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थोड़े प्राइस और टाइम करेक्शन के बाद बाजार फिर पकड़ेगा रफ्तार, वैल्यूएशन पर ध्यान दीजिए प्राइस पर नहीं

नवनीत मुनोत ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बाजार से पिछले कुछ दिनों के करेक्शन को निकाल दीजिए तो उसके बाद भी पिछली दीवाली से अब तक निफ्टी शायद 25 फीसदी ऊपर है। स्मॉल और मिड कैप इंडेक्स तो 45 फीसदी ऊपर हैं। पिछले कुछ दिनों से बाजार में मंदी देखने को मिली है। किसी भी बुल मार्केट में इतनी तेजी के बाद ये करेक्शन स्वाभाविक है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 24, 2024 पर 11:58 PM
थोड़े प्राइस और टाइम करेक्शन के बाद बाजार फिर पकड़ेगा रफ्तार, वैल्यूएशन पर ध्यान दीजिए प्राइस पर नहीं
नीलेश शाह ने कहा कि वे पिछले 6 महीनों से कह रहे थे बाजार में सावधानी बरतें। महंगे वैल्यूएशन वाले शेयरों से दूर रहें। अब वही बातें सही साबित हो रही हैं

सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल आज मुंबई में NSE गए। NSE ना सिर्फ देश का सबसे बड़ा शेयर बाजार है बल्कि देश की तरक्की और इक्विटी कल्चर में हुए बदलाव का भी बड़ा गवाह है। NSE में आज उनके साथ मौजूद रहे म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री के तीन सबसे बड़े महारथी। इनमें से पहले महारथी हैं नीलेश शाह। नीलेश शाह को ना सिर्फ शेयर बाजार में 25 साल से ज्यादा का अनुभव है बल्कि नीलेश कोटक AMC के MD और CEO भी हैं। नीलेश के अलावा ICICI Prudential AMC के ED & CIO एस नरेन भी मौजूद रहे। एस नरेश की गिनती देश के दिग्गज निवेशकों में होती है। साथ ही, इस स्पेशल शो में HDFC AMC के MD & CEO नवनीत मुनौत भी मौजूद रहे। अजमेर जिले के बेवर जैसे छोटे शहर से आने वाले नवनीत को वेल्थ क्रिएटर के तौर पर जाना जाता है। नवनीत को बाजार में 30 साल से ज्यादा का अनुभव है। बाजार के ये तीनों महारथी आज एक साथ जमा हुए है ताकि आपके साथ दिवाली सेलिब्रेट कर सकें और समृद्धि का मंत्र साझा कर सकें।

किसी भी बुल मार्केट में तेजी के बाद करेक्शन स्वाभाविक

नवनीत मुनौत ने चर्चा की शुरुआत करते हुए कहा कि बाजार से पिछले कुछ दिनों के करेक्शन को निकाल दीजिए तो उसके बाद भी पिछली दीवाली से अब तक निफ्टी शायद 25 फीसदी ऊपर है। स्मॉल और मिड कैप इंडेक्स तो 45 फीसदी ऊपर हैं। इस साल गोल्ड और बॉन्ड में भी अच्छे पैसे बने हैं। ये साल हर एक असेट क्लास के लिए अच्छा रहा है। पिछले कुछ दिनों से बाजार में मंदी देखने को मिली है। किसी भी बुल मार्केट में इतनी तेजी के बाद ये करेक्शन स्वाभाविक है। थोड़े प्राइस और टाइम करेक्शन के बाजार हेल्दी हो कर फिर रफ्तार पकड़ेगा और भारत के मजबूत इकोनॉमिक फंडामेंटल्स को रिफलेक्ट करेगा।

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