Asian Markets : मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष से निवेशक जोखिम उठाने से बच रहे हैं। इसके चलते एशियाई स्टॉक्स में दूसरे दिन भी गिरावट देखने को मिल रही है। MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स 2% तक गिर गया है। ईरान पर US और इज़राइल के हमलों के बाद एशियाई बाजार 11 महीनों के अपने सबसे खराब दौर के ट्रैक पर नजर आ रहे हैं। साउथ कोरिया के बाजार में सबसे ज्यादा कमजोरी दिख रही है। छुट्टी से लौटने के बाद ये 5 फीसदी से ज़्यादा गिर गया और प्रोग्राम ट्रेडिंग के लिए कुछ समय के लिए सेल-ऑर्डर रोक दिए गए।
सिंगापुर में वैंटेज पॉइंट एसेट मैनेजमेंट के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर निक फेरेस का कहना है कि बाजार की नजर इस बात पर है कि मिडिल ईस्ट में चल रही लड़ाई कितनी देर तक खिंचेगी और दूसरे बाजारों पर इसका क्या असर होगा। कल की ट्रेडिंग से संकेत मिलता है कि बाजार ये मानकर चल रहा है कि ये लड़ाई बहुत लंबी नहीं चलेगी। हालांकि इसके बारे में इतनी आसानी से कुछ कहना मुश्किल है।
इस बीच ईरान ने सऊदी की राजधानी रियाद में US एम्बेसी पर हमला करके अपने जवाबी हमले तेज़ कर दिए हैं। इसने होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह बंद करने की भी धमकी दी है जो तेल और गैस की आवाजाही के लिए एक अहम नौवहन रूट है। सोमवार को 7% से ज़्यादा उछलने के बाद ब्रेंट 79 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर दिख रहा है।
उतार-चढ़ाव की वजह से कुछ इन्वेस्टर्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर मचे घमासान के बाद हॉट मार्केट और टेक्नोलॉजी जैसे सेक्टर में मुनाफावसूली करते दिख रहे हैं। ऐसे में सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स, SK हाइनिक्स और TSMC जैसी बड़ी कंपनियों में काफी गिरावट देखने को मिली है।
हालिया कमजोरी के बावजूद कोरिया का कोस्पी और ताइवान का ताइएक्स इंडेक्स इस साल 42% और 20% ऊपर हैं। ये दुनिया के सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले बाजारों में शामिल हैं।
पेपरस्टोन ग्रुप के रिसर्च स्ट्रैटेजिस्ट दिलिन वू ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में ट्रांसपोर्ट में बाधा जारी रहती हैं तो इसका असर एशियाई बाजारों पर पड़ सकता है जो रिकॉर्ड ऊंचाई पर ट्रेड कर रहे हैं। सप्लाई में और कमी आने से लागत तेज़ी से बढ़ सकती है,कॉर्पोरेट मार्जिन कम हो सकते हैं और महंगाई बढ़ सकती है। इससे इक्विटी जैसे रिस्क एसेट्स पर दबाव पड़ सकता है।
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।