Adani को आंध्र प्रदेश की नायडू सरकार दे सकती है झटका, शुरू कराई फाइलों की जांच, कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने पर भी विचार

आंध्र प्रदेश सरकार ने अदाणी ग्रुप से जुड़े पावर सप्लाई समझौते की समीक्षा शुरू कर दी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसे रद्द किया जा सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। आंध्र सरकार ने यह कदम अदाणी ग्रुप के फाउंडर गौतम अदाणी और उनके 7 सहयोगियों के खिलाफ अमेरिका में आरोप तय होने के बाद उठाया है

अपडेटेड Nov 26, 2024 पर 2:47 PM
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आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार, पिछली सरकार के "सभी आंतरिक फाइलों की जांच कर रही है

आंध्र प्रदेश सरकार ने अदाणी ग्रुप (Adani Group) से जुड़े पावर सप्लाई समझौते की समीक्षा शुरू कर दी है और यह जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या इसे रद्द किया जा सकता है। न्यूज एजेंसी रॉयटर्स ने एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। आंध्र सरकार ने यह कदम अदाणी ग्रुप के फाउंडर गौतम अदाणी (Gautam Adani) sऔर उनके 7 सहयोगियों के खिलाफ अमेरिका में आरोप तय होने के बाद उठाया है।

अमेरिकी अधिकारियों ने गौतम अदाणी और उनके साथियों पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 2021 से 2022 के बीच उड़ीसा, तमिलनाडु, छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में सोलर एनर्जी की सप्लाई से जुड़े कॉन्ट्रैक्ट्स पाने के लिए भारतीय सरकारी अधिकारियों को कथित तौर पर 265 मिलियन डॉलर (करीब 2,100 करोड़ रुपये) की रिश्वत दी थी। आरोप के मुताबिक, इस रिश्वत का अधिकतर हिस्सा, करीब 228 मिलियन डॉलर अकेले आंध्र प्रदेश की राज्य बिजली वितरण कंपनियों को बिजली खरीदने के लिए मनाने के लिए दी गई थी। अदाणी ने इन आरोपों और पूरे मामले को निराधार बताया है।

आंध्र प्रदेश के वित्त मंत्री पय्यावुला केशव ने सोमवार को रॉयटर्स को बताया कि राज्य सरकार, पिछली सरकार के "सभी आंतरिक फाइलों की जांच कर रही है, जिनके तहत यह कथित गड़बड़ी हुई थी।" उन्होंने यह भी कहा, "हम यह भी देखेंगे कि आगे क्या कदम उठाए जा सकते हैं, जैसे कि क्या इस समझौते को रद्द किया जा सकता है। राज्य सरकार इस मुद्दे पर बारीकी से ध्यान दे रही है।"


खबर लिखे जाने के समय तक अदाणी ग्रुप का रॉयटर्स की इस खबर पर कोई बयान नहीं आया था।

आंध प्रदेश में पिछली सरकार YSR कांग्रेस पार्टी की थी, जिसके अगुआ जगन मोहन रेड्डी थी। YSR कांग्रेस ने पिछले सप्ताह एक बयान जारी करके किसी भी गड़बड़ी से इनकार किया था।

अमेरिकी आरोप पत्र में कहा गया है कि कथित रिश्वत के भुगतान के बाद, आंध्र प्रदेश की बिजली वितरण कंपनियों ने एक पावर सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत "लगभग सात गीगावाट सोलर र्जा खरीदी जाएगी, जो किसी भी भारतीय राज्य के लिए तब तक का सबसे बड़ा समझौता था।" अमेरिकी कोर्ट में लगे ये गौतम अदाणी के लिए एक बड़ा झटका साबित हुए थे और ग्रुप की कंपनियों के शेयर और बॉन्ड्स में इन आरोपों के बाद तेज गिरावट देखने को मिली थी।

इस बीच फ्रांस की ऑयल कंपनी टोटलएनर्जीज, सोमवार को अदाणी ग्रुप में आगे कोई निवेश न करने का फैसला लिया। टोटलएनर्जीज के पास अदाणी ग्रीन में 20% हिस्सेदारी है।

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