Vedanta के अनिल अग्रवाल के खिलाफ FIR, सपोर्ट में आए इंडस्ट्री के कई दिग्गज

Anil Agarwal Vedanta blast FIR: वेदांता के एक प्लांट में ब्लास्ट को लेकर इसके फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ भी एफआईआर हुई है। अब इस मामले में इंडस्ट्री के कई दिग्गज उनके सपोर्ट में आए हैं। जानिए यह मामला क्या है और इंडस्ट्री के दिग्गजों का इस मामले में क्या कहना है

अपडेटेड Apr 19, 2026 पर 10:52 AM
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घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टेड दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने एफआईआर दर्ज की है।

घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टेड दिग्गज माइनिंग कंपनी वेदांता के फाउंडर और चेयरमैन अनिल अग्रवाल के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार ने एफआईआर दर्ज की है। यह मामला वेदांता के एक प्लांट में हुए हादसे से जुड़ा है और इसमें अनिल अग्रवाल समेत 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर हुई है। इस हादसे में 23 वर्कर्स की जान चली गई थी। एफआईआर दर्ज होने के बाद से अभी तक अनिल अग्रवाल की तरफ से इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है, तो दूसरी तरफ इंडस्ट्री के कई बड़े नाम ने उनके समर्थन में आवाज उठाई है।

Vedanta चेयरमैन के सपोर्ट में किसने क्या कहा?

कुरुक्षेत्र से सांसद और जिंदल स्टील के चेयरमैन नवीन जिंदल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व नाम Twitter) पर कहा कि जांच पूरी होने से पहले अनिल अग्रवाल का नाम एफआईआर में शामिल करना गंभीर चिंता का विषय है। उनका कहना है कि जिस प्लांट में हादसा हुआ है, उसके ऑपरेशंस में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।


नवीन जिंदल ने एक और पोस्ट में उद्योग संगठनों को टैग करते हुए इस कानूनी कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देने की अपील की। जिंदल की पोस्ट पर पारस ग्रुप के प्रवेश जैन ने जवाबी प्रतिक्रिया में कहा कि नवीन जिंदल जी, आपका दिल कहां है? छत्तीसगढ़ में 20 परिवार तबाह हो गए हैं—पिता, पति और बेटे इस प्लांट में मारे गए, उनके घर के कमाने वाले हमेशा के लिए चले गए।

दिग्गज निवेशक विजय केडिया ने X पर एक क्रिप्टिक पोस्ट में अनिल अग्रवाल का सपोर्ट किया है। उन्होंने लिखा कि यदि किसी फैक्ट्री में हादसे पर प्रमोटर के खिलाफ एफआईआर होती है, तो ट्रेन हादसे पर रेल मंत्री और विमान दुर्घटना पर एविएशन अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जवाबदेही एकसमान होनी चाहिए, सेलेक्टिव नहीं।

इन्फोसिस के पूर्व सीएफओ मोहनदास पाई का कहना है कि अनिल अग्रवाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज करना गलत है, क्योंकि जिस स्थान पर व्यक्ति सीधे जिम्मेदार नहीं है, वहां उस पर अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदारी नहीं डाली जा सकती।

शुरुआती जांच में क्या सामने?

अनिल अग्रवाल ने एफआईआर को लेकर अभी कुछ कहा नहीं है लेकिन 14 अप्रैल को हुए विस्फोट के बाद उन्होंने पीड़ितों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया था।

बता दैं कि इंडस्ट्रियल सेफ्टी डिपार्टमेंट की शुरुआती जांच में प्लांट में सेफ्टी से जुड़े नियमों के पालन में लापरवाही की बात सामने आई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और मैनेजमेंट और संबंधित कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराया है। घटना के कारणों की व्यापक जांच अभी जारी है।

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