SGX निफ्टी के सारे सौदे अब सिंगापुर से GIFT CITY में ट्रांसफर, क्या भारतीय कर पायेंगे निवेश

SGX निफ्टी आज से GIFT निफ्टी नाम से जाना जाएगा। SGX निफ्टी के सारे सौदे अब सिंगापुर से GIFT CITY में ट्रांसफर हो गये हैं। आज शाम 4 बजे होगी रिंगिंग बेल सेरेमनी होने के साथ ही रोजाना इसमें 21 घंटे का कारोबारी सत्र होगा। प्रतिदिन औसत वॉल्यूम 150-200 करोड़ डॉलर रहने की उम्मीद है

अपडेटेड Jul 03, 2023 पर 1:32 PM
NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO आशीष कुमार चौहान ने LRS के तहत आप प्रति वर्ष केवल 2.5 लाख डॉलर्स ही बाहर ले जा सकते हैं। इसमें आपको स्पेकुलेटेड एक्टिविटी करने की छूट नहीं है

SGX निफ्टी का नया नामकरण होने जा रहा है। SGX निफ्टी आज से GIFT निफ्टी नाम से जाना जाएगा। इसमें एक और बदलाव देखने को मिलेगा। SGX निफ्टी के सारे सौदे अब सिंगापुर से GIFT CITY में ट्रांसफर हो गये हैं। आज शाम 4 बजे Bell Ringing Ceremony होगी। निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए GIFT निफ्टी ट्रेडिंग सत्र का पहला सेशन 6:30 AM से 3:40PM तक होगा जबकि दूसरा सेशन 5 PM से 2:45 AM तक होगा। आज शाम 4 बजे रिंगिंग बेल सेरेमनी होने के साथ ही रोजाना इसमें 21 घंटे का कारोबारी सत्र होगा। प्रतिदिन औसत वॉल्यूम 150-200 करोड़ डॉलर रहने की संभावना है। इस तरह सारे डेरीवेटिव कॉन्ट्रैक्ट गिफ्ट सिटी में ट्रांसफर हुए। इसका 950 करोड़ डॉलर का आउटस्ट्रैंडिंग ओपन इंटरेस्ट है।

हमारे सहयोगी चैनल सीएनबीसी-आवाज़ के साथ GIFT सिटी और GIFT NIFTY पर खास चर्चा करने NSE के मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO आशीष कुमार चौहान जुड़े। पेश है उनसे बातचीत के प्रमुख संपादित अंश-

7.5 अरब डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट्स GIFT निफ्टी में शिफ्ट हुए हैं। क्या इंडियंस भी इसमें पार्टिसिपेट कर सकते हैं। या सिर्फ विदेशी ही इसमें भाग ले पायेंगे?


इस सवाल के जवाब में आशीष चौहान ने कहा कि ये प्रश्न लोगों के मन में उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि ये GIFT निफ्टी भारत के ज्युरिस्डिक्शन में नहीं आता है। वहां पर डॉलर में ट्रेडिंग होती है और भारत में कैपिटल अकाउंट करने की अनुमति नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि इसके लिए आपको निजी तौर पर पैसे बाहर ले जाने होते हैं। इसे एलआरएस (LRS) यानी कि लिब्रलाइज रेमिटेंस स्कीम के तहत पैसे ले जाने होते हैं। LRS के तहत आप प्रति वर्ष केवल 2.5 लाख डॉलर्स ही बाहर ले जा सकते हैं। इसमें आपको स्पेकुलेटेड एक्टिविटी करने की छूट नहीं है। डेरीवेटिव स्पेकुलेशन कैटेगरी में आता है लिहाज आप निफ्टी में ट्रेड नहीं कर पायेंगे।

लेकिन एनएसई इंटरनेशनल एक्सचेंज में एक और सुविधा है। इसमें डिपॉजिटरी के तहत हम अमेरिकी कंपनियों का सौदा कराते हैं। इसमें आप निवेश कर सकते हैं। इसके जरिये आप माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और एमेजॉन जैसी कंपनियों में निवेश कर सकते हैं। इसलिए जब तक आरबीआई परमिशन नहीं देती है भारतीय निवेशक GIFT निफ्टी में निवेश नहीं कर सकते हैं।

सिर्फ निफ्टी फ्यूचर्स में ही ट्रेडिंग होगी या अन्य इंडेक्स भी इसमें शामिल किये जायेंगे?

आशीष चौहान ने कहा कि आज तो केवल निफ्टी फ्यूचर्स ही हैं और इसमें ऑप्शन भी शामिल हैं। GIFT Nifty Bank, GIFT Nifty Financial Services और GIFT Nifty IT में भी ट्रेडिंग होगी। इसके साथ ही हम आने वाले समय में अन्य इंडेक्स को भी इसमें शामिल करने की योजना बना रहे हैं। इसमें कुल 21 घंटे का ट्रेडिंग सेशन होगा।

 

 

 

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