AMFI Data : आज आए AMFI (Association of Mutual Funds in India) के आंकड़ों से पता चलता है कि बाजार की गिरावट का निवेशकों ने जमकर फायदा उठाया है। फरवरी में इक्विटी म्युचुअल फंड (Equity Mutual Fund) में होने वाला निवेश 8 फीसदी बढ़ा है। मिडकैप और स्मॉलकैप में जमकर निवेश हुआ है। हालांकि Gold ETFs में निवेश 78 फीसदी घटा है। SIP के जरिए होने वाले निवेश में भी 3.75 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
बाजार घटा, इक्विटी में भरोसा बढ़ा
AMFI के आंकड़ों से पता चलता है कि फरवरी में बाजार घटा है लेकिन इक्विटी में निवेशकों का भरोसा बढ़ा है। फरवरी में इक्विटी में होने वाला निवेश महीने दर महीने के आधार पर 8 फीसदी बढ़कर 25,965 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, SIP के जरिए होने वाला निवेश जनवरी के 31,002 करोड़ रुपए से घटकर 29,845 करोड़ रुपए पर रहा है। AMFI का कहना है कि फरवरी में कम वर्किंग डे की वजह से SIP घटी है।
AMFI के मुताबिक फरवरी में इंडस्ट्री की AUM जनवरी के 81.01 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 82.02 लाख करोड़ रुपए रही है। लार्जकैप इनफ्लो मासिक आधार पर 5.3 फीसदी बढ़कर 2,112 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, मिडकैप फंड इनफ्लो जनवरी की तुलना में 25.6 फीसदी बढ़कर 4003 करोड़ रुपए रहा है। वहीं, स्मॉलकैप फंडों में होने वाला निवेश जनवरी की तुलना में 32 फीसदी बढ़कर 3,881 करोड़ रुपए पर रहा है।
सोने-चांदी के ETF का आकर्षण घटा
फरवरी में Gold ETF इनफ्लो जनवरी की तुलना में 78 फीसदी घटकर 5255 करोड़ रुपए पर रहा है। वहीं, SILVER ETF से 826 करोड़ रुपए की निकासी हुई है। ETF फंड इनफ्लो जनवरी के 15006 करोड़ रुपए से घटकर 4,487 करोड़ रुपए पर रही है।
रिटेल निवेशक बहुत स्मार्ट
फरवरी के आंकड़ों से पता चलता है कि रिटेल निवेशक बहुत स्मार्ट हो गए हैं। सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल का कहना है कि फरवरी का MF डेटा दिल को काफी सुकून देने वाला है। भारत का रिटेल इन्वेस्टर काफी स्मार्ट हो चुका है। इसने गोल्ड और सिल्वर में शिखर पर निवेश नहीं किया है। इक्विटी में गिरावट में पैसा डाला है। यहां से AMC स्टॉक्स री-रेट हो सकते हैं।
मास्टर कैपिटल सर्विसेज में एवीपी, वेल्थ मैनेजमेंट आकांक्षा शुक्ला का कहना है कि मिडिल ईस्ट में भारी जियोपॉलिटिकल टेंशन से पैदा हुए उतार-चढ़ाव के बावजूद म्यूचुअल फंड इंडस्ट्री ने फरवरी में भी मज़बूती दिखाई। इन्वेस्टर्स का फ्लो स्थिर रहा। ये मार्केट के उतार-चढ़ाव में सोच-समझकर और समझदारी से जवाब देने की क्षमता का संकेत है। फ्लेक्सी कैप, मिड कैप और स्मॉल कैप फंड जैसे इक्विटी-ओरिएंटेड कैटेगरी में अच्छा इनफ्लो बना रहा,जो यह दिखाता है कि इन्वेस्टर अलग-अलग तरह की और ग्रोथ-ओरिएंटेड स्ट्रेटेजी को पसंद कर रहे हैं।
इसके साथ ही,लिक्विड और हाइब्रिड फंड में लगातार बने अच्छे रुझान से एसेट एलोकेशन के प्रति एक संतुलित नजरिए को दर्शाता है। कुल मिलाकर,ट्रेंड बताता है कि इन्वेस्टर अब लंबे समय के इन्वेस्टमेंट पर ज़्यादा फोकस कर रहे हैं और मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव का इस्तेमाल लंबे समय के निवेश के लिए कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।