IT Stocks : भारतीय IT सेक्टर के लिए AI का संकट दिन ब दिन गहराता जा रहा है और वे एक तरह से अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही हैं। 2700 कमर्चारियों वाली कंपनी एंथ्रोपिक जिस तरह से दुनिया भर के IT सेक्टर को चैलेंज कर रही है और AI का विस्तार इकोनॉमी के सामने जिस तरह की चुनौती खड़ा कर रहा है, वह हमारी आईटी कंपनियों के लिए बहुत बड़ा चैलेंज है। एक अकेली एंथ्रोपिक का मार्केट कैप भारत की टॉप 5 IT कंपनियों से ज्यादा हो चुका है।
इस बीच अमेकिरी टेक दिग्गज Nvidia से भी हमारी आईटी कंपनियों को बड़ी चुनौती मिल रही है। चौथी तिमाही में कंपनी की आय और EPS दोनों उम्मीद से बेहतर रही है। इसकी आय सालाना आधार पर 73 फीसदी बढ़कर 68.13 अरब डॉलर रही है। EPS 1.62 डॉलर पर रहा जो 1.53 डॉलर के अनुमान से ज्यादा है। Nvidia इतने बड़े बेस पर भी 73 फीसदी की सालाना ग्रोथ दिखा रही है। Nvidia की आय 66.21 अरब डॉलर के अनुमान के मुकाबले 68.13 अरब डॉलर रही है। इसकी आय में सालाना आधार पर 73 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है।
कंपनी के मैनेजमेंट ने अपने गाइडेंस में कहा है कि पहली तिमाही में कंपनी की आय 78 अरब डॉलर से 2% ऊपर या नीचे हो सकती है,पहले यह अनुमान 72.6 अरब डॉलर का था। सीएनबीसी-आवाज के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि ऐसे में कोई भी FII भला 1-2 फीसदी ग्रोथ कर रही भारतीय IT कंपनियों में पैसा क्यों डालेगा? भारत की पहले से चली आ रही IT सॉफ्टवेयर इंडस्ट्री खत्म हो रही है। अगर IT कंपनियां खुद को नहीं बदला तो अस्तित्व का सवाल खड़ा हो जाएगा।
अनुज सिंघल की सलाह है कि IT शेयरों में हर रैली में अपनी फंसी पोजिशन्स से निकलें। ये समय IT में बॉटम ढूंढने या SIP करने का नहीं है। IT में यहां से भी बड़ा पैसा शॉर्ट साइड पर ही बनेगा। इनमें से कोई 2 या 3 कंपनियां जरूर बचेंगी और अच्छा करेंगी। लेकिन इस समय IT में बास्केट अप्रोच बिल्कुल ना रखें। इस समय भारतीय IT शेयरों की वैल्यूएशन्स का कोई मतलब नहीं है।। सिर्फ 2700 कर्मचारी के साथ एन्थ्रोपिक आज पूरे भारतीय IT कंपनियों से बड़ी है।
इन मुद्दों पर CNBC-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने एडेलवाइस के प्रेसिडेंट अजय शर्मा से खास बातचीत की है। इस बातचीत में अजय शर्मा ने कहा कि एंथ्रोपिक का मार्केट कैप 380 अरब डॉलर है। एंथ्रोपिक का मार्केट कैप भारतीय IT कंपनियों से ज्यादा है। एंथ्रोपिक में केवल 2700 कर्मचारी हैं। सिर्फ 5 कंपनियां पूरी दुनिया का AI बना रही है। अमेरिका की 4 और चीन की 1 कंपनी पूरी दुनिया का AI बना रही हैं। AI का संकट भारतीय आईटी कंपनियों पर बहुत भारी पड़ सकता है।
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