भारतीय शेयर बाजारों में स्थितियां बेहतर हो रही हैं। कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ बढ़ने के संकेत हैं। फॉरेन इनवेस्टर्स ने लंबे समय बाद खरीदारी शुरू की है। इकोनॉमी की ग्रोथ अच्छी है। ऐसे में सही सेक्टर और कंपनियों के शेयरों में निवेश से आगे अच्छी कमाई हो सकती है। आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी के सीआईओ हरीश कृष्णन ने मौजूदा माहौल में निवेश को लेकर अपनी राय बताई।
घरेलू शेयर बाजार में बेहतर हो रही है स्थितियां
कृष्णन ने कहा कि घरेलू बाजार में स्थितियां बेहतर हो रही हैं। शेयर बाजार में सूचीबद्ध टॉप 500 कंपनियों में से आधी से ज्यादा कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ 15 फीसदी से ज्यादा रही है। 18 महीने पहले सिर्फ एक-तिहाई कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ इतनी थी। साथ ही 50 गुना अर्निंग्स पर ट्रेड करने वाले शेयरों की संख्या में भी कमी आई है। इससे वैल्यूएशंस में नरमी का संकेत मिलता है।
कैपिटल मार्केट्स सेक्टर में बढ़ रही प्रतिस्पर्धा
उन्होंने तीन सेक्टर्स से दूर रहने की सलाह दी। उन्होंने बताया कि आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी फिलहाल इन तीन सेक्टर्स में नया निवेश नहीं करना चाहती। इनमें पहला सेक्टर कैपिटल मार्केट्स ईकोसिस्टम है। उनका कहना है कि इस सेक्टर में प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है। साथ ही लिस्टेड कंपनियों की संख्या बढ़ने से प्रॉफिट बनाने की क्षमता पर असर पड़ सकता है।
कैपिटल गुड्स सेक्टर में इंस्टीट्यूशनल ओनरशिप काफी बढ़ी है
उन्होंने डिफेंस को दूसरा सेक्टर बताया, जिससे दूर रहना ठीक रहेगा। डिफेंस कंपनियों की ऑर्डरबुक काफी स्ट्रॉन्ग है, लेकिन वर्किंग कैपिटल की बढ़ती जरूरत का दबाव इन कंपनियों पर दिख रहा है। तीसरा सेक्टर कैपिटल गुड्स है। इस सेक्टर की कंपनियों को AI में निवेश से फायदा हुआ है, लेकिन कंपनियों में इंस्टीट्यूशनल ओनरशिप काफी ज्यादा हो गई है।
एएमसी गुड-टू-ग्रेट इनवेस्टमेंट एप्रोच का करती है इस्तेमाल
कृष्णन ने कहा कि अगर इन तीन सेक्टर्स को छोड़ दिया जाए तो मार्केट के बाकी सेक्टर्स में काफी वैल्यू दिख रही है। उन्होंने कहा कि उनकी एएमसी गुड-टू-ग्रेट इनवेस्टमेंट फ्रेमवर्क का इस्तेमाल करती है। इसके तहत फोकस उन कंपनियों पर होता है जिनकी बाजार हिस्सेदारी बढ़ रही होती है और एग्जिक्यूशन बेहतर होता है।
न्यू-एज बिजनेसेज में है निवेश के कई मौके
उन्होंने कहा कि निवेश के मौके तब होते हैं, जब पूरा सेक्टर मुश्किल से गुजर रहा होता है लेकिन कुछ चुनिंदा कंपनियां अपनी प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ा रही होती हैं। उन्होंने इंश्योरेंस, एयरपोर्ट्स, आईटी और ऑटो एंसिलियरीज सेक्टर्स का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी को न्यू-एज बिजनेसेज पसंद हैं। उन्होंने कहा कि कंज्यूमर टेक्नोलॉजी, फिनटेक और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स सेक्टर की कंपनियों को AI से फायदा हो सकता है। उनकी प्रोडक्टविटी बढ़ सकती है और इंजीनियरिंग कॉस्ट्स कम हो सकती है।
केमिक्लल और ऑटो एंसिलियरीज कंपनियां भी अट्रैक्टिव
उन्होंने केमिकल्स और ऑटो एंसिलियरीज कंपनियों को भी बेहतर बताया। उन्होंने कहा कि इनवेस्टमेंट टीम इन सेक्टर्स में लगातार मौके तलाश रही है। इन कंपनियों को इंपोर्ट सब्सिट्यूशन, एक्सपोर्ट ग्रोथ और दूसरे देशों के साथ भारत के फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट्स (FTA) का फायदा मिलेगा।
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