार पर 23 फीसदी बढ़कर 3.83 लाख करोड़ रुपये हो गया, और मासिक SIP निवेश 1425 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो 47 फीसदी की वृद्धि है।
लाइफ इंश्योरेंस की बात करें तो वित्त वर्ष 25 की पहली छमाही में फर्स्ट ईयर प्रीमियम 33 फीसदी बढ़कर 1578 करोड़ रुपये हो गया, और ग्रुप प्रीमियम में 45 फीसदी की वृद्धि हुई, जिसमें 13वें महीने की पॉलिसी पर्सिस्टेंसी 88 फीसदी रही। हेल्थ इंश्योरेंस में, प्रीमियम 39 फीसदी बढ़कर 2,171 करोड़ रुपये हो गया, और स्टैंडअलोन हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों के बीच कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 123 आधार अंकों की वृद्धि के साथ 11.9 फीसदी हो गई।