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आठ आने का माल दो रुपए में खरीदने से बचें, अगली रैली में खत्म हो सकता है HDFC बैंक का बुरा दौर

बाजार पर बात करते हुए मनीष ने कहा कि देश में कोविड के बाद या बूम अब हल्का पड़ रहा है। एक्सपोर्ट भी डाउन हुआ है। इसके अलावा भारत सरकार डेवलपमेंट में पर जो खर्च कर रही थी वो भी इस चुनाव के बाद कम हुआ है और सरकार सोशल वेलफेयर पर ज्यादा फोकस कर रही है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 21, 2024 पर 12:54 PM
आठ आने का माल दो रुपए में खरीदने से बचें, अगली रैली में खत्म हो सकता है HDFC बैंक का बुरा दौर
मनीष ने कहा कि हमें अलग-अलग बुल मार्केट में अलग-अलग लीडर देखने को मिले है। अब बैंक बाजार में आने वाली अगली तेजी को लीड कर सकते हैं

देश में दिवाली की धूम शुरू हो गई। बाजार भी दिवाली की तैयारियों जुट गया है। आपके मन में भी यही सवाल होगा कि अगले संवत में कमाई के लिए कहां फोकस करना है। US में राष्ट्पति चुनाव, मिडिल ईस्ट संकट, FIIs की बिकवाली के माहौल में किन सेक्टर्स पर ध्यान देना है। आपके सवालों को सुलझाने,आपकी दिवाली को रोशन बनाने और दिवाली पर कमाई की थीम पर चर्चा के लिए आज सीएनबीसी-आवाज के साथ एनाम होल्डिंग के डायरेक्टर मनीष चोखानी जुड़े।

बाजार पर बात करते हुए मनीष ने कहा कि देश में कोविड के बाद या बूम अब हल्का पड़ रहा है। एक्सपोर्ट भी डाउन हुआ है। इसके अलावा भारत सरकार डेवलपमेंट में पर जो खर्च कर रही थी वो भी इस चुनाव के बाद कम हुआ है और सरकार सोशल वेलफेयर पर ज्यादा फोकस कर रही है। ऐसे में अर्निंग ग्रोथ के तीनों अहम इंजनों का गति थोड़ी कम हो गई है।

बाजार भी कोविड के लो 7000 के आसपास से तीन गुना से ज्यादा बढ़कर करीब 25000 के आसपास दिख रहा है। आमतौर पर बाजार 15 फीसदी की कम्पाउंडिंग रेट से बढ़कर करीब 5 साल में दो गुना होता है। लेकिन हमने पिछले तीन साल में ही ये उपलब्धि हासिल कर ली ऐसे में बाजार में अब कंसोलीडेशन और करेक्शन समवाभाविक है। ध्यान में रखें की बाजार में 8 आने का माल 2 रुपए में मिले तो हमें ये मान लेना चाहिए की हर साल कमाई का नहीं होता। कोई साल कमाई को संभाल कर चुपचाप बैठने का होता है। शायद नया साल ऐसा ही एक साल हो। जब तक अर्निंग ग्रोथ फिर से रफ्तार नहीं पकड़ती तब तक हमें शांति से बैठे रहना होगा।

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