April WPI Data : अप्रैल, 2025 में भारत की थोक महंगाई (WPI) मार्च 2025 के 2.05 फीसदी से घटकर 0.85 फीसदी पर आ गई है। अप्रैल में देश की थोक महंगाई 13 महीने के निचले स्तर पर आ गई है। अप्रैल कोर WPI महीने दर महीने आधार पर बिना बदलाव 1.5 फीसदी पर रही है। अप्रैल में थोक महंगाई के 1.76 फीसदी पर रहने का अनुमान किया गया था। अप्रैल 2025 में अनाज की महंगाई मार्च के 5.49 फीसदी से घटकर 3.81 फीसदी पर रही है। वहीं, सब्जियों की महंगाई महीने दर महीने आधार पर -15.88 फीसदी से घटकर -18.26 फीसदी पर रही है।
अप्रैल 2025 में अंडे, मांस, मछली की WPI मार्च के 0.71 फीसदी से घटकर -0.29 फीसदी पर रही है। वहीं, प्याज की थोक महंगाई 26.65 फीसदी से घटकर 0.20 फीसदी पर रही है। अप्रैल 2025 में आलू की थोक महंगाई मार्च के -6.77 फीसदी से घटकर -24.30 फीसदी पर रही है। इसा तरह मैन्युफैक्चर्ड चीजों की थोक महंगाई दर मार्च के 3.07 फसीदी से घटकर 2.62 फीसदी पर रही है।
अप्रैल 2025 में फ्यूल और पावर की WPI मार्च के 0.2 फीसदी से घटकर -2.18 फीसदी पर रही है। जबकि प्राइमरी आर्टिकल की थोक महंगाई ( WPI) 0.76 फीसदी से घटकर -1.44 फीसदी पर रही है। इसी तरह अप्रैल में खाने-पीने की चीजों की थोक महंगाई मार्च के 4.66 फीसदी से घटकर 2.55 फीसदी पर रही है।
रिटेल महंगाई में भी आई कमी
महंगाई के मोर्चे पर कल भी अच्छी खबर आई थी। कल 13 मई को रिटेल महंगाई के आंकड़े आए थे। इन आंकड़ों के मुताबिक रिटेल महंगाई में भी गिरावट का दौर जारी है और ये अप्रैल में जुलाई 2019 के निचले स्तर पर पहुंच गई है। अप्रैल में रिटेल महंगाई दर 3.34 फीसदी से घटकर 3.16 फीसदी रही है। इस दौरान खाद्य महंगाई में गिरावट दर्ज की गई है। खाद्य महंगाई दर 2.69 फीसदी से घटकर 1.78 फीसदी हो गई है। ग्रामीण और शहरी महंगाई में भी गिरावट देखी गई है। सब्जियां और दालें भी सस्ती हुई हैं। अप्रैल में ग्रामीण महंगाई मार्च के 3.25 फीसदी से घटकर 2.92 फीसदी पर रही है। वहीं, शहरी महंगाई 3.43 फीसदी से घटकर 3.36 फीसदी पर रही है। इस अवधि में सब्जियों की रिटेल महंगाई -7.04 फीसदी से घटकर -10.98 फीसदी पर रही है। जबकि दालों की रिटेल महंगाई मार्च के-2.73 फीसदी से घटकर -5.23 पीसदी पर रही है।