Amir Chand share price : यहां बात अमीर चंद जगदीश कुमार (Amir Chand Jagdish Kumar) के शेयर की हो रही है जिसकी लिस्टिंग पिछले हफ्ते ही हुई थी। बासमती चावल का उत्पादन और एक्सपोर्ट करने वाली इस कंपनी का शेयर लिस्टिंग के बाद करीब 40 फीसदी फिसल गया है। निवेशकों को इस IPO में भारी नुकसान हुआ है। लिस्टिंग के बाद इस स्टॉक में कई लोअर सर्किट लगे हैं। 212 रुपए के इश्यू प्राइस वाला शेयर करीब 120 रुपए तक फिसला है। 2 अप्रैल को इसकी लिस्टिंग हुई थी। यह स्टॉक अपने IPO प्राइस से करीब 40 फीसदी लुढ़का है। फिलहाल आज 11.15 बजे के आसपास ये शेयर 3.84 रुपए यानी 3.08 फीसदी की कमजोरी के साथ 128.50 रुपए के आसपास दिख रहा है। आज का इसका इंट्राडे हाई 130.55 रुपए और इंट्राडे लो 120.78 रुपए है।
2 अप्रैल के NSE पर यह स्टॉक अपने IPO प्राइस से लगभग 6 प्रतिशत नीचे लिस्ट हुआ था। इससे पहले, 24-27 मार्च के बीच प्राइमरी मार्केट में इस इश्यू को 3.23 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था। यह शेयर NSE पर 200 रुपये प्रति शेयर पर लिस्ट हुआ था। 440 करोड़ रुपये के इस IPO का प्राइस बैंड 201-212 रुपये प्रति शेयर था। IPO के दौरान इसका डेट/इक्विटी रेश्यो 2 गुना था। अपने समकक्षों के तुलना में इसका PAT मार्जिन भी सबसे कम है। इसका PAT मार्जिन 3% है। वहीं, KRBL का PAT मार्जिन 8.5% और LT FOODS का पैट मार्जिन 7 फीसदी है।
स्टॉक पर एक्पर्ट्स की राय
लिस्टिंग के दिन इस स्टॉक पर अपनी राय देते हुए कांतिलाल छगनलाल सिक्योरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट रिसर्च एंड बिजनेस डेवलपमेंट, महेश एम. ओझा ने कहा था कि कंपनी के पास चावल की किस्मों का एक डाइवर्सिफाइड पोर्टफोलियो है, जिनकी मार्केटिंग कई इन-हाउस ब्रांड्स के तहत की जाती है। रेवेन्यू के मामले में यह कंपनी अपने समकक्षों में तीसरे स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा कि फर्म की उत्पादन क्षमता काफी मजबूत है और इसने FMCG स्टेपल्स सेगमेंट में भी विस्तार किया है। ऊपरी प्राइस बैंड पर, कंपनी का मूल्यांकन FY25 की कमाई का 36.1 गुना और FY26 की कमाई का 16.9 गुना है। लॉन्ग-टर्म निवेशक इसे मध्यम से लंबी अवधि के लिए होल्ड कर सकते हैं।
स्वस्तिका इन्वेस्टमार्ट में वेल्थ हेड शिवानी न्याती ने कहा कि स्टॉक की कमज़ोर लिस्टिंग से निवेशकों के उत्साह में कमी झलकती है, भले ही IPO को 3.23 गुना सब्सक्राइब किया गया हो। बारीकी से देखने पर पता चलता है कि इस स्टॉक में ज़्यादातर दिलचस्पी NII (HNI) सेगमेंट से आई है। जबकि रिटेल और QIB की भागीदारी अपेक्षाकृत कम रही है जो स्टॉक में संस्थागत निवेशकों के भरोसे की कमी का संकेत है।
इस बात को ध्यान में रखना होगा क्योंकि लिस्टिंग के बाद किसी भी शेयर की लगातार बनी रहने वाली अच्छी परफ़ॉर्मेंस आम तौर पर इंस्टीट्यूशनल निवेशकों की ख़रीदारी से तय होती है, जो यहां कमज़ोर दिख रही है। शॉर्ट टर्म में इस शेयर में उतार-चढ़ाव रह सकता है। इसमें गिरावट भी देखने को मिल सकती है, क्योंकि लिस्टिंग डिस्काउंट अक्सर उन निवेशकों की तरफ़ से बेचने का दबाव पैदा करते हैं, जो लिस्टिंग से मुनाफ़े की उम्मीद कर रहे थे। तकनीकी तौर पर अगर यह स्टॉक फिर से 212 रुपये के ऊपर जाता है तभी इसके ट्रेंड में बदलाव आएगा।
जिन निवेशकों को अलॉटमेंट मिला है, उन्हें घबराहट में शेयर बेचने से बचना चाहिए और इसके बजाय कुछ सत्रों तक प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए। वहीं, नए निवेशकों को या तो स्पष्ट रिवर्सल का या फिर बेहतर एंट्री लेवल का इंतज़ार करना चाहिए। कुल मिला कर शॉर्ट टर्म में स्टॉक पर सतर्कता बनाए रखने की सलाह होगी।
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