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Aluminium Stocks: US-Iran शांति समझौते के बाद वेदांता,हिंडाल्को और NALCO के शेयर 5% तक टूटे, जानिए क्या है वजह

Aluminium Stocks: बैंक ऑफ अमेरिका के एनालिस्ट्स का कहना है कि सप्लाई से जुड़े जोखिम कम होने और डिमांड से जुड़ी चिंताएं बनी रहने के कारण,निकट भविष्य में एल्युमीनियम की कीमतों में गिरावट की आशंका है। इसके चलते US-Iran शांति समझौते के बाद वेदांता,हिंडाल्को और NALCO के शेयर 5% तक टूटे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 16, 2026 पर 11:20 AM
Aluminium Stocks: US-Iran शांति समझौते के बाद वेदांता,हिंडाल्को और NALCO के शेयर 5% तक टूटे, जानिए क्या है वजह
एक्सिस सिक्योरिटीज का कहना है कि एल्युमीनियम की कीमतों के 2,500 डॉलर प्रति टन से नीचे के पुराने स्तरों पर लौटने की संभावना कम है

Aluminium Stocks: 16 जून को वेदांता एल्युमीनियम,हिंडाल्को और नालको के शेयरों में 5% तक की गिरावट आई है। एल्युमीनियम की कीमतें दो महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर आ गईं है। इस असर इन शेयरों पर देखने को मिल रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक अंतरिम शांति समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के ज़रिए मेटल की शिपिंग फिर से शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है। इसके चलते लंदन मेटल एक्सचेंज पर एल्युमीनियम की कीमतें 4.4 फीसदी गिरकर 3,379.50 डॉलर प्रति मीट्रिक टन पर आ गईं है। यह इसका 27 मार्च के बाद का सबसे निचला स्तर है।

मिडिल-ईस्ट में अमेरिका और ईरान बीच एक शांति समझौते पर सहमति बनी है। इसके तहत शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल दिया जाएगा। इस योजना की बारीकियों पर अभी बातचीत चल रही है।

ईरान युद्ध के कारण मेटल की सप्लाई में भारी कमी आई थी। इस युद्ध के दौरान हुए मिसाइल हमलों में मध्य पूर्व के एल्युमीनियम स्मेल्टरों को निशाना बनाया गया और एक अहम जलमार्ग के बंद होने से कच्चे माल की आवक और तैयार मेटल की निकासी रुक गई थी।

हालांकि एल्युमीनियम बनाने वाली कंपनियों ने प्लांट चालू रखने के लिए लॉजिस्टिक्स से जुड़े कुछ उपाय किए,लेकिन युद्ध के कारण इंडस्ट्री को सप्लाई की भारी कमी का सामना करना पड़ा। 16 जून को सुबह 10 बजे के आसपास निफ्टी मेटल इंडेक्स 1.5% गिरकर 12,883.45 पर ट्रेड कर रहा था। वेदांता एल्युमीनियम, वेदांता ऑयल एंड गैस और नालको में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही ती। इनके शेयरों में 5% तक की गिरावट देखने को मिल रही थी।

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