एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में हिस्सेदारी बेच सकते हैं शीर्ष हेल्थकेयर इनवेस्टर्स Orbimed और CDC Group

Orbimed और CDC Group ने AIMS में क्रमशः 2014 और 2018 में निवेश किया था। दोनों इनवेस्टर्स का भारत के हेल्थकेयर सेक्टर में खासा निवेश है

अपडेटेड Apr 03, 2022 पर 8:38 AM
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Orbimed और CDC दोनों की हॉस्पिटल चेन में लगभग 47-48 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी फाउंडर डॉ. एनआर पांडे की अगुआई वाले प्रमोटर ग्रुप के पास है

Asian Institute of Medical Sciences : अमेरिका के हेल्थकेयर फोकस्ड इक्विटी फंड ऑर्बिम्ड (equity fund Orbimed) और ब्रिटेन के डेवलपमेंट फाइनेंस इंस्टीट्यूशन सीडीसी ग्रुप (CDC Group Plc) उत्तर भारत पर केंद्रित सुपर स्पेशियल्टी हॉस्पिटल चेन एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIMS) से बाहर निकलने पर विचार कर रहे हैं। AIMS का संचालन सैफायर हेल्थकेयर (Sapphire Healthcare) प्रा. लि. द्वारा किया जाता है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले इंडस्ट्री से जुड़े कई सूत्रों ने मनीकंट्रोल को यह बात बताई है।

इनवेस्टर्स की है कितनी स्टेक

एक सूत्र ने कहा, ये दोनों इनवेस्टर्स निकलने पर विचार कर रहे हैं और प्रस्तावित ट्रांजेक्शन के तहत एक बड़ी माइनॉरिटी स्टेक बेची जाएगी।

Orbimed और CDC दोनों की हॉस्पिटल चेन में लगभग 47-48 फीसदी हिस्सेदारी है। बाकी हिस्सेदारी फाउंडर डॉ. एनआर पांडे की अगुआई वाले प्रमोटर ग्रुप के पास है।

एक अन्य सूत्र ने कहा कि अगर प्रमोटर ग्रुप भी हिस्सेदारी बेचने पर विचार करता है तो संभावित रूप से यह डिसइनवेन्टमें कंट्रोलिंग स्टेक के लिए भी हो सकता है और इस पर अंतिम फैसला वैल्युएशन के आधार पर लिया जाएगा।


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मेजॉरिटी स्टेक बेचने पर भी हो सकता है विचार

एक तीसरे सूत्र ने बताया, “अभी तक मई में डील करने की योजना है। अगर मेजॉरिटी स्टेक बेचने पर विचार किया जाता है तो एक दक्षिण या पश्चिम में ऑपरेट कर रही कंपनी इस डील में दिलचस्पी ले सकती है, क्योंकि यह एसेट उत्तर भारत में बेस्ड है। दूसरे क्षेत्रों की तुलना में, ऐसा अक्सर नहीं होता है कि उत्तर में स्थित एसेट की बिक्री के लिए पेशकश हो।”

सफल रहा है कंपनी का बिजनेस मॉडल

एक अन्य सूत्र ने भी दोनों इनवेस्टर्स के बाहर निकलने की योजना की पुष्टि की और कहा कि ऐसे बाजारों में संचालन करना चुनौतीपूर्ण होता है, जहां AIMS परिचालन करती है।

AIMS हॉस्पिटल चेन से जुड़े एक सूत्र ने कहा, टीम डॉक्टरों के जुड़ाव और प्राइसिंग के लिहाज से सफल होने में कामयाब रही है और उसका मॉडल सही है। ब्रांडिंग और रिटर्न भी अच्छा है।

इस संबंध में AIMS और Orbimed को भेजे गए ईमेल्स पर कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है। संपर्क करने पर CDC Group ने “बाजार की अटकलबाजी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।”

उत्तर भारत में है अच्छी मौजूदगी

AIMS की दिल्ली/एनसीआर, यूपी, झारखंड और बिहार में लगभग 1,300 बिस्तर के साथ अच्छी मौजूदगी है। उसकी मुख्य ब्रांच फरीदाबाद में है और इसमें 420 बिस्तर हैं।

2014 की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Orbimed ने AIMS में 100 करोड़ रुपये निवेश किए थे। चार साल बाद वर्ष 2018 में, सीडीसी ग्रुप ने फंडिंग के नए राउंड के तहत 140 करोड़ रुपये लगाए हैं।

AIMS की वेबसाइट के मुताबिक, वह 10 लोकेशंस पर 24 से ज्यादा स्पेशियल्टी सेवाएं देती है। उसके पास 1,100 से ज्यादा डॉक्टर और 4,500 से ज्यादा प्रशिक्षित स्टाफ है।

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